जोमैटो का मुनाफा पहली तिमाही में 90% कम हुआ:₹253 करोड़ से ₹25 करोड़ पर आया, कमाई 69% बढ़कर ₹7,521 करोड़; शेयर आज 7.50% चढ़ा

ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो (इटरनल लिमिटेड) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) में 7,521 करोड़ रुपए की कुल कमाई की है। यह पिछले साल के मुकाबले 69.31% ज्यादा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 4,442 करोड़ रुपए की कमाई की थी। कुल कमाई में से कर्मचारियों की सैलरी और टैक्स जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 25 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। सालाना आधार (2025 के अप्रैल-जून) पर यह 90% गिरा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 253 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। रेवेन्यू 70% बढ़कर ₹7,167 करोड़ रहा पहली तिमाही (Q1FY25) में जोमैटो ने ऑपरेशन (प्रोडक्ट-सर्विस बेचकर) से 7,167 करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू जनरेट किया। पिछले साल के अप्रैल-जून के मुकाबले यह 70.39% बढ़ा है। अप्रैल-जून 2025 में कंपनी ने 4,206 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। रिजल्ट के बाद शेयर आज 7.50% चढ़ा रिजल्ट के बाद जोमैटो का शेयर आज 7.50% की तेजी के साथ 276.50 रुपए पर बंद हुआ। बीते 5 दिने में यह 3% और 1 महीने में 9% चढ़ा है। बीते छह महीने में जोमैटो ने 31% और एक साल में 30% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 2.46 लाख करोड़ रुपए है। कंसॉलिडेटेड ​​​​​​मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। यहां, जोमैटो की ब्लिंकिट समेत 21 सब्सिडियरी और 1 ट्रस्ट है। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कंसॉलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, ब्लिंकिट के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा। दीपिंदर ने 2008 में बनाई थी फूडीबे