दुनिया के कई देशों में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस मनाया गया। इस मौके पर मैक्सिको में हजारों महिलाएं सड़क पर उतर आईं और जोरदार प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी- महिलाओं को गर्भ गिराने या रखने का अधिकार मिले। उनका कहना था- जब कोई महिला गर्भवती होती है तो सारी तकलीफें भी उसे ही उठानी पड़ती है। इसलिए यह फैसला महिला का ही होना चाहिए कि वह गर्भ रखना चाहती है या नहीं।

मैक्सिको पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने लोहे की रॉड और हथौड़ियों से हमला किया। मालूम हो, 28 सितंबर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह महिलाओं के शरीर पर उनके अधिकार को लेकर एक कोशिश है।

पहली बार अमेरिका और कैरेबियाई देशों में 28 सितंबर 1990 को ‘गर्भपात को स्वैच्छिक करने की मांग करते हुए यह दिवस मनाया गया था। लेकिन 2015 में इसका नाम बदलकर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस कर दिया गया। तब 47 देशों में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके बाद 2016 में दुनियाभर में प्रदर्शन किए गए थे।