हरियाणा में रोहतक के शहीद पायलट लोकेंद्र सिंह सिंधु (32) गुरुवार (10 जुलाई) को पंचतत्व में विलीन हो गए। सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई ज्ञानेंद्र सिंधु ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों ने जय हिंद के नारे लगाए। लोकेंद्र कल (9 जुलाई) राजस्थान के चुरू में जगुआर फाइटर जैट क्रैश में को-पायलट समेत शहीद हो गए थे। गुरुवार को करीब 6 बजे उनकी पार्थिव देह घर पहुंची। जिसके बाद पत्नी डॉ. सुरभि ने एक महीने के बेटे के साथ शहीद पति के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद श्मशान घाट में वायुसेना ने उन्हें तिरंगा और कैप सौंपी, जिसे सुरभि ने माथे से लगाया। इससे पहले शहीद के बड़े भाई ज्ञानेंद्र बहन अंशी का हाथ पकड़कर कहते रहे कि लोकेंद्र को स्माइल के साथ अंतिम विदाई देंगे। लोकेंद्र एयरफोर्स में पायलट के तौर पर भर्ती हुए थे, लेकिन अब स्क्वॉड्रन लीडर थे। शादी के साढ़े 4 साल बाद एक महीने पहले ही 10 जून को वह बेटे के पिता बने थे। शहीद होने से पहले उन्होंने वीडियो कॉल पर बेटे का चेहरा देखा था। लोकेंद्र और उनकी बहन अंशी एक ही पद पर तैनात थे, लेकिन बहन रिटायर हो चुकी हैं। जीजा अब भी विंग कमांडर हैं। शहीद पायलट लोकेंद्र की अंतिम विदाई के PHOTOS… शहीद की अंतिम विदाई से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…