इंडियन आर्मी ने आंतरिक सुरक्षा और युद्ध भाग लेने के मकसद से पहली बार पाकिस्तान से लगी हुई नियंत्रण रेखा (LOC) के पास महिला सैनिकों को तैनात किया है। इन महिला सैनिकों को अर्धसैनिक बल असम राइफल्स से डेप्युटेशन पर उत्तर कश्मीर के तंगधार सेक्टर में तैनात किया गया है।
लगभग 30 महिला सैनिकों के दल की अगुवाई कैप्टन गुरसिमरन कौर कर रही हैं। वे आर्मी सर्विस कॉप्स से ताल्लुक रखती हैं और अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी की सैन्य अधिकारी हैं।
एक अधिकारी के अनुसार महिला सैनिकों को एलओसी की तरफ से सिक्योरिटी चेकपॉइंट्स के नजरिए से भीड़ नियंत्रण और महिला सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। खुफिया जानकारी के अनुसार यहां सीमा पार से हथियार और ड्रग्स की तस्करी होती है।
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इससे पहले 1990 के मध्य में महिलाएं सैन्य अधिकारी के तौर पर बहुत कम संख्या में देखी जाती थीं। उन्हें दिए जाने वाले काम भी सीमित होते थे। लेकिन पिछले साले आर्मी ने लगभग 50 महिलाओं को जवान या सैनिक के तौर पर सीएमपी में पदस्थ किया है। फिलहाल इन महिलाओं की ट्रेनिंग चल रही है।
देश के लिए मर मिटने वाली ये महिलाएं कामयाबी हासिल करने में अपना शत प्रतिशत योगदान दे रही हैं।