NEET UG 2024 एग्जाम के रिजल्ट में गड़बड़ियों के विरोध में स्टूडेंट्स हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। एग्जाम में टॉपर्स की बढ़ी हुई संख्या, मार्किंग स्कीम से अलग ग्रेस मार्क्स दिए जाना, आंसर की में बदलाव और एग्जाम से पहले ही पेपर लीक जैसे आरोप लग रहे हैं। इन मामलों में कलकत्ता और दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। NEET UG में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ दायर की गई याचिका
कलकत्ता हाई कोर्ट ने परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर NTA से जवाब मांगा है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने NTA को 10 दिनों में ये स्पष्ट करने का आदेश दिया है की कुछ स्टूडेंट्स को एग्जाम में ग्रेस मार्क्स किस आधार पर दिए गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में भी NEET UG एग्जाम में कुछ स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स दिए जाने NTA के खिलाफ सुनवाई चल रही है। इसके अलावा केमिस्ट्री के क्वेश्चन और आंसर की में बदलाव करने को लेकर अलग से याचिका दायर की गई है। 5 मई को NEET UG का एग्जाम होने से पहले पेपर लीक के मामले भी सामने आए थे। इसके लेकर स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले में अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 4 जून को NEET UG का रिजल्ट जारी किया था। देश में 12वीं के बाद देश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए NEET UG क्वालिफाई करना जरूरी है। परीक्षा का रिजल्ट डिक्लेयर होने के बाद से ही लगातार NTA पर गड़बड़ियों के आरोप लग रहे हैं। सबसे पहले जानते हैं कि NTA पर NEET UG एग्जाम को लेकर क्या सवाल खड़े हो रहे हैं… सवाल 1 – एग्जाम में 67 बच्चों को कैसे मिली ऑल इंडिया रैंक 1 जबकि पिछले 5 सालों से हर साल सिर्फ 2 से 3 बच्चे ही रैंक 1 पर साथ होते थे। इस बार क्या बदला ? अब जानते हैं NTA ने इन आरोपों पर क्या जवाब दिए हैं.. जवाब 1 – 44 बच्चों को आंसर की में बदलाव होने के बाद मिले 720/720, 23 ज्यादा बच्चे रैंक 1 पर आए पुरानी NCERT से पढ़े बच्चों के साथ अन्याय नहीं कर सकते, इसलिए दिए बोनस नंबर
इस बार NEET UG में 67 स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। NTA ने कहा है कि ऐसा NCERT की पुरानी और नई किताब में अंतर होने की वजह से हुआ है। NTA ने कहा है कि हमारे देश में घर के बड़े भाई-बहनों की पुरानी किताबों से घर के छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं। ऐसे में हम पुरानी किताब के हिसाब से दिए गए आंसर को गलत नहीं ठहरा सकते। पुरानी NCERT में लिखी स्टेटमेंट पूरी तरह सही नहीं
दरअसल, एग्जाम में केमिस्ट्री के सेक्शन में एटम से रिलेटेड एक सवाल पूछा गया था। स्टूडेंट्स को सवाल के जवाब में ये बताना था कि क्वेश्चन के साथ दिए गए स्टेटमेंट में से कौन से दो स्टेटमेंट्स सही हैं। 29 मई को NTA ने NEET UG की प्रोविजनल आंसर की रिलीज की थी। इसमें ऑप्शन 1 को सही माना गया था। इस जवाब पर 10,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पुरानी NCERT के आधार पर आपत्ति जताई थी। NTA की तरफ से प्रोविजनल आंसर की जारी होने पर जो ऑब्जेक्शन आए, उस पर जांच होने से ये पता चला कि इस सवाल का जवाब पुरानी और नई NCERT किताबों के हिसाब से अलग-अलग होगा। पुरानी किताब की स्टेटमेंट गलत है लेकिन क्योंकि NCERT को स्टैंडर्ड सिलेबस माना गया है, इसलिए किताब में गलती होने की वजह से एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग नहीं की जा सकती। NTA ने सवाल के ऑप्शन 1 को सही माना, बाद में ऑप्शन 3 के लिए दिए बोनस मार्क्स
पुरानी NCERT किताब के मुताबिक सही स्टेटमेंट थी कि हर एलिमेंट के एटम स्टेबल होते हैं जबकि नई NCERT किताब में लिखा है कि ज्यादातर एलिमेंट्स के एटम स्टेबल होते हैं। इस क्वेश्चन के लिए ऑप्शन 1 सही है यानी पहली स्टेटमेंट करेक्ट और दूसरी गलत है। दरअसल, रेडियोएक्टिव एलिमेंट्स के एटम स्टेबल नहीं होते हैं। ऐसे में ऑप्शन 1 यानी पहली स्टेटमेंट सही है लेकिन दूसरी गलत है, ये इस सवाल का सही जवाब होगा। सवाल 2 – एक ही एग्जाम सेंटर से 6 बच्चों को ऑल इंडिया रैंक 1 मिली है और इन्होंने 720/720 का परफेक्ट स्कोर किया है। इस बार फुल स्कोर करने वाले बच्चों की संख्या कैसे बढ़ गई ? जवाब 2 – 67 में से 44 स्टूडेंट्स ने बोनस मार्क्स की वजह से स्कोर किया 720/720
NTA ने कहा है कि जिन 67 स्टूडेंट्स को 720 मार्क्स मिले हैं उन सभी को टॉपर नहीं माना जाएगा। 67 में से 44 स्टूडेंट्स को आंसर की में बदलाव होने की वजह से बोनस मार्क्स मिले हैं। इस वजह से इन स्टूडेंट्स ने 720/720 का परफेक्ट स्कोर किया है। परफेक्ट स्कोर करने वाले सबसे ज्यादा 11 स्टूडेंट्स राजस्थान से हैं। इसके बाद तमिलनाडु के 8, महाराष्ट्र के 7, आंध्र प्रदेश और बिहार के 4-4 स्टूडेंट्स हैं।
इस वजह से NTA ने उन सभी स्टूडेंट्स को 5 नंबर दिए जिन्होंने दोनों में से किसी भी स्टेटमेंट को मार्क किया था। NTA के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि इस वजह से कम से कम 44 स्टूडेंट्स जो 715 स्कोर कर रहे थे, उनके 5 मार्क्स बढ़ाकर 720 कर दिए गए। आंसर की में बदलाव होने से बढ़ गई टॉपर्स की संख्या
NTA से जुड़े ऑफिसर ने ये भी कहा कि एक साथ कई स्टूडेंट्स का 720 स्कोर करने की प्रमुख वजह थी आंसर की में बदलाव होना। हालांकि, पिछले सालों की तुलना में इस साल क्वेश्चन पेपर भी आसान था और रिकॉर्ड स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। इसका सीधा प्रभाव टॉपर्स की संख्या पर भी पड़ा है। 2019 के बाद NEET UG में कभी नहीं आए 3 से ज्यादा टॉपर्स
2019 से किसी भी साल NEET UG एग्जाम में तीन से ज्यादा स्टूडेंट्स टॉपर्स नहीं बने हैं। 2019 और 2020 में हर साल सिर्फ एक स्टूडेंट ने एग्जाम में टॉप किया जबकि 2021 में तीन स्टूडेंट्स, 2022 में एक स्टूडेंट और 2023 में दो स्टूडेंट्स ने टॉप किया। NEET UG देश के मेडिकल कॉलेजों में MBBS कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाला एक मात्र एंट्रेंस एग्जाम है। NCERT किताबें ही हैं NEET UG के लिए स्टैंडर्ड सिलेबस : NTA
NTA से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि ये एंट्रेंस एग्जाम के लिए स्टैंडर्ड सिलेबस NCERT किताबें ही हैं इसलिए हमने उन सभी स्टूडेंट्स को बोनस मार्क्स दिए हैं जिन्होंने ऑप्शन 3 मार्क किया था। थर्ड ऑप्शन के हिसाब से 1 और 2 दोनों स्टेटमेंट्स सही हैं। NTA से जुड़े अधिकारी ने कहा है कि हमारे देश में घर में अगर कोई बड़ा बच्चा है तो उसकी किताबों से छोटे बच्ची भी पढ़ाई करते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है। हम सभी ऐसा करते आए हैं। हम स्टूडेंट्स से ये नहीं कह सकते हैं कि एंट्रेंस एग्जाम के लिए आप हर साल लेटेस्ट एडिशन की किताब खरीदें। NTA के अधिकारी ने आगे कहा- ऐसी सिचुएशन दोबारा न बनें, इसके लिए हम काम करेंगे। फिलहाल, हमनें NCERT को क्लास 12 की NCERT किताबों के पुराने और नए एडिशन में अंतर को लेकर कुछ नहीं कहा है। इस साल NEET UG का एग्जाम हो चुका है इसमें अब NCERT भी कुछ नहीं कर सकती। इस साल करीब 4 लाख ज्यादा स्टूडेंट्स ने किया था रजिस्ट्रेशन
इस साल कुल 23.81 लाख स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था जबकि पिछले साल कुल 20.87 स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। NTA के मुताबिक इस साल कुल 9,96,393 लड़कों,13,31,221 लड़कियों और 17 ट्रांसजेंडर कैंडिडेट्स ने NEET का एग्जाम दिया था। हल्द्वानी के कोचिंग इंस्टीट्यूट NEETIIT Academy के डायरेक्टर शुभम राय का कहना है कि एग्जाम के लिए 4 लाख ज्यादा कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन किया लेकिन इस रेशियो में पेपर का डिफिकल्टी लेवल नहीं बढ़ाया गया। पिछले साल की तुलना में केमिस्ट्री और बायोलॉजी का सेक्शन आसान था जबकि फिजिक्स थोड़ा डिफिकल्ट था। ऐसे में देश भर से 24 लाख बच्चों में 20-23 बच्चे 720/720 स्कोर कर ले जाएं, ये संभव है। हालांकि, बोनस मार्क्स मिलने की वजह से 44 ज्यादा बच्चों को परफेक्ट स्कोर मिल गया। सवाल 3 – एग्जाम की मार्किंग स्कीम के हिसाब से हर सही जवाब के लिए 4 नंबर और गलत जवाब के लिए -1 नंबर दिए जाते हैं। क्वेश्चन पेपर में टोटल मार्क्स 720 हैं। ऐसे में एग्जाम में मैक्सिमम स्कोर 720/720 या 716/716 हो सकता है। वहीं, अगर कोई गलत आंसर मार्क करता है तो उसे मैक्सिमम मार्क्स 715 मिल सकते हैं। लेकिन कुछ स्टूडेंट्स को 718 या 719 मार्क्स भी दिए गए हैं। जवाब 3 – NTA ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छतीसगढ़ के हाई कोर्ट के आधार पर एग्जाम हॉल में एंट्री में देरी होने या टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से कैंडिडेट्स के समय बर्बाद होने की वजह से कम मार्क्स आने की स्थिति में नॉर्मलाईजेशन प्रोसेस बनाई है। इस आधार पर कुछ कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं जिसकी वजह से ऐसे कैंडिडेट्स के टोटल मार्क्स 718 या 719 हैं। सवाल 4 – तय डेट से 10 दिनों पहले एग्जाम का रिजल्ट क्यों जारी किया गया। जवाब 4 – NTA ने कहा है कि एजेंसी ने लगभग 23 लाख स्टूडेंट्स का रिजल्ट एग्जाम के 30 दिनों के बाद ही डिक्लेयर कर दिया। ऐसा तय समय में रिजल्ट डिक्लेयर करने और एग्जाम की पूरी प्रोसेस समय पर पूरा करने के लिए किया गया है। इससे पहले JEE Mains सेशन 1 का रिजल्ट एग्जाम के बाद सिर्फ 11 और JEE Mains सेशन 2 का रिजल्ट सिर्फ 15 दिनों के अंदर डिक्लेयर कर दिया गया था। एक ही सेंटर से 6 ऑल इंडिया टॉपर्स होने पर नहीं दिया कोई जवाब
NTA ने अब तक हरियाणा के एक ही एग्जाम सेंटर से 6 ऑल इंडिया टॉपर्स होने के बारे में कुछ नहीं कहा है। हर साल देश के प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर अपने इंस्टीट्यूट से टॉपर क्लेम करने की कोशिश करते हैं। इस साल Aakash इंस्टीट्यूट ने 21 टॉपर्स, Allen ने 27 और Narayana और Chaitanya ने 9-9 टॉपर्स क्लेम किए हैं। लेकिन, किसी भी इंस्टीट्यूट ने हरियाणा के इन 6 बच्चों को टॉपर के तौर पर क्लेम नहीं किया है। स्कोर कार्ड में 371 मार्क्स, आंसर की मिलाने पर 670
कुछ स्टूडेंट्स का कहना है कि NTA की तरफ से जारी किए गए स्कोर कार्ड में और आंसर की से खुद आंसर मिलाने पर अलग-अलग मार्क्स मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि NTA की तरफ से गलत स्कोरकार्ड जारी किया गया है। भोपाल की एक स्टूडेंट का कहना है कि खुद आंसर की मिलाने पर उसका स्कोर 617 है जबकि स्कोर कार्ड में उसे 370 मार्क्स मिले हैं।
कलकत्ता हाई कोर्ट ने परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को लेकर NTA से जवाब मांगा है। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने NTA को 10 दिनों में ये स्पष्ट करने का आदेश दिया है की कुछ स्टूडेंट्स को एग्जाम में ग्रेस मार्क्स किस आधार पर दिए गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में भी NEET UG एग्जाम में कुछ स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स दिए जाने NTA के खिलाफ सुनवाई चल रही है। इसके अलावा केमिस्ट्री के क्वेश्चन और आंसर की में बदलाव करने को लेकर अलग से याचिका दायर की गई है। 5 मई को NEET UG का एग्जाम होने से पहले पेपर लीक के मामले भी सामने आए थे। इसके लेकर स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले में अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 4 जून को NEET UG का रिजल्ट जारी किया था। देश में 12वीं के बाद देश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए NEET UG क्वालिफाई करना जरूरी है। परीक्षा का रिजल्ट डिक्लेयर होने के बाद से ही लगातार NTA पर गड़बड़ियों के आरोप लग रहे हैं। सबसे पहले जानते हैं कि NTA पर NEET UG एग्जाम को लेकर क्या सवाल खड़े हो रहे हैं… सवाल 1 – एग्जाम में 67 बच्चों को कैसे मिली ऑल इंडिया रैंक 1 जबकि पिछले 5 सालों से हर साल सिर्फ 2 से 3 बच्चे ही रैंक 1 पर साथ होते थे। इस बार क्या बदला ? अब जानते हैं NTA ने इन आरोपों पर क्या जवाब दिए हैं.. जवाब 1 – 44 बच्चों को आंसर की में बदलाव होने के बाद मिले 720/720, 23 ज्यादा बच्चे रैंक 1 पर आए पुरानी NCERT से पढ़े बच्चों के साथ अन्याय नहीं कर सकते, इसलिए दिए बोनस नंबर
इस बार NEET UG में 67 स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। NTA ने कहा है कि ऐसा NCERT की पुरानी और नई किताब में अंतर होने की वजह से हुआ है। NTA ने कहा है कि हमारे देश में घर के बड़े भाई-बहनों की पुरानी किताबों से घर के छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं। ऐसे में हम पुरानी किताब के हिसाब से दिए गए आंसर को गलत नहीं ठहरा सकते। पुरानी NCERT में लिखी स्टेटमेंट पूरी तरह सही नहीं
दरअसल, एग्जाम में केमिस्ट्री के सेक्शन में एटम से रिलेटेड एक सवाल पूछा गया था। स्टूडेंट्स को सवाल के जवाब में ये बताना था कि क्वेश्चन के साथ दिए गए स्टेटमेंट में से कौन से दो स्टेटमेंट्स सही हैं। 29 मई को NTA ने NEET UG की प्रोविजनल आंसर की रिलीज की थी। इसमें ऑप्शन 1 को सही माना गया था। इस जवाब पर 10,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पुरानी NCERT के आधार पर आपत्ति जताई थी। NTA की तरफ से प्रोविजनल आंसर की जारी होने पर जो ऑब्जेक्शन आए, उस पर जांच होने से ये पता चला कि इस सवाल का जवाब पुरानी और नई NCERT किताबों के हिसाब से अलग-अलग होगा। पुरानी किताब की स्टेटमेंट गलत है लेकिन क्योंकि NCERT को स्टैंडर्ड सिलेबस माना गया है, इसलिए किताब में गलती होने की वजह से एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग नहीं की जा सकती। NTA ने सवाल के ऑप्शन 1 को सही माना, बाद में ऑप्शन 3 के लिए दिए बोनस मार्क्स
पुरानी NCERT किताब के मुताबिक सही स्टेटमेंट थी कि हर एलिमेंट के एटम स्टेबल होते हैं जबकि नई NCERT किताब में लिखा है कि ज्यादातर एलिमेंट्स के एटम स्टेबल होते हैं। इस क्वेश्चन के लिए ऑप्शन 1 सही है यानी पहली स्टेटमेंट करेक्ट और दूसरी गलत है। दरअसल, रेडियोएक्टिव एलिमेंट्स के एटम स्टेबल नहीं होते हैं। ऐसे में ऑप्शन 1 यानी पहली स्टेटमेंट सही है लेकिन दूसरी गलत है, ये इस सवाल का सही जवाब होगा। सवाल 2 – एक ही एग्जाम सेंटर से 6 बच्चों को ऑल इंडिया रैंक 1 मिली है और इन्होंने 720/720 का परफेक्ट स्कोर किया है। इस बार फुल स्कोर करने वाले बच्चों की संख्या कैसे बढ़ गई ? जवाब 2 – 67 में से 44 स्टूडेंट्स ने बोनस मार्क्स की वजह से स्कोर किया 720/720
NTA ने कहा है कि जिन 67 स्टूडेंट्स को 720 मार्क्स मिले हैं उन सभी को टॉपर नहीं माना जाएगा। 67 में से 44 स्टूडेंट्स को आंसर की में बदलाव होने की वजह से बोनस मार्क्स मिले हैं। इस वजह से इन स्टूडेंट्स ने 720/720 का परफेक्ट स्कोर किया है। परफेक्ट स्कोर करने वाले सबसे ज्यादा 11 स्टूडेंट्स राजस्थान से हैं। इसके बाद तमिलनाडु के 8, महाराष्ट्र के 7, आंध्र प्रदेश और बिहार के 4-4 स्टूडेंट्स हैं।
इस वजह से NTA ने उन सभी स्टूडेंट्स को 5 नंबर दिए जिन्होंने दोनों में से किसी भी स्टेटमेंट को मार्क किया था। NTA के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि इस वजह से कम से कम 44 स्टूडेंट्स जो 715 स्कोर कर रहे थे, उनके 5 मार्क्स बढ़ाकर 720 कर दिए गए। आंसर की में बदलाव होने से बढ़ गई टॉपर्स की संख्या
NTA से जुड़े ऑफिसर ने ये भी कहा कि एक साथ कई स्टूडेंट्स का 720 स्कोर करने की प्रमुख वजह थी आंसर की में बदलाव होना। हालांकि, पिछले सालों की तुलना में इस साल क्वेश्चन पेपर भी आसान था और रिकॉर्ड स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। इसका सीधा प्रभाव टॉपर्स की संख्या पर भी पड़ा है। 2019 के बाद NEET UG में कभी नहीं आए 3 से ज्यादा टॉपर्स
2019 से किसी भी साल NEET UG एग्जाम में तीन से ज्यादा स्टूडेंट्स टॉपर्स नहीं बने हैं। 2019 और 2020 में हर साल सिर्फ एक स्टूडेंट ने एग्जाम में टॉप किया जबकि 2021 में तीन स्टूडेंट्स, 2022 में एक स्टूडेंट और 2023 में दो स्टूडेंट्स ने टॉप किया। NEET UG देश के मेडिकल कॉलेजों में MBBS कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाला एक मात्र एंट्रेंस एग्जाम है। NCERT किताबें ही हैं NEET UG के लिए स्टैंडर्ड सिलेबस : NTA
NTA से जुड़े एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि ये एंट्रेंस एग्जाम के लिए स्टैंडर्ड सिलेबस NCERT किताबें ही हैं इसलिए हमने उन सभी स्टूडेंट्स को बोनस मार्क्स दिए हैं जिन्होंने ऑप्शन 3 मार्क किया था। थर्ड ऑप्शन के हिसाब से 1 और 2 दोनों स्टेटमेंट्स सही हैं। NTA से जुड़े अधिकारी ने कहा है कि हमारे देश में घर में अगर कोई बड़ा बच्चा है तो उसकी किताबों से छोटे बच्ची भी पढ़ाई करते हैं और इसमें कुछ गलत नहीं है। हम सभी ऐसा करते आए हैं। हम स्टूडेंट्स से ये नहीं कह सकते हैं कि एंट्रेंस एग्जाम के लिए आप हर साल लेटेस्ट एडिशन की किताब खरीदें। NTA के अधिकारी ने आगे कहा- ऐसी सिचुएशन दोबारा न बनें, इसके लिए हम काम करेंगे। फिलहाल, हमनें NCERT को क्लास 12 की NCERT किताबों के पुराने और नए एडिशन में अंतर को लेकर कुछ नहीं कहा है। इस साल NEET UG का एग्जाम हो चुका है इसमें अब NCERT भी कुछ नहीं कर सकती। इस साल करीब 4 लाख ज्यादा स्टूडेंट्स ने किया था रजिस्ट्रेशन
इस साल कुल 23.81 लाख स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था जबकि पिछले साल कुल 20.87 स्टूडेंट्स ने एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन किया था। NTA के मुताबिक इस साल कुल 9,96,393 लड़कों,13,31,221 लड़कियों और 17 ट्रांसजेंडर कैंडिडेट्स ने NEET का एग्जाम दिया था। हल्द्वानी के कोचिंग इंस्टीट्यूट NEETIIT Academy के डायरेक्टर शुभम राय का कहना है कि एग्जाम के लिए 4 लाख ज्यादा कैंडिडेट्स ने रजिस्ट्रेशन किया लेकिन इस रेशियो में पेपर का डिफिकल्टी लेवल नहीं बढ़ाया गया। पिछले साल की तुलना में केमिस्ट्री और बायोलॉजी का सेक्शन आसान था जबकि फिजिक्स थोड़ा डिफिकल्ट था। ऐसे में देश भर से 24 लाख बच्चों में 20-23 बच्चे 720/720 स्कोर कर ले जाएं, ये संभव है। हालांकि, बोनस मार्क्स मिलने की वजह से 44 ज्यादा बच्चों को परफेक्ट स्कोर मिल गया। सवाल 3 – एग्जाम की मार्किंग स्कीम के हिसाब से हर सही जवाब के लिए 4 नंबर और गलत जवाब के लिए -1 नंबर दिए जाते हैं। क्वेश्चन पेपर में टोटल मार्क्स 720 हैं। ऐसे में एग्जाम में मैक्सिमम स्कोर 720/720 या 716/716 हो सकता है। वहीं, अगर कोई गलत आंसर मार्क करता है तो उसे मैक्सिमम मार्क्स 715 मिल सकते हैं। लेकिन कुछ स्टूडेंट्स को 718 या 719 मार्क्स भी दिए गए हैं। जवाब 3 – NTA ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छतीसगढ़ के हाई कोर्ट के आधार पर एग्जाम हॉल में एंट्री में देरी होने या टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से कैंडिडेट्स के समय बर्बाद होने की वजह से कम मार्क्स आने की स्थिति में नॉर्मलाईजेशन प्रोसेस बनाई है। इस आधार पर कुछ कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं जिसकी वजह से ऐसे कैंडिडेट्स के टोटल मार्क्स 718 या 719 हैं। सवाल 4 – तय डेट से 10 दिनों पहले एग्जाम का रिजल्ट क्यों जारी किया गया। जवाब 4 – NTA ने कहा है कि एजेंसी ने लगभग 23 लाख स्टूडेंट्स का रिजल्ट एग्जाम के 30 दिनों के बाद ही डिक्लेयर कर दिया। ऐसा तय समय में रिजल्ट डिक्लेयर करने और एग्जाम की पूरी प्रोसेस समय पर पूरा करने के लिए किया गया है। इससे पहले JEE Mains सेशन 1 का रिजल्ट एग्जाम के बाद सिर्फ 11 और JEE Mains सेशन 2 का रिजल्ट सिर्फ 15 दिनों के अंदर डिक्लेयर कर दिया गया था। एक ही सेंटर से 6 ऑल इंडिया टॉपर्स होने पर नहीं दिया कोई जवाब
NTA ने अब तक हरियाणा के एक ही एग्जाम सेंटर से 6 ऑल इंडिया टॉपर्स होने के बारे में कुछ नहीं कहा है। हर साल देश के प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर अपने इंस्टीट्यूट से टॉपर क्लेम करने की कोशिश करते हैं। इस साल Aakash इंस्टीट्यूट ने 21 टॉपर्स, Allen ने 27 और Narayana और Chaitanya ने 9-9 टॉपर्स क्लेम किए हैं। लेकिन, किसी भी इंस्टीट्यूट ने हरियाणा के इन 6 बच्चों को टॉपर के तौर पर क्लेम नहीं किया है। स्कोर कार्ड में 371 मार्क्स, आंसर की मिलाने पर 670
कुछ स्टूडेंट्स का कहना है कि NTA की तरफ से जारी किए गए स्कोर कार्ड में और आंसर की से खुद आंसर मिलाने पर अलग-अलग मार्क्स मिल रहे हैं। इसका मतलब है कि NTA की तरफ से गलत स्कोरकार्ड जारी किया गया है। भोपाल की एक स्टूडेंट का कहना है कि खुद आंसर की मिलाने पर उसका स्कोर 617 है जबकि स्कोर कार्ड में उसे 370 मार्क्स मिले हैं।