रायबरेली
हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 16 सितम्बर को ‘शब्दों का श्रृंगार है हिन्दी’ विषय पर रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच समूह (भारत) की छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई द्वारा अभासी ‘काव्य-गोष्ठी’ आयोजित की गई।

3 घण्टे से अधिक समय तक चली इस काव्य-गोष्ठी में प्रथम सत्र का सकुशल संचालन एवं अध्यक्षता कर रही डॉ निवेदिता वर्मा मेघा भाटापारा छत्तीसगढ़ ने किया तथा दूसरे सत्र का संचालन महासचिव डॉ शिखा पाण्डेय सरायपाली, छत्तीसगढ़ ने किया। सचिव श्रीकांत चैनी, मुख्य संरक्षक ललित सिंह ठाकुर भाटापारा, छ.ग., विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ कवि डॉ अविनाश खरे पुणे महाराष्ट्र रहे।
इस आभासी काव्य- गोष्ठी में जिन साहित्यकारों ने काव्य-पाठ किया उनमे प्रमुख रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन डॉ सरोज सिंह, रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के संस्थापक डॉ शिवनाथ सिंह ‘शिव’, केंद्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिव कुमार सिंह शिव, संरक्षक एवं प्रशासक डॉ सुधीर कुमार श्रीवास्तव गोंडा, रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के केंद्रीय मीडिया प्रभारी/पत्रकार डॉ राम लखन वर्मा, गणेश वंदना डॉ विजय लक्ष्मी अनाम ने प्रस्तुत की, सुमन, रश्मि रानी सोनीपत हरियाणा, डॉ दीपा शर्मा ‘ऊजाला’ हरियाणा, ईश्वर चन्द्र विद्या वाचस्पति सन्तकबीरनगर, राम स्नेही विश्वकर्मा सजल लखनऊ, ललिता जोगड़ मुम्बई, ओम प्रकाश राजस्थान, सरिता श्रीवास्तवा जोधपुर, डॉ निवेदिता वर्मा ‘मेघा’ भाटापारा छत्तीसगढ़, शकुंतला श्रीवास्तवा लखनऊ, वैद्य विद्या सागर पंचारिया बीकानेर, शिखा पांडेय छत्तीसगढ़ ने सरस्वती वंदना भी प्रस्तुत किया, दिवाकर पाठक हजारीबाग, शकुंतला श्रीवास्तव लखनऊ, सरिता श्रीवास्तव जोधपुर राजस्थान, फिरित राम पटेल दुर्ग छ.ग., कामना पाठक, डॉ ऋचा शर्मा श्रेष्ठा करनाल हरियाणा, जोहन भार्गव सेंदरी बिलासपुर, कुमारी प्रिया दिप बसना, छ.ग., तिलक रस्म अजनवी बहराइच के अलावा कई साहित्यकारों ने अपने गीत, गजल, छंद एवं मुक्तकों से माध्यम भाव- विभोर करते हुए कवि-गोष्ठी को काव्य महोत्सव में बदल दिया।

इस काव्य-गोष्ठी को रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टन सरोज सिंह लखनऊ ने काव्य-पाठ करने वाले सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।