SC/ST रिजर्वेशन में क्रीमी लेयर लागू नहीं होगा:मोदी कैबिनेट से 8 रेलवे प्रोजेक्ट मंजूर; आवास योजना में 3 करोड़ नए घर भी बनेंगे

अनुसूचित जाति और जनजातियों के आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं किया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (9 अगस्त) को संसद भवन में उनसे मिलने आए 100 एससी-एसटी सांसदों से यह बात कही। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई ने यह टिप्पणी की थी कि एससी-एसटी में भी क्रीमी लेयर लागू करने पर विचार करना चाहिए। इसे लेकर सांसदों ने पीएम से अपनी चिंता जताई थी। वहीं, शाम को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई। रात में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एससी-एसटी के लिए आरक्षण संविधान के अनुसार ही होना चाहिए और संविधान में एससी-एसटी के लिए क्रीमी लेयर का प्रावधान नहीं है। मोदी कैबिनेट ने 8 रेलवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी भी दे दी है। इसपर करीब 24,657 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 2030-2031 तक ये प्रोजेक्ट पूरे होने की उम्मीद है। इसके अलावा कैबिनेट ने घर की जरूरत पूरी करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 3.60 लाख करोड़ रुपए की लागत से तीन करोड़ नए घर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बनाए जाएंगे। 64 नए स्टेशन बनेंगे
रेलवे के नए प्रोजेक्ट 7 राज्यों में 14 जिलों को कवर करेंगे। इनमें ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, झारखंड, बिहार, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल हैं। ये एग्रीकल्चर प्रोडक्ट, फर्टिलाइजर सहित अन्य कमोडिटीज के ट्रांसपोर्टेशन के लिए आवश्यक मार्ग हैं। इन परियोजनाओं के साथ 64 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इससे 6 आकांक्षी जिलों (पूर्वी सिंहभूम, भदाद्रीकोठागुडेम, मल्कानगिरी, कालाहांडी, नबरंगपुर, रायगढ़ा), 510 गांवों और लगभग 40 लाख आबादी को कनेक्टिविटी मिलेगी। यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट अजंता केव्स भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगी। इससे बड़ी संख्या में पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, नए प्रोजेक्ट से लॉजिस्टिक कॉस्ट कम होगी और ऑयल इंपोर्ट (32.20 करोड़ लीटर) भी कम होगा। तीन करोड़ नए घरों को मंजूरी, 3,60,000 करोड़ खर्च होंगे
कैबिनेट ने पीएम-आवास शहरी 2.0 के तहत 3,60,000 करोड़ रुपए के 3 करोड़ नए घरों को मंजूरी दी है। 2 करोड़ घर ग्रामीण क्षेत्रों में और 1 करोड़ घर शहरी क्षेत्रों में होंगे। 5 वर्षों में 1 लाख शहरी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। 18 करोड़ घर अप्रूव किए गए, 85.5 लाख से ज्यादा घर बने
PMAY-U शहरी क्षेत्रों में सभी एलिजिबल लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है। PMAY-U के तहत, 1.18 करोड़ घर स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 85.5 लाख से अधिक घर पहले ही बनाए जा चुके हैं। क्लीन प्लांट प्रोग्राम को कैबिनेट की मंजूरी, 1766 करोड़ रुपए खर्च होंगे
हॉर्टिकल्चर प्लांट पर रोगाणु हमलों से निपटने के लिए एक नए क्लीन प्लांट प्रोग्राम को मंजूरी दी गई है, जो किसानों की आय के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी में बहुत ज्यादा फर्क आएगा। इस पर 1766 करोड़ रुपए खर्च होंगे। नौ संस्थान हॉर्टिकल्चर प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए इस प्रोग्राम को लागू करेंगे। बीते 10 सालों में प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट 50 हजार करोड़ हो गया है। इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का विस्तार, 1,969 करोड़ रुपए खर्च होंगे
इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का विस्तार किया है। 10 साल पहले 1.5% इथेनॉल की ब्लेंडिंग होती थी, अब ये 16% हो गई है। प्रोग्राम के लॉन्ग टर्म ऑब्जेक्टिव को सपोर्ट करते हुए पीएम जीवन योजना अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाई गई है। इस पर 1,969 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कोटे में कोटा पर कहा था- राज्य आरक्षण में सब कैटेगरी बना सकते हैं
सुप्रीम कोर्ट ने 1 अगस्त को 20 साल पुराना अपना ही फैसला पलटते हुए कहा था- राज्य सरकारें अब अनुसूचित जाति, यानी SC के रिजर्वेशन में कोटे में कोटा दे सकेंगी। अनुसूचित जाति को उसमें शामिल जातियों के आधार पर बांटना संविधान के अनुच्छेद-341 के खिलाफ नहीं है। 7 जजों की बेंच में शामिल जस्टिस बीआर गवई ने कहा था कि राज्यों को अनुसूचित जातियों (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के बीच भी क्रीमी लेयर की पहचान करने और उन्हें आरक्षण का लाभ देने से इनकार करने के लिए एक नीति विकसित करनी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… ऐसा पहली बार नहीं, सुप्रीम कोर्ट की मंशा से अलग फैसले लेती रहीं सरकारें