रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच का ऑनलाइन कवि सम्मेलन संपन्न
लखनऊ- उ.प्र.
रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच केंद्रीय पटल एवं प्रांतीय इकाइयों के संयुक्त तत्वाधान में एक शाम संस्थापक डॉ. शिवनाथ सिंह शिव की स्मृतिशेष मां यशोदा देवी की पुण्यतिथि पर आयोजित की गयी। देर रात तक चले कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीवास्तव ‘विद्यार्थी’ सागर, मध्य प्रदेश ने किया। मुख्य अतिथि ललिता बी जोगड, मुंबई महाराष्ट्र रही। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में वीरेंद्र कुमार पाठक हाथरस उत्तर प्रदेश रहे।
कार्यक्रम का आरंभ मनोज मंजुल की वाणी वंदना एवं शशि जायसवाल की गणेश वंदना से हुआ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन

डॉ. तारकेश्वर मिश्रा अम्बेडकर नगर, राम बहाल सिंह “बहाल, डॉ. शिव कुमार सिंह “शिव दुसौती” एवं डॉ. शिव नाथ सिंह “शिव” ने किया।
सर्वप्रथम सभी साहित्यकारों का स्वागत एवं अभिनंदन डॉ. शिव नाथ सिंह “शिव”ने किया। इस अवसर पर डॉ. किरण कुमारी भागलपुर बिहार, अर्चना आनंद गाजीपुर उत्तर प्रदेश, अवधेश कुमार श्रीवास्तव उन्नाव उत्तर प्रदेश, अविनाश खरे पुणे महाराष्ट्र, ऋतु प्रज्ञा देवी दरभंगा बिहार, ऊषा सूद दिल्ली, संतोष श्रीवास्तव विद्यार्थी सागर मध्य प्रदेश, कैप्टन सरोज सिंह “सैनिक” लखनऊ उत्तर प्रदेश, अवधेश कुमार पश्चिम बंगाल,
मनोज मंजुल कासगंज उत्तर प्रदेश, डॉ. रामदेव शर्मा “राही” मथुरा उत्तर प्रदेश, सुनील श्रीवास्तव “बेचारा”अमेठी, डॉ खालिद हुसैन सिद्दीकी लखनऊ, रमेश चन्द्रा शामली, डॉ.मीना कुमारी परिहार “मान्या” बिहार, आ. रामलाल द्विवेदी “प्राणेश” चित्रकूट उत्तर प्रदेश, दिलीप कुमार शर्मा देवास मध्य प्रदेश,

कृष्ण कुमार गुप्ता पुणे महाराष्ट्र, डॉ.विजय लक्ष्मी अहमदाबाद गुजरात, मीना रावलानी कोटा राजस्थान, लक्ष्मी चौहान, रौशनी, कोटद्वार उत्तराखंड, शशिकला श्रीवास्तव क्योंझर ओडिशा, शिव नाथ सिंह “शिव” रायबरेली उत्तर प्रदेश, डॉ. मनोज फगवाड़वी पंजाब, कैंप-न्यूयॉर्क अमेरिका, सरिता श्रीवास्तव जोधपुर राजस्थान, श्वेता कुमारी चौबे बेतिया पश्चिम चम्पारण बिहार, पूनम सिंह “प्रिय श्री” प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश, रामबहाल सिंह “बहाल कवि” वाराणसी उत्तर प्रदेश, दीपा शर्मा फरीदाबाद हरियाणा, त्रिलोक चंद्र सेन महेंद्रगढ़ हरियाणा, डॉ सत्यवीर सिंह “निराला” रोहतक हरियाणा, अमलेश कुमार “अमल” उन्नाव उ.प्र., मिलन विश्वकर्मा उन्नाव उ प्र, अरविंद कुमार “अनोखे”, उन्नाव उत्तर प्रदेश, शिवकुमार सिंह “शिव दुसौटी” रायबरेली, राम राज भारती लखनऊ, डॉ राम लखन वर्मा रायबरेली उत्तर प्रदेश आदि ने अपने गीत, गजल, छंद एवं मुक्तकों से सबको भाव विभोर कर दिया। सभी साहित्यकारों ने अपने श्रृद्धा सुमन स्मृतिशेष यशोदा देवी को अर्पित करते हुए काव्य-पाठ किया।