देशभर में बुधवार को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है। देश के सभी छोटे-बड़े शिव मंदिर में खास तैयारियां की गई है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में मौजूद ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर (महाकाल मंदिर) के पट मंगलवार रात 2.30 बजे खुलेंगे। अगले 44 घंटे तक भक्त बिना अनुमति के भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में भस्म आरती में बिना परमिशन वाले श्रद्धालुओं को भी प्रवेश मिलेगा। ऐसे भक्त, जिन्हें अनुमति नहीं मिली है, वे चलती भस्म आरती के दर्शन कर सकेंगे। सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार से रुद्राक्ष महोत्सव शुरू हुआ। जो 3 मार्च तक चलेगा। पहले ही दिन एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। झारखंड के देवघर में मौजूद ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ मंदिर में 2 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। महाशिवरात्रि पर शीघ्र दर्शन शुल्क 250 से बढ़ाकर 600 रुपए कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के बनारस में मौजूद काशी विश्वनाथ मंदिर 26 फरवरी को मंगला आरती के बाद सुबह 3.30 बजे से मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खुला है। महाशिवरात्रि पर चारों पहर की आरती के दौरान भी श्री काशी विश्वनाथ महादेव का झांकी दर्शन चलता रहेगा। सप्तऋषि और श्रृंगार आरती नहीं होगी। 28 फरवरी की रात एक बजे तक बाबा श्रद्धालुओं को लगातार दर्शन देंगे। गुजरात में प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव मंदिर आज सुबह 4 बजे से लगातार 42 घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला है। इनके अलावा देश में अन्य राज्यों में मौजूद दूसरे ज्योतिर्लिंगों और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में भी दर्शन को लेकर खास व्यवस्था की गई हैं।