कुंडली के आठवें घर में राहु का फल:जुए-सट्‌टे, काले जादू और तंत्र में दिलचस्पी रखते हैं ऐसे लोग, गुप्त रोगों से भी परेशान होते हैं

कुंडली का आठवां घर मृत्यु, गुप्त क्रियाओं और गुप्त संबंधों का भाव माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली के आठवें घर में राहु होता है। ऐसे लोग गुप्त रूप से रात में श्मशान में होने वाली तांत्रिक क्रियाओं की ओर आकर्षित होते हैं। ऐसे लोग काले जादू जैसी चीजों में भरोसा करते हैं। राहु के कारण ऐसे लोग गुप्त रूप से अनैतिक संबंध बनाने की इच्छा रखते हैं। ऐसे लोग अप्राकृतिक यौन संबंधों की ओर भी आकर्षित होते हैं। राहु के कारण ऐसे लोग अपने यौन अंगों को लेकर भी बहुत भ्रमित रहते हैं और उनके लिए कई तरह के इलाज भी लेते हैं। ऐसे लोग गुप्त रोग के नाम पर बहुत पैसा खर्चा कर देते हैं। राहु के प्रभाव से ऐसे लोग गड़े हुए धन की खोज में लगे रहते हैं। इस तरह के धन के लिए लोग ओझा और तांत्रिक के चक्कर में आकर अपना पैसा और समय बर्बाद करते हैं। ऐसे लोग रात में जुए और कैसिनो में अपना समय और पैसा खर्च करते रहते हैं। राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए क्या करें: ऐसे लोगों को रात में कम से काम काम करने चाहिए। तांत्रिक और काला जादू के जानकारों से दूरी रखें। जुआ-सट्टा न खेलें। गुप्त रोग को लेकर किसी बड़े स्पेशलिस्ट और डिग्रीधारी डॉक्टर से मिले।