सीक्रेट सर्विस ने नहीं बढ़ाई थी ट्रम्प की सिक्योरिटी:दो साल से हो रही थी मांग, सीक्रेट सर्विस डायरेक्टर किम्बर्ली की पेशी आज

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सीक्रेट सर्विस ने स्वीकार किया है कि उसने ट्रम्प की सुरक्षा बढ़ाने से जुड़ी मांग को खारिज कर दिया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक सीक्रेट सर्विस ने कहा कि ट्रम्प की टीम ने पिछले हफ्ते उन पर हुए हमले के दो साल पहले से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग कर रही थी। पिछले हफ्ते डोनाल्ड ट्रम्प पर पेंसिलवेनिया के बटलर शहर में एक रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ था। 20 साल के हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स ने असॉल्ट राइफल से ट्रम्प के ऊपर 8 राउंड फायर किए थे। इस हमले के बाद से रिपब्लिकन पार्टी और लॉ इंफोर्समेंट से जुड़े कई लोग सीक्रेट सर्विस पर यह आरोप लगा रहे थे कि उसने ट्रम्प की सुरक्षा बढ़ाने की मांग को ठुकरा दिया था। अब तक एजेंसी ऐसे दावों को खारिज करती आ रही था। पहले कहा- सुरक्षा की मांग नहीं की खारिज
ट्रम्प पर हमले के एक दिन बाद ही सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता एंथनी गुग्लिल्मी ने ट्रम्प के लिए अतिरिक्त सुरक्षा से जुड़ी मांग को खारिज करने की बात को बेबुनियाद करार दिया था। शनिवार को गुग्लिल्मी ने माना कि सीक्रेट सर्विस ने ट्रम्प की सुरक्षा से जुड़ी कुछ मांगों को नकार दिया था। हालांकि गुग्लिल्मी ने बताया कि इन मांगों का पिछले हफ्ते पेंसिलवेनिया में ट्रम्प पर हुए हमले से कोई संबंध नहीं है। सीक्रेट सर्विस से जुड़े कुछ लोगों ने नाम न बताए जाने की शर्त पर न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि ट्रम्प के राष्ट्रपति पद से हटने के बाद से ही उनकी टीम के दो सदस्यों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। पेंसिलवेनिया में हमले से पहले सुरक्षा बढ़ाने का दावा
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि उन्होंने पेंसिलवेनिया में ट्रम्प पर हुए हमले से पहले उनकी सुरक्षा को बढ़ाया था। एजेंसियों का दावा है कि उन्हें ईरान की तरफ से ट्रम्प पर हमला कराने से जुड़ी गुप्त जानकारी मिली थी। शनिवार को द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक बयान में गुग्लिल्मी ने कहा कि सीक्रेट सर्विस खतरों से भरे हुए माहौल में काम करती है। ऐसे में जब सीक्रेट अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया नहीं करा पाई, तब उन हालातों में उसने ट्रम्प की सुरक्षा के लिए स्थानीय एजेंसियों की मदद से सुरक्षा को सुनिश्चित किया या अपने प्लान में बदलाव करके ट्रम्प के एक्सपोजर को कम किया। सीक्रेट सर्विस की डायरेक्टर की मुश्किलें बढ़ीं
गुग्लिल्मी के इस बयान ने साफ कर दिया है कि सीक्रेट सर्विस ने ट्रम्प की सुरक्षा बढ़ाने से जुड़ी मांगों को खारिज किया था। ऐसे में इस बयान के बाद सीक्रेट सर्विस की डायरेक्टर किम्बर्ली चीटल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किम्बर्ली डोनाल्ड ट्रम्प की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर आज हाउस कमेटी ऑन ओवरसाइट एंड अकाउंटिबिलटी यानी निरीक्षण और जवाबदेही के लिए बनी सदन समिति के सामने पेश होंगी। न्ययॉर्क टाइम्स के मुताबिक किम्बर्ली ट्रम्प पर हुए हमले के बाद से सवालों के घेरे में हैं। रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े नेता लगातार उन पर हमलावर बने हुए है। चीटल के ऊपर हमले के बाद से स्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। हमले की जगह सिक्योरिटी जोन में शामिल नहीं थी
ट्रम्प के ऊपर हमलावर ने जिस वेयर हाउस की छत से गोली चलाई थी, उसे सीक्रेट सर्विस ने सिक्योरिटी जोन में शामिल नहीं किया था। ये वेयर हाउस ट्रम्प के मंच से सिर्फ 400 फीट की दूरी पर था, ऐसे में इसे लेकर भी सीक्रेट सर्विस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक सीक्रेट सर्विस पर इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहा है कि जब उसे मालूम था कि सुरक्षा एजेंसिया भीड़ में एक सदिग्ध की तलाश कर रही है, तो उसने ट्रम्प को मंच पर क्यों आने दिया। हमले से पहले क्रूक्स रैली में खुलेआम घूम रहा था। स्थानीय अधिकारियों ने उसके व्यवहार को देखते हुए इसकी सूचना लॉ इंफोर्समेंट के अधिकारियों तक पहुंचाई थी। ये खबरें भी पढ़ें.. ट्रम्प पर हमला- महिला एजेंट्स पर लापरवाही का आरोप:सीक्रेट सर्विस से महिलाओं को हटाने की मांग, कहा- वे छोटी और कमजोर होती हैं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात महिला स्नाइपर्स पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। लोग कह रहे हैं कि महिला स्नाइपर्स कद-काठी के हिसाब से इस काम के लिए ठीक नहीं हैं। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कंजरवेटिव्स का मानना है कि महिला एजेंट्स ने अपना काम ठीक से नहीं किया। महिलाएं छोटी और कमजोर होती हैं और पुरुषों की तुलना में उनका वजन भी ज्यादा होता है। ये ट्रम्प जैसे किसी लंबे शख्स की हिफाजत नहीं कर सकतीं। फ्लोरिडा के रिपब्लिकन प्रतिनिधि कोरी मिल्स ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में आरोप लगाया कि बाइडेन सरकार में सीक्रेट सर्विस में महिलाओं की खूब भर्तियां हुई हैं। सीक्रेट सर्विस एजेंट्स जैसी अहम भर्तियां भी विविधता और समानता के आधार पर हो रही हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… क्या ट्रम्प ने रची खुद पर गोली चलवाने की साजिश:आरोप- चुनावी फायदे के लिए कराया हमला, 3 वजह जो इस दावे को खारिज करती हैं अमेरिका में 13 जुलाई को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर एक चुनावी रैली में गोलियां चलीं। 20 साल के हमलावर ने 400 फीट दूर से 8 राउंड गोलियां फायर कीं। इनमें से एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान को चीरते हुए निकल गई। पूर्व राष्ट्रपति का चेहरा खून से सना था, फिर भी वे अपनी मुट्ठी भींचे हुए फाइट-फाइट चिल्लाते रहे। आरोपी को सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने मौके पर ही ढेर कर दिया। अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच हुए इस हमले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ ट्रम्प की पार्टी बाइडेन और डेमोक्रेट्स पर हमला करवाने के आरोप लगा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि ये हमला खुद ट्रम्प ने ही करवाया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…