सेहतनामा- किमची खाकर बीमार हुए एक हजार लोग:यह फर्मेंटेड कोरियन डिश पूरी दुनिया में पॉपुलर, क्या हैं फूड फर्मेंटेशन के फायदे-नुकसान

दक्षिण कोरिया के नामवोन शहर से फूड पॉइजनिंग के लगभग एक हजार मामले सामने आए हैं। इतनी बड़ी संख्या में बीमार हुए लोग नोरोवायरस से इन्फेक्टेड थे। यह बहुत संक्रामक वायरस है, जो फूडबोर्न डिजीज का कारण बन सकता है। यह दूषित सतहों के जरिए आसानी से फैल सकता है। नोरोवायरस संक्रमण की वजह कोरियाई फूड किमची (kimchi) को बताया गया है। किमची कोरिया का एक पारंपरिक भोजन है, जो फर्मेंटेशन से तैयार किया जाता है। हालांकि अब यह भारत समेत पूरी दुनिया में काफी पॉपुलर है। आमतौर पर फर्मेंटेड फूड सेहत के लिए अच्छा होता है। इस मामले में वजह लापरवाही बताई जा रही है। दुनियाभर में फर्मेंटेड फूड का बहुत पुराना इतिहास है। सभी देशों और संस्कृतियों में फर्मेंटेड फूड खूब चाव से खाए जाते हैं। भारत में भी सिरका, ढोकला, कांजी, कोंबूचा, अचार, दही और छाछ जैसे फर्मेंटेड फूड हमारे भोजन का प्रमुख हिस्सा हैं। फर्मेंटेड फूड जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही सेहतमंद भी। बेहतर गट हेल्थ के दावों से ही किमची को पूरी दुनिया में खास पहचान मिली है। इसलिए आज ‘सेहतनामा’ में बात करेंगें फर्मेंटेड फूड की। साथ ही जानेंगे कि- फर्मेंटेड फूड खाने वाले जीते हैं लंबी जिंदगी जब इंसान ने फर्मेंटेड शराब बनानी सीखी, उससे बहुत पहले से फर्मेंटेड फूड लोगों की डाइट का हिस्सा थे। दूध प्राकृतिक रूप से 10 हजार ईसा पूर्व में ही फर्मेंट करके खाया जाने लगा था। दूध में प्राकृतिक रूप से माइक्रोफ्लोरा होता है, जो इसे फर्मेंट करके दही बना देता है। पहले तो दूध नेचुरली फर्मेंट होता रहा। फिर लोगों ने स्वाद के लिए दूध में जामन (थोड़ा दही) मिलाकर दही बनाना शुरू कर दिया। धीरे-घीरे यह हमारी डाइट का अहम हिस्सा बनता गया। हालांकि 1900 से पहले तक लोग इसके फायदे नहीं जानते थे। साल 1900 के करीब एक रूसी बैक्टीरियोलॉजिस्ट एली मेचनिकॉफ ने देखा कि बुल्गारियाई लोगों की औसत लाइफ एक्सपेक्टेंसी 87 वर्ष थी। यह फैक्ट चौंकाने वाला था क्योंकि उस समय पूरी दुनिया की एवरेज लाइफ एक्सपेक्टेंसी 50 साल से भी कम थी। जब उन्होंने इसके पीछे का कारण खोजना शुरू किया तो पता चला कि बुल्गेरियाई लोग अपने भोजन में फर्मेंटेड फूड को खूब शामिल करते हैं। यही उनकी लंबी और स्वस्थ जिंदगी का राज है। तब जाकर लोगों को पता चला कि फर्मेंटेड फूड कितने फायदेमंद होते हैं। फर्मेंटेड फूड खाने के क्या फायदे हैं? फर्मेंटेड फूड के कई हेल्थ बेनिफिट्स होते हैं। असल में फर्मेंटेड फूड अक्सर सामान्य भोजन की तुलना में अधिक पौष्टिक होते हैं। आइए ग्राफिक में देखते हैं, इसके फायदे: अब इन पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं: डाइजेस्टिव हेल्थ में सुधार होता है नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, फर्मेंटेशन के दौरान पैदा हुए प्रोबायोटिक्स हमारे पेट में अनुकूल बैक्टीरिया के संतुलन को बेहतर करने में मदद करते हैं और डाइजेस्टिव हेल्थ को बेहतर कर सकते हैं। प्रोबायोटिक्स इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) के अन्कंफर्टेबल लक्षणों को कम कर सकते हैं। इससे दस्त, इंफ्लेमेशन, गैस और कब्ज की समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग होता है हमारे गट बैक्टीरिया हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, हाई प्रोबायोटिक फूड सामान्य सर्दी जैसे संक्रमण के जोखिम को कम कर सकते हैं। प्रोबायोटिक्स हमें कई बीमारियों से उबरने में भी मदद कर सकते हैं। ज्यादातर फर्मेंटेड फूड में विटामिन C, आयरन और जिंक से भरपूर होते हैं। ये सभी स्ट्रॉन्ग इम्यून सिस्टम बनाने में मदद करते हैं। पाचन आसान बनाता है नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, फर्मेंटेशन खाने में मौजूद कई पोषक तत्वों को ब्रेक करने में मदद करता है। इसलिए अगर डेली डाइट के साथ फर्मेंटेड फूड खाए जाएं तो इससे पाचन आसान हो जाता है। उदाहरण के तौर पर देखें तो दूध में नेचुरल शुगर लैक्टोज होता है। फर्मेंटेशन के दौरान यह सिंपल शुगर में बदल जाता है। फर्मेंटेशन एंटीन्यूट्रिएंट्स को भी ब्रेक कर सकता है। इससे फायदेमंद न्यूट्रिएंट्स के अवशोषण में भी मदद मिलती है। मेंटल हेल्थ बेहतर होती है साल 2016 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, फर्मेंटेड फूड से एंग्जायटी और डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार हो सकता है। यह सुधार प्रोबायोटिक्स के स्ट्रेन्स लैक्टोबैसिलस हेल्वेटिकस और बिफीडोबैक्टीरियम लोंगम की मौजूदगी से होता है। ये दोनों प्रोबायोटिक स्ट्रेन्स फर्मेंटेड फूड में मौजूद होते हैं। वेट लॉस में मदद मिलती है साल 2013 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, प्रोबायोटिक स्ट्रेन्स- लैक्टोबैसिलस रमनोसस और लैक्टोबैसिलस गैसेरी की मदद से वेट लॉस और फैट लॉस में मदद मिलती है। हालांकि, इस फैक्ट को अधिक पुख्ता करने के लिए अभी और स्टडीज की जरूरत है। हार्ट हेल्थ सुधरती है फर्मेंटेड फूड के सेवन से हार्ट डिजीज का जोखिम कम हो सकता है। प्रोबायोटिक्स हमारे ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL को कम करने में भी मदद करते हैं। चूंकि हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल दोनों ही हार्ट हेल्थ के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं तो इनके घटने से हार्ट डिजीज का जोखिम कम हो जाता है। क्या फर्मेंटेड फूड के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं फर्मेंटेड फूड आमतौर पर सबके लिए सेफ माने जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को इसके साइड इफेक्ट्स का भी अनुभव हो सकता है। कुछ स्टडीज इस ओर इशारा करती हैं कि फर्मेंटेड फूड में मौजूद प्रोबायोटिक्स गैस और इंफ्लेमेशन की वजह बन सकते हैं। आइए ग्राफिक्स में देखते हैं: