इजराइल ने शनिवार को हमास की कैद से 4 बंधकों को छुड़ाया था। इसके बाद उनमें से एक बंधक एंड्री कोजलोव ने बुधवार को आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि हमास के लड़ाके उससे रोज कहते थे कि दुनिया ने उन्हें मरने के लिए छोड़ दिया है। अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक लड़ाकों ने कोजलोव का मनोबल तोड़ने के लिए रोज उससे कहा कि उसके परिवार वालों ने भी उसे मरने के लिए छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि तुम्हारी मां अब सब कुछ भूल चुकी और ग्रीस में छुट्टियां मना रही है। अब तुम्हारी मां तुम्हें नहीं जानती और न ही तुम्हें याद रखना चाहती है। कोजलोव ने बताया कि वह इस बात से इतना डर गया था कि जब शनिवार को इजराइली सेना उसे बचाने आई तो उसे लगा कि वे उन्हें मारने आए हैं। एंड्री कोजलोव ने बताया कि उससे रोज बात-बात पर मारा जाता था। इतना ही नहीं जब उन लोगों का मन नही भरता था तो वह मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। बंधकों का मेडिकल टेस्ट कराया गया
डॉ. पेसाच ने कहा कि इजराइली सेना ने जिन बंधकों को छुड़ाया था, उनका मेडिकल टेस्ट किया गया। टेस्ट रिपोर्ट में सामने आया कि उनका वजन बहुत कम हो गया और मांसपेशियां भी कमजोर हो गई हैं। डॉ. पेसाच ने कहा कि इनकी ये हालत खराब खाने, जेल की यातना और सूरज की रोशनी की कमी से हुई है। डॉ. पेसाच ने बताया कि इसका असर जल्द खत्म नहीं होगा। सबसे ज्यादा असर मानसिक तौर पर होगा। एंड्री कोजलोव अभी भी डरे हुए है। वो अब ज्यादा लोगों से बात नहीं करना चाहते हैं। इजराइल ने हमास की कैद से छुड़ाए थे बंधक
इजराइल ने हमास की कैद से शनिवार को 4 बंधकों छुड़ाया था। इजराइल ने शनिवार को दावा किया था कि उसकी सेना ने गाजा के नुसीरत शरणार्थी शिविर में फायरिंग के बीच इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन के दौरान 274 फिलिस्तीनियों की मौत भी हुई थी। इसके अलावा 400 से अधिक लोग घायल हुए थे। हालांकि इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 116 लोगों के मारे जाने की बात स्वीकार की थी। इजराइल की डिफेंस फोर्सेस ने बताया था कि ऑपरेशन में उनका एक सैनिक भी मारा गया। हमास ने बंधकों को अलग-अलग जगहों पर छिपाया था
इजराइल डिफेंस फोर्सेस के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा था कि बंधकों को छुड़ाने का ऑपरेशन काफी मुश्किल और जोखिम भरा था। हमास ने इजराइली नागरिकों को सेंट्रल गाजा के नुसीरत इलाके में 2 अलग-अलग जगहों पर छिपा कर रखा था। इनकी रिहाई के लिए डिफेंस फोर्सेस ने जमीन, हवा और समुद्र से हमले किए थे।
डॉ. पेसाच ने कहा कि इजराइली सेना ने जिन बंधकों को छुड़ाया था, उनका मेडिकल टेस्ट किया गया। टेस्ट रिपोर्ट में सामने आया कि उनका वजन बहुत कम हो गया और मांसपेशियां भी कमजोर हो गई हैं। डॉ. पेसाच ने कहा कि इनकी ये हालत खराब खाने, जेल की यातना और सूरज की रोशनी की कमी से हुई है। डॉ. पेसाच ने बताया कि इसका असर जल्द खत्म नहीं होगा। सबसे ज्यादा असर मानसिक तौर पर होगा। एंड्री कोजलोव अभी भी डरे हुए है। वो अब ज्यादा लोगों से बात नहीं करना चाहते हैं। इजराइल ने हमास की कैद से छुड़ाए थे बंधक
इजराइल ने हमास की कैद से शनिवार को 4 बंधकों छुड़ाया था। इजराइल ने शनिवार को दावा किया था कि उसकी सेना ने गाजा के नुसीरत शरणार्थी शिविर में फायरिंग के बीच इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इस ऑपरेशन के दौरान 274 फिलिस्तीनियों की मौत भी हुई थी। इसके अलावा 400 से अधिक लोग घायल हुए थे। हालांकि इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 116 लोगों के मारे जाने की बात स्वीकार की थी। इजराइल की डिफेंस फोर्सेस ने बताया था कि ऑपरेशन में उनका एक सैनिक भी मारा गया। हमास ने बंधकों को अलग-अलग जगहों पर छिपाया था
इजराइल डिफेंस फोर्सेस के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने कहा था कि बंधकों को छुड़ाने का ऑपरेशन काफी मुश्किल और जोखिम भरा था। हमास ने इजराइली नागरिकों को सेंट्रल गाजा के नुसीरत इलाके में 2 अलग-अलग जगहों पर छिपा कर रखा था। इनकी रिहाई के लिए डिफेंस फोर्सेस ने जमीन, हवा और समुद्र से हमले किए थे।