PM बनने के सवाल पर योगी का जवाब:राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं; केंद्र से मतभेद होता तो यहां बैठ पाता

‘राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है। इसकी भी एक समय सीमा होगी। केंद्रीय लीडर्स के साथ मेरा कोई मतभेद नहीं है। मतभेद होता तो यहां नहीं बैठा होता। पार्टी के कारण ही मैं यहां बैठा हूं। मैं खुद को विशेष भी नहीं मानता हूं। मेरे लिए राष्ट्र सबसे ऊपर है। अगर मेरा देश सुरक्षित है, तो मेरा धर्म भी सुरक्षित है। सड़क चलने के लिए होती है। अगर सुविधा चाहिए तो अनुशासन का पालन करना सीखें।’ सीएम योगी ने ये बातें समाचार एजेंसी PTI को दिए इंटरव्यू में कहीं। इस दौरान योगी ने हर सवाल का जवाब दिया। पूरा इंटरव्यू पढ़िए.. सवाल: एक बड़ा तबका आपको कभी न कभी प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है? जवाब: राजनीति मेरे लिए फुल टाइम जॉब नहीं है। फिलहाल, हम यहां काम कर रहे हैं। मगर असल में मैं एक योगी हूं। जब तक हम यहां हैं, हम काम कर रहे हैं। इसकी भी एक समय सीमा होगी। सवाल: क्या आपका केंद्रीय नेताओं के साथ मतभेद है?
जवाब: मतभेद होने की बात कहां से आ जाती है। पार्टी के कारण ही मैं यहां बैठा हूं। केंद्रीय नेताओं के साथ मतभेद करके क्या मैं यहां बैठा रह सकता हूं? टिकट का वितरण पॉर्लियामेंट्री बोर्ड करता है। पॉर्लियामेंट्री बोर्ड में सबके विषय में चर्चा होती है। स्क्रीनिंग के माध्यम से वहां सबके बारे में बातें पहुंचती हैं। सवाल: वक्फ बिल किसी प्रकार का विरोध पैदा कर सकता है?
जवाब: जो इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है? सब कुछ छोड़िए, क्या वक्फ ने मुसलमानों का भी कोई कल्याण किया? वक्फ निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। यह किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का जरिया बन गया। सुधार समय की मांग है। हर अच्छे काम का विरोध होता है। इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो-हल्ला हो रहा है। बिल का लाभ देश के मुसलमानों को भी मिलेगा। सवाल: हिंदी ही क्यों नेशनल इंटीग्रेशन की भाषा बन सकती है?
जवाब: यूपी में हम तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली और मराठी पढ़ा रहे हैं। इससे यूपी क्या छोटा हो गया है? यूपी में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, जो लोग अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के कारण इस भाषा विवाद को पैदा कर रहे हैं, वे अपने राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा कर सकते हैं, मगर वे एक तरह से युवाओं के रोजगार पर हमला कर रहे हैं। 2017 से पहले यूपी के सामने पहचान का संकट था
सीएम ने कहा- पिछली सरकारों की वजह से प्रकृति और परमात्मा की असीम कृपा का प्रदेश यूपी हर क्षेत्र में पिछड़ता चला गया। 2016-17 तक यह स्थिति आ गई थी कि यूपी पहचान के संकट से भी गुजर रहा था। केंद्र की योजनाएं यूपी में लागू नहीं होती थीं। आखिरकार 2017 में जनता ने ऐतिहासिक निर्णय लिया और यूपी में भाजपा की सरकार बनी। आज परिणाम सबसे सामने है। सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखें
महाकुंभ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सीएम ने कहा- ये श्रद्धालु शांति से आए, महास्नान में शामिल हुए और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए। त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन बदतमीजी का माध्यम नहीं बनने चाहिए। अगर सुविधा चाहिए तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखें। मैं एक नागरिक के रूप में काम करता हूं
मैं एक नागरिक के रूप में काम करता हूं। मैं खुद को विशेष नहीं मानता। एक नागरिक के रूप में मैं अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरा करता हूं। मेरे लिए राष्ट्र सबसे ऊपर है। अगर मेरा देश सुरक्षित है, तो मेरा धर्म भी सुरक्षित है। अगर धर्म सुरक्षित है तो यह कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। ———————————————– सीएम योगी से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- योगी बोले- राहुल जैसे नमूने जरूर रहने चाहिए सीएम योगी ने कहा- राहुल गांधी मंशा से सभी वाकिफ हैं। वह देश के बाहर भारत की आलोचना करते हैं। लोग उनके स्वभाव और इरादों को समझ चुके हैं। भाजपा के लिए राहुल जैसे कुछ नमूने जरूर रहने चाहिए। भारत में मुसलमान खतरे में नहीं हैं। जिस दिन भारतीय मुसलमान अपने पूर्वजों को समझ लेंगे, इन सभी को बोरिया-बिस्तर बांधकर भागना पड़ेगा। पढ़ें पूरी खबर