आज (शनिवार, 21 जून) आषाढ़ शुक्ल एकादशी है, इसका नाम योगिनी है। आज शनिवार को अश्विनी नक्षत्र होने से सौम्य नाम का शुभ योग भी बन रहा है। इस योग की वजह से योगिनी एकादशी व्रत का महत्व और अधिक बढ़ गया है। सौम्य योग में किए गए शुभ काम, पूजा-पाठ जल्दी सफल होते हैं, ऐसी मान्यता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, ये व्रत जाने-अनजाने में किए पापों के फल को खत्म करता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा करें और दिनभर निराहार रहकर भगवान के मंत्रों का जप करें, भगवान की कथाएं पढ़ें-सुनें। जो लोग भूखे नहीं रह पाते हैं, उन्हें एक समय फलाहार करना चाहिए। जानिए इस एकादशी पर कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं…