IPL के पैसों से माता-पिता को घर गिफ्ट करेंगे प्रियांश:पंजाब ने 3.80 करोड़ रुपए में खरीदा; गौतम गंभीर के कोच ने ट्रेनिंग दी

पंजाब किंग्स के प्रियांश आर्या IPL की मेगा ऑक्शन 2024 में मिली राशि से अपने माता-पिता को दिल्ली में घर गिफ्ट करने जा रहे हैं। उनके माता-पिता सरकारी मकान में रहते हैं। अभी दिल्ली में उनके पास अपना मकान नहीं है। यह जानकारी प्रियांश के कोच संजय भारद्वाज ने दी। जो भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर के कोच रहे हैं। प्रियांश को पंजाब ने 3 करोड़ 80 लाख रुपए में खरीदा था। 24 साल के प्रियांश ने 25 मार्च को अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस के खिलाफ IPL डेब्यू किया। इससे पहले पिता ने उन्हें ‘बेस्ट ऑफ लक’ कहा। जबकि कोच ने कहा- ‘गेम पर फोकस करना, अटैकिंग खेलना है।’ प्रियांश सोमवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ इकाना स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में पंजाब की टीम का हिस्सा होंगे। प्रियांश के कोच और पिता ने भास्कर से सक्सेस स्टोरी साझा की… प्रियांश के परिवार में 6 टीचर प्रियांश के परिवार में 6 टीचर हैं। उनके पिता पवन कुमार, माता राजबाला दिल्ली में पढ़ाते हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन भी एमए बीएड हैं। प्रियांश के क्रिकेटर बनने की कहानी; गेल–गांगुली को देखकर लेफ्टी बैटिंग की
पवन अपने बेटे के क्रिकेटर बनने की कहानी को बताते हुए कहते हैं कि मैं हरियाणा के फतेहाबाद के गांव भूना से हूं। वहां क्रिकेट की सुविधा नहीं थी, लेकिन मैं क्रिकेट खेलता था। फिर दिल्ली में टीचिंग करने लगा, लेकिन क्रिकेट में मेरी रुचि बनी रही। मैं TV पर प्रियांश के साथ मैच देखता था। 2023 ऑक्शन में नहीं बिके, तो 2 दिन तक उदास रहे, फिर सुधार में जुट गए प्रियांश आर्या 2023 की नीलामी में अनसोल्ड रहे थे। उन्हें 30 लाख की बेस प्राइज पर भी किसी ने नहीं खरीदा। प्रियांश के पिता पवन कुमार ने दैनिक भास्कर को बताया कि 2023 में प्रियांश को उम्मीद थी कि उन्हें कम से कम बेस प्राइज पर कोई न कोई फ्रेंचाइजी जरूर खरीद लेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रियांश उस समय उदास हुआ। 2 दिनों तक उदास रहा। फिर तैयारियों में जुट गया। उसे इतना उदास 2020 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में सिलेक्शन न होने पर देखा था। वे दिल्ली के इकलौते खिलाड़ी थे, जो संभावितों की सूची में शामिल थे, पर सिलेक्शन नहीं हुआ। उसकी खासियत है कि अगर उनका सिलेक्शन नहीं होता है, तो वह एक दो दिन उदास रहते हैं और फिर दोगुनी मेहनत से प्रैक्टिस में जुट जाते हैं। वे सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक प्रैक्टिस करते थे। चाहे सर के साथ ग्राउंड पर रहते थे या जिम में जाते थे। कोच की मांग पर DPL में शतक लगाया, एक ओवर में 6 छक्के जड़े
कोच संजय भारद्वाज बताते हैं- ‘जब ऑक्शन में प्रियांश को किसी टीम ने नहीं लिया तो उसके बाद उसने माइंड सेट में बदलाव किया। अपनी कमियों को दूर किया और फोकस बढ़ाया। जिसके बाद उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और दिल्ली प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें IPL की कई टीमों ने ट्रायल के लिए बुलाया।’ संजय दिल्ली प्रीमियर लीग के एक वाक्या बताते हैं- ‘DPL के दौरान प्रियांश का मेरे पास कॉल आया कि सर अरुण जेटली स्टेडियम में मैच देखने आइए। मैंने कहा, मैं तब ही आउंगा जब आप उस मैच में शतक जड़ोगे। मैं वह मैच देखने गया। उस मैच में साउथ दिल्ली सुपर स्टार्स की ओर से प्रियांश ने शतक जमाया। उन्होंने नॉर्थ दिल्ली के गेंदबाज मनन भारद्वाज के एक ओवर के सभी 6 गेंदों पर छक्के भी जड़े।’