GST काउंसिल की 54वीं मीटिंग आज यानी 9 सितंबर (सोमवार) को हुई। इसमें हेल्थ, एजुकेशन और फूडिंग सेक्टर से जुड़े कुछ अहम फैसले हुए। मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैंसर की दवाओं पर GST 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। वहीं, नमकीन पर अब 18% की जगह 12% GST लगेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि, ‘हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाले GST में कटौती पर अब नवंबर में फैसला होगा। इसके अलावा अब केंद्र और राज्य से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर को ग्रांट लेने पर GST नहीं चुकाना होगा। GST काउंसिल की बैठक के बड़े फैसले हेल्थ इंश्योरेंस पर GoM का गठन
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 18% GST में कटौती को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि इस मामले में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) का गठन किया गया है। GoM अक्टूबर के अंत तक रिपोर्ट सौंपेगा और नवंबर की मीटिंग में इस पर विचार किया जाएगा। हाल ही में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी हेल्थ इंश्योरेंस में प्रीमियम पर लगने वाले GST को हटाने की बात कही थी। यूनिवर्सिटीज और रिसर्च इंस्टीट्यूशंस को ग्रांट पर GST छूट
तीन तरह के एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस को अब ग्रांट लेने पर GST नहीं चुकाना होगा। सीतारमण ने कहा कि अब केंद्रीय कानून और राज्य कानून के तहत बनी यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स को ग्रांट लेने पर GST नहीं चुकाना होगा। इसके अलावा ऐसे एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस जिन्हें इनकम टैक्स छूट मिली हुई है, उन्हें भी पब्लिक और प्राइवेट सोर्सेज से रिसर्च फंड्स लेने पर GST नहीं चुकाना होगा। 22 जून को हुई थी GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग
GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग 22 जून को हुई थी। तब दूध के डिब्बों और सोलर कुकर पर 12% टैक्स लगाने का फैसला किया गया था। वित्त मंत्री निर्मला ने कहा था कि फर्जी बिलों पर रोक लगाने के लिए फेज्डवाइज यानी चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में बायोमेट्रिक ऑथेंटिफिकेशन लागू किया जाएगा। वहीं, भारतीय रेलवे की प्लेटफॉर्म टिकट, रिटायरिंग रूम और वेटिंग रूम जैसी सर्विसेज को GST से छूट दी गई। GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग के बड़े फैसले डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना माफ
वित्त मंत्री ने कहा था कि अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष अपील दायर करने के लिए अधिकतम राशि 25 करोड़ रुपए से घटाकर 20 करोड़ रुपए CGST प्री-डिपॉजिट कर दी जाएगी। छोटे टैक्सपेयर्स की मदद के लिए काउंसिल ने 2024-25 के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए GSTR4 के लिए 30 जून की तारीख की सिफारिश की गई। मुकदमेबाजी को कम करने के लिए काउंसिल ने अपील दायर करने के लिए हाईकोर्ट के लिए 1 करोड़ रुपए और सुप्रीम कोर्ट के लिए 2 करोड़ रुपए की लिमिट की सिफारिश की। 2017-18, 2018-19, 2019-20 के लिए डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा, अगर 31 मार्च 2025 तक टैक्स का भुगतान कर दिया जाता है। पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का इरादा
सीतारमण ने कहा था कि केंद्र सरकार का इरादा पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का है। इसके लिए किसी संशोधन की जरूरत नहीं है। राज्यों को इसमें शामिल होकर फ्यूल्स पर GST दर तय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए एक मंत्रियों के समूह (GoM) का गठन हुआ है, जो अगस्त में GST काउंसिल को रिपोर्ट देगा। सरकार ने अगस्त में GST से ₹1.75 लाख करोड़ जुटाए
सरकार ने अगस्त 2024 में GST से 1,74,962 (करीब 1.75 लाख) करोड़ रुपए जुटाए हैं। सालाना आधार पर इसमें 10% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल अगस्त में 1,59,069 (1.59 लाख) करोड़ रुपए GST कलेक्ट किया था। सरकार ने इस दौरान डोमेस्टिक यानी देश के अंदर होने वाले कारोबार से 1.25 लाख करोड़ टैक्स वसूला है। सालाना आधार पर इसमें 9.2% का ग्रोथ हुआ है। वहीं, इंपोर्ट के जरिए 49,976 करोड़ रेवेन्यू के तौर पर सरकार ने कलेक्ट किया है। एक साल में इसमें 12.1% की बढ़ोतरी हुई है। इकोनॉमी की हेल्थ दिखाता है GST कलेक्शन
GST कलेक्शन इकोनॉमी की ओवरऑल हेल्थ का एक संकेतक है। अप्रैल महीने के GST कलेक्शन के आंकड़ों पर KPMG के नेशनल हेड अभिषेक जैन ने कहा कि अब तक का हाईएस्ट GST कलेक्शन मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। 2017 में लागू हुआ था GST
सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST के 7 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय ने पिछले सात वर्षों के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों को लेकर पोस्ट किया। GST एक इनडायरेक्ट टैक्स है। इसे वैराइटी ऑफ प्रीवियस इनडायरेक्ट टैक्स (VAT), सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और कई इनडायरेक्ट टैक्स को रिप्लेस करने के लिए 2017 में लागू किया गया था। GST में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर 18% GST में कटौती को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि इस मामले में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) का गठन किया गया है। GoM अक्टूबर के अंत तक रिपोर्ट सौंपेगा और नवंबर की मीटिंग में इस पर विचार किया जाएगा। हाल ही में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी हेल्थ इंश्योरेंस में प्रीमियम पर लगने वाले GST को हटाने की बात कही थी। यूनिवर्सिटीज और रिसर्च इंस्टीट्यूशंस को ग्रांट पर GST छूट
तीन तरह के एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस को अब ग्रांट लेने पर GST नहीं चुकाना होगा। सीतारमण ने कहा कि अब केंद्रीय कानून और राज्य कानून के तहत बनी यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स को ग्रांट लेने पर GST नहीं चुकाना होगा। इसके अलावा ऐसे एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस जिन्हें इनकम टैक्स छूट मिली हुई है, उन्हें भी पब्लिक और प्राइवेट सोर्सेज से रिसर्च फंड्स लेने पर GST नहीं चुकाना होगा। 22 जून को हुई थी GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग
GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग 22 जून को हुई थी। तब दूध के डिब्बों और सोलर कुकर पर 12% टैक्स लगाने का फैसला किया गया था। वित्त मंत्री निर्मला ने कहा था कि फर्जी बिलों पर रोक लगाने के लिए फेज्डवाइज यानी चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में बायोमेट्रिक ऑथेंटिफिकेशन लागू किया जाएगा। वहीं, भारतीय रेलवे की प्लेटफॉर्म टिकट, रिटायरिंग रूम और वेटिंग रूम जैसी सर्विसेज को GST से छूट दी गई। GST काउंसिल की 53वीं मीटिंग के बड़े फैसले डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना माफ
वित्त मंत्री ने कहा था कि अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष अपील दायर करने के लिए अधिकतम राशि 25 करोड़ रुपए से घटाकर 20 करोड़ रुपए CGST प्री-डिपॉजिट कर दी जाएगी। छोटे टैक्सपेयर्स की मदद के लिए काउंसिल ने 2024-25 के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए GSTR4 के लिए 30 जून की तारीख की सिफारिश की गई। मुकदमेबाजी को कम करने के लिए काउंसिल ने अपील दायर करने के लिए हाईकोर्ट के लिए 1 करोड़ रुपए और सुप्रीम कोर्ट के लिए 2 करोड़ रुपए की लिमिट की सिफारिश की। 2017-18, 2018-19, 2019-20 के लिए डिमांड नोटिस पर ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा, अगर 31 मार्च 2025 तक टैक्स का भुगतान कर दिया जाता है। पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का इरादा
सीतारमण ने कहा था कि केंद्र सरकार का इरादा पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने का है। इसके लिए किसी संशोधन की जरूरत नहीं है। राज्यों को इसमें शामिल होकर फ्यूल्स पर GST दर तय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए एक मंत्रियों के समूह (GoM) का गठन हुआ है, जो अगस्त में GST काउंसिल को रिपोर्ट देगा। सरकार ने अगस्त में GST से ₹1.75 लाख करोड़ जुटाए
सरकार ने अगस्त 2024 में GST से 1,74,962 (करीब 1.75 लाख) करोड़ रुपए जुटाए हैं। सालाना आधार पर इसमें 10% की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल अगस्त में 1,59,069 (1.59 लाख) करोड़ रुपए GST कलेक्ट किया था। सरकार ने इस दौरान डोमेस्टिक यानी देश के अंदर होने वाले कारोबार से 1.25 लाख करोड़ टैक्स वसूला है। सालाना आधार पर इसमें 9.2% का ग्रोथ हुआ है। वहीं, इंपोर्ट के जरिए 49,976 करोड़ रेवेन्यू के तौर पर सरकार ने कलेक्ट किया है। एक साल में इसमें 12.1% की बढ़ोतरी हुई है। इकोनॉमी की हेल्थ दिखाता है GST कलेक्शन
GST कलेक्शन इकोनॉमी की ओवरऑल हेल्थ का एक संकेतक है। अप्रैल महीने के GST कलेक्शन के आंकड़ों पर KPMG के नेशनल हेड अभिषेक जैन ने कहा कि अब तक का हाईएस्ट GST कलेक्शन मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। 2017 में लागू हुआ था GST
सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST के 7 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय ने पिछले सात वर्षों के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों को लेकर पोस्ट किया। GST एक इनडायरेक्ट टैक्स है। इसे वैराइटी ऑफ प्रीवियस इनडायरेक्ट टैक्स (VAT), सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और कई इनडायरेक्ट टैक्स को रिप्लेस करने के लिए 2017 में लागू किया गया था। GST में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं।