रायबरेली-उ.प्र.
रायबरेली के कवि एवं मीडिया प्रभारी डॉ राम लखन वर्मा (विद्यावाचस्पति) को “अंतर्राष्ट्रीय सम्मान 2025′ से सम्मानित किया गया है। डॉ राम लखन वर्मा को यह सम्मान बोधगया में आयोजित तीन दिवसीय आचार्यकुल अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं अंतर्राष्ट्रीय काव्य महाकुंभ में आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य धर्मेन्द्र, द्वारा अंगवस्त्र, सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर प्रदान किया।
इसके पूर्व काशी हिंदी विद्यापीठ से “विद्यावाचस्पति” एवं “विद्या-सागर” के साथ-साथ विभिन्न नामचीन संस्थाओं द्वारा कई सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। जिनमे “काव्य गौरव सम्मान”, साहित्य गौरव सम्मान, भारत रत्न डॉ अब्दुल कलाम एवार्ड लखनऊ में “भारत गौरव रत्न सम्मान 2024,” “सूर्यकांत निराला स्मृति सम्मान” के अलावा बहुत सारे सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। ज्ञातव्य है कि हरीपुर-निहस्था निवासी डॉ राम लखन वर्मा इससे पहले भारत सरकार की पहली सार्वजनिक उपक्रम इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्रीज लिमिटेड में इंजीनियर पद पर अपनी सेवा दे चुके हैं। अब वह कविताओं के साथ-साथ मीडिया के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनकी रचनाएं देश-विदेश की विभिन्न साझा संकलनों और पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रही हैं और आन लाइन, आफ लाइन एवं राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में इनकी सक्रियता को विशिष्ट पहचान मिल रही है। इनका सफर अभी भी अनवरत रूप से जारी है।


डॉ. राम लखन वर्मा को सम्मानित किए जाने पर वरिष्ठ कवि/ साहित्यकार सुधीर श्रीवास्तव (गोण्डा), शिवनाथ सिंह शिव, इंद्रेश सिंह भदौरिया रायबरेली, ईश्वर चन्द्र मेंहदावली विद्यावाचस्पति, जनकवि अयोध्या प्रसाद लोधी “सुमन”, शिवपाल सिंह उन्नाव, अभय श्रीवास्तव, वंदना सूर्यवंशी, इंद्रजीत तिवारी निर्भीक, डा.कंचन सिंह सहित परिवार, सगे-संबंधियों, मित्रों, अनेक साहित्यिक मनीषियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाइयां शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उन्होंने ने सभी मनीषियों का तहेदिल से आभार भी व्यक्त किया।
