22 जुलाई से शिव पूजा का महीना शुरू हो गया है। जो कि 19 अगस्त तक रहेगा। ये महीना इस बार 29 दिनों का ही रहेगा। इनमें पांच सोमवार, दो प्रदोष और सावन शिवरात्रि भी रहेगी। इन तिथियों में भगवान शिव की विशेष पूजा और आराधना की जाती है। वहीं, चातुर्मास के चलते अब शादियां नहीं होंगी, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ, पूजा-पाठ चलते रहेंगे। श्रावण मास में इस बार व्रत-त्योहार वाले 14 दिन रहेंगे। सृष्टि का संभालते हैं शिव इसलिए श्रावण खास
पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि देवशयनी एकादशी से अगले चार महीने तक विवाह और अन्य शुभ काम नहीं होते हैं। इसकी वजह बताते हुए शास्त्रों के कहा गया है कि भगवान विष्णु आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी से चार महीने तक क्षीर सागर में योग निद्रा में रहते हैं। इस दौरान भगवान शिव सृष्टि का संभालने का काम करते हैं। इसलिए भी श्रावण महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा का विधान है।
पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि देवशयनी एकादशी से अगले चार महीने तक विवाह और अन्य शुभ काम नहीं होते हैं। इसकी वजह बताते हुए शास्त्रों के कहा गया है कि भगवान विष्णु आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी से चार महीने तक क्षीर सागर में योग निद्रा में रहते हैं। इस दौरान भगवान शिव सृष्टि का संभालने का काम करते हैं। इसलिए भी श्रावण महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा का विधान है।