सूरज रेवन्ना को यौन शोषण मामले में सशर्त जमानत मिली:केस की जांच में सहयोग करने और राज्य छोड़कर नहीं जाने का निर्देश

बेंगलुरु की एक अदालत ने सोमवार (23 जुलाई) को JDS MLC सूरज रेवन्ना को यौन शोषण मामले में सशर्त जमानत दी है। सूरज को दो लोगों की जमानत और 2 लाख रुपए का निजी बांड भरने को भी कहा गया। कोर्ट ने अपनी शर्त में कहा कि है कि सूरज को जांच में पूरा सहयोग देना होगा। जब भी जांच अधिकारी बुलाए तो आना होगा। अदालत में अपना पासपोर्ट पेश करना होगा और अदालत से लिखित अनुमति के बिना कर्नाटक से बाहर नहीं जा सकते हैं। सूरज को केस के पीड़ितों और गवाहों से दूर रहना होगा। वे किसी भी तरह से उनसे संपर्क नहीं करेंगे। महीने के हर दूसरे रविवार को जांच अधिकारी के सामने पेश होगा। 6 महीने की अवधि के लिए या चार्जशीट दाखिल होने तक (जो भी पहले हो) सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। साथ ही दूसरे किसी क्राइम से बचना होगा। सूरज के पिता को प्रज्वल रेवन्ना के यौन शोषण के मामले की पीड़िता को कथित तौर पर अपहरण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वे जमानत पर हैं। वहीं, सूरज की मां भवानी रेवन्ना ने इसी मामले में अग्रिम जमानत पर हैं। यह है पूरा मामला
सूरज रेवन्ना को हासन पुलिस ने 23 जून को गिरफ्तार कर किया था। पार्टी के एक कार्यकर्ता ने 22 जून को सूरज पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने सूरज के खिलाफ IPC (अब BNS) की धारा 377, 342, 506 के तहत केस दर्ज किया था। पीड़ित का आरोप था कि 16 जून को सूरज रेवन्ना ने मुझे गन्निकाडा में फार्महाउस पर बुलाया था। शाम करीब 6.15 बजे मैं फार्म हाउस पहुंचा था। वहां सूरज ने मेरे साथ गंदी हरकत की थी। रोकने पर जान से मारने की धमकी देकर मेरे साथ अननेचुरल सेक्स किया था। 25 जून को सूरज के राइट हैंड कहे जाने वाले पार्टी कार्यकर्ता ने भी हासन जिले के होलेनरसिपुरा पुलिस थाने में सूरज के खिलाफ अननेचुरल सेक्स का केस दर्ज करवा था। पहले इसी युवक ने सूरज का बचाव किया था। सूरज का भाई प्रज्वल ज्यूडिशल कस्टडी में, रेप के 3 केस
पार्टी वर्कर्स और मेड से रेप के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना को 31 मई को बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल प्रज्वल ज्यूडिशल कस्टडी में है। प्रज्वल के खिलाफ रेप, छेड़छाड़, ब्लैकमेलिंग और धमकी देने के आरोपों में तीन FIR दर्ज हैं। कोर्ट ने पहले उसे 6 जून तक SIT की हिरासत में भेजा। 6 जून को उनकी पुलिस कस्टडी 10 जून तक बढ़ा दी गई। फिर 10 जून को बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें 24 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उसकी न्यायिक हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी गई थी। इसी मामले में प्रज्वल के पिता एचडी रेवन्ना को भी अरेस्ट किया गया था। वे फिलहाल अंतरिम जमानत पर हैं। यह खबर भी पढ़ें… सूरज ने पहले पैर दबवाए, फिर अननेचुरल सेक्स किया: पैसे-नौकरी का लालच देता था प्रज्वल का भाई, CID की सिक्योरिटी में विक्टिम​​​​​​​ ‘मैं पहली बार सूरज रेवन्ना से लोकसभा चुनाव के वक्त मिला था। उसकी पार्टी JD(S) का कार्यक्रम था। उसने मेरा काम देखा और तारीफ करने लगा। मेरा फोन नंबर लिया और अपना विजिटिंग कार्ड दिया। 14 जून की शाम उसने लव इमोजी के साथ मुझे मैसेज भेजा। इसके बाद हमारी बातचीत शुरू हो गई। 16 जून को उसने मुझे गन्निकाडा में फार्महाउस पर बुलाया।’ पूरी खबर पढ़ें…