1 जुलाई से आप फोनपे, क्रेड, बिलडेस्क जैसी फिनटेक कंपनियों के जरिए 26 बैंकों के क्रेडिट कार्ड का पेमेंट नहीं कर पाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि, 30 जून के बाद सभी क्रेडिट कार्ड पेमेंट एक सेंट्रलाइज्ड बिलिंग नेटवर्क भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) के माध्यम से प्रोसेस होंगे। इसके लिए बैंकों को BBPS कंप्लायंस इनेबल करना होगा। अभी तक कुल 34 में से 8 बैंकों ने ही BBPS कंप्लायंस इनेबल किया है। 26 बैंकों ने इसे इनेबल नहीं किया है। इन 26 बैंकों में HDFC, ICICI और एक्सिस भी शामिल है, जिसने 5 करोड़ से ज्यादा क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। इसमें HDFC बैंक के 2 करोड़ क्रेडिट कार्ड, ICICI बैंक के 1.7 करोड़ और एक्सिस बैंक के 1.4 करोड़ क्रेडिट कार्ड शामिल हैं। टॉप 10 में से 5 बैंकों के क्रेडिट कार्ड में BBPS एक्टिव पेमेंट इंडस्ट्री ने समय-सीमा बढ़ने की मांग की
इकॉनोमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पेमेंट इंडस्ट्री ने 90 दिन तक समय-सीमा बढ़ने की मांग की है। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले में RBI के पास याचिका दायर की है। हालांकि, अभी तक रेगुलेटर ने इसपर कोई भी फैसला नहीं लिया है। NPCI ने बनाया BBPS
UPI और RuPay की तरह BBPS को भी नेशनल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बनाया है। भारत बिल-पे एक इंटरफेस है, जो क्रेड, फोनपे, बिलडेस्क, भीम, पेटीएम, मोबिक्विक जैसे ऐप पर मौजूद है। इसके जरिए एक ही प्लेटफॉर्म पर सारे बिल का पेमेंट किया जा सकता है। विदेश में क्रेडिट कार्ड के जरिए 7 लाख से ज्यादा खर्च पर लग सकता है 20% टैक्स
विदेश में क्रेडिट कार्ड से खर्च टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) के दायरे में आ सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘विदेश जाने वाले भारतीयों की संख्या बढ़ने के साथ ही क्रेडिट कार्ड से खर्च भी बढ़ रहा है। ऐसे में रिजर्व बैंक लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम में बदलाव पर काम कर रहा है। इसे लागू किया गया तो क्रेडिट कार्ड से 7 लाख से ज्यादा खर्च करने वालों को 20% TCS देना होगा।
इकॉनोमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पेमेंट इंडस्ट्री ने 90 दिन तक समय-सीमा बढ़ने की मांग की है। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस मामले में RBI के पास याचिका दायर की है। हालांकि, अभी तक रेगुलेटर ने इसपर कोई भी फैसला नहीं लिया है। NPCI ने बनाया BBPS
UPI और RuPay की तरह BBPS को भी नेशनल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बनाया है। भारत बिल-पे एक इंटरफेस है, जो क्रेड, फोनपे, बिलडेस्क, भीम, पेटीएम, मोबिक्विक जैसे ऐप पर मौजूद है। इसके जरिए एक ही प्लेटफॉर्म पर सारे बिल का पेमेंट किया जा सकता है। विदेश में क्रेडिट कार्ड के जरिए 7 लाख से ज्यादा खर्च पर लग सकता है 20% टैक्स
विदेश में क्रेडिट कार्ड से खर्च टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) के दायरे में आ सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘विदेश जाने वाले भारतीयों की संख्या बढ़ने के साथ ही क्रेडिट कार्ड से खर्च भी बढ़ रहा है। ऐसे में रिजर्व बैंक लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम में बदलाव पर काम कर रहा है। इसे लागू किया गया तो क्रेडिट कार्ड से 7 लाख से ज्यादा खर्च करने वालों को 20% TCS देना होगा।