हिजबुल्लाह का इजराइल पर हमला, 320 रॉकेट दागे:11 मिलिट्री बेस को निशाना बनाया; इजराइल ने एयरपोर्ट बंद किए, नेतन्याहू ने कैबिनेट की बैठक बुलाई

हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 320 मिसाइलों और ड्रोन्स से हमला किया है। कतर के मीडिया हाउस अलजजीरा के मुताबिक ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने बताया कि रविवार को उसने इजराइल के 11 सैन्य ठिकानों पर 320 कत्यूशा रॉकेट फायर किए। हिजबुल्लाह ने यह हमला अपने टॉप कमांडर फुआद शुक्र की मौत का बदला लेने के लिए किया। दरअसल, इजराइल ने 30 जुलाई को बेरूत में एक एयरस्ट्राइक कर हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर को मार गिराया था। दूसरी तरफ, हिजबुल्लाह के हमले के बाद इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी। राजधानी तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट को बंद करते हुए आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स को 90 मिनट के लिए रोक दिया गया। हालांकि, बाद में ​​​​​सेवाएं वापस शुरू कर दी गईं। लेबनान और इजराइल के बीच हमले उस वक्त हुए हैं जब गाजा में जारी जंग को रोकने के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में बैठक चल रही है। व्हाइट हाउस बोला- अमेरिका इजराइल को सुरक्षित रखने में मदद करेगा
हिजबुल्लाह ने सुबह-सुबह इजराइल पर हमला किया। इस दौरान अमेरिका में रात थी। बाइडेन रातभर से हालातों पर नजर बनाए रखे हुए हैं। उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ मीटिंग की है। वहीं, व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका, इजराइल को सुरक्षित रखने में उनकी मदद करता रहेगा। दावा- इजराइली सैनिकों ने गाजा की मस्जिद में कुरान जलाई
हमास ने शनिवार को इजराइली सैनिकों पर गाजा की एक मस्जिद में कुरान जलाने का आरोप लगाया है। अलजजीरा के मुताबिक, हमास ने अरब और मुस्लिम देशों से इजराइली सैनिकों की इस हरकत की निंदा करने की अपील की है। हमास ने कहा, “इजराइली सैनिकों का कुरान जलाना और मस्जिदों को तबाह करना चरमपंथी रवैया दिखाता है। यह फिलिस्तीन की पहचान और उसकी पवित्रता से जुड़ी किसी भी चीज के लिए उनके फासीवादी सोच का सबूत है।” हमास ने कहा कि समय आ गया है कि दुनिया के आजाद लोग साथ आकर फिलिस्तीन में मुस्लिम और ईसाई धर्म से जुड़े पवित्र स्थलों की रक्षा करें। उन्हें गाजा पट्टी पर विनाशकारी जंग को खत्म करने के लिए एकजुट होना होगा। ‘इजराइल की लड़ाई फिलिस्तीन नहीं इस्लाम के खिलाफ’
अमेरिका और इस्लामिक संबंधों के लिए बनी काउंसिल से कहा कि कुरान को जलाना और मस्जिद को तबाह करना इस बात का सबूत है कि इजराइल की लड़ाई सिर्फ फिलिस्तीनी नागरिक नहीं बल्कि इस्लाम के भी खिलाफ है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से इसकी निंदा करने की अपील की है। साथ ही इजराइल को जंग में मिल रहे अमेरिकी हथियारों की सप्लाई भी रोकने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ सैनिकों के कुराने जलाने पर अब तक इजराइल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।