बारिश का मौसम कितना सुहावना लगता है न। बारिश की वो बूंदें, ठंडी हवा और साथ में गर्मागर्म चाय-पकौड़े। यही कारण है कि बारिश का मौसम ज्यादातर लोगों का फेवरेट है। बरसात को जो सबसे ज्यादा एंजॉय करते हैं, वो हैं बच्चे। बच्चों को बारिश में भीगना, गड्ढों में भरे पानी में छई-छप्पा करना, कागज की नाव चलाना बहुत अच्छा लगता है। लेकिन ये मौज-मस्ती बच्चों और उनके माता-पिता के लिए कई बार भारी पड़ सकती है। कारण है, मानसून में होने वाली बीमारियां। बच्चे बहुत सेंसिटिव होते हैं और उनकी इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। इसलिए बारिश के मौसम में उन्हें इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। मानसून हर साल अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है। इस मौसम में सर्दी-जुखाम, बुखार, खांसी, स्किन और वायरल इन्फेक्शन होना आम है। डॉक्टर्स बताते हैं कि वायरल संक्रमण बच्चों में सबसे ज्यादा फैलता है। इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य का ज्यादा ध्यान रखना जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, भारत में हर साल 0.34 करोड़ से ज्यादा लोग मानसून के दौरान पानी से होने वाली बीमारियों से प्रभावित होते हैं और इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है। तो आज ‘सेहतनामा’ में बात करेंगे बारिश के मौसम में बच्चों में होने वाले इन्फेक्शन की। साथ ही जानेंगे कि- मौसमी बदलाव से हो सकता है संक्रमण डॉक्टर्स का कहना है कि मौसमी बदलावों के कारण बच्चों में बुखार, सर्दी, बदन दर्द, खांसी के मामले देखे जाते हैं। बारिश में हर दिन वायरल के कम-से-कम 5 से 6 मामले और डेंगू के 1-3 मामले आते हैं। मानसून में वायरल इन्फेक्शन आम बीमारी मानसून भीषण गर्मी से तो राहत दिला देता है, लेकिन कई इन्फेक्शंस का खतरा भी बढ़ा देता है। इनमें वायरल इन्फेक्शन सबसे आम बीमारी है। वायरल फीवर कई वजहों से हो सकता है। मौसम में बदलाव, गंदा पानी, संक्रमित भोजन और पानी, इनमें से कुछ वजह हो सकती हैं। बड़ों के मुकाबले वायरल संक्रमण बच्चों में जल्दी फैलता है। बच्चों की कमजोर इम्यूनिटी हो सकती है इन्फेक्शन का कारण एडल्ट्स की तुलना में बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। इस वजह से बच्चे किसी भी संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं और बीमार पड़ जाते हैं। मानसून में बैक्टीरिया और वायरस का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में बच्चों को तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए आपको बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए उनकी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए। इसके साथ-साथ कई और कारण हैं, जिनकी वजह से बच्चे बीमारी को जल्दी पकड़ लेते हैं। नीचे ग्राफिक में देखिए- बच्चों को रोड साइड स्ट्रीट फूड न खाने दें बरसात में बच्चों को भीगना काफी पसंद होता है। लेकिन ज्यादा देर तक बारिश में भीगने से भी उन्हें सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पानी में भीगने से ठंड लग सकती है और वे बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए अगर आपका बच्चा भी बार-बार बारिश में भीगता है तो उसे रोकना जरूरी है। मानसून में बच्चों को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है। तो जानिए बारिश के मौसम में माता-पिता अपने बच्चों का कैसे रखें ख्याल- जैसेकि बच्चों का इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग नहीं होता है तो आपको इसे मजबूत करने के लिए खास ख्याल रखना चाहिए। उनकी हेल्दी डाइट से लेकर उनकी एक्टिवनेस तक हर बात का ध्यान रखें। नीचे पॉइंटर्स में जानें मानसून में कैसे बच्चों की इम्यूनिटी को बढ़ाया जाए-