आज दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। दो बार स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद इस बार नरेंद्र मोदी साथी दलों के साथ मिलकर सरकार बना रहे हैं। इसके लिए शपथ ग्रहण का विशेष मुहूर्त निकाला गया है। दिव्य भास्कर ने नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण का मुहूर्त निकालने वाले अहमदाबाद के ज्योतिषी विश्व वोरा से बातचीत की। ज्योतिषी का कहना है, कि जिस मुहूर्त में मोदी शपथ लेंगे उसके प्रभाव से भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। जानिए शपथ ग्रहण के लिए 9 जून क्यों तय किया गया और क्यों खास है इस दिन शाम का मुहूर्त…. ज्योतिषी विश्व वोरा बताते हैं कि वो अयोध्या राम मंदिर का मुहूर्त निकालने वाली समिति के सदस्य थे, इसलिए इन्हें शपथ ग्रहण का मुहूर्त निकालने की जिम्मेदारी दी। इस मुहूर्त को निकालने के लिए इन्होंने 15 से 20 दिनों तक तैयारी की। जिस दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे वाले दिन यानी 4 जून को इन्होंने पीएम कार्यालय में शपथ का मुहूर्त दिया। इसी के मुताबिक पीएम का शपथ ग्रहण समारोह 9 जून को किया जा रहा है। मुहूर्त के बारे में वोरा का कहना है कि 9 जून मुहूर्त भारत के लिए शुभ है। इस मुहूर्त के प्रभाव से अगले पांच साल ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक भारत को लाभ मिलता रहेगा। 9 जून का मुहूर्त क्यों खास है ?
इस दिन ज्येष्ठ महीने के तृतीया तिथि और रविवार है। साथ ही पुनर्वसु नक्षत्र भी रहेगा। जो की देवताओं का नक्षत्र होता है। इसे सभी शुभ कामों में महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान श्री राम का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ था। इस दिन वृद्धि ,अमृत और नैमित्तिक योग बन रहे हैं। जो भारत के विकास का संकेत दे रहा है। साथ ही इस दिन चंद्रमा अपनी ही राशि यानी कर्क राशि में रहेगा। भारतीय कुंडली में भी चंद्रमा कर्क राशि में है, इसलिए इस दिन को मुहूर्त के तौर पर चुना गया है। 9 जून को कितने बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह?
शाम 7.07 से 7.35 तक विशेष शुभ सूक्ष्म समय निकाला गया है। इस वक्त वृश्चिक लग्न रहेगा। जो कि स्थिर लग्न होता है। इससे पहले मोदी ने 2014 और 2019 में भी इसी लग्न में शपथ ली है। इसमें कुंभ और मीन नवमांश लिया गया है। इस समय की कुंडली में लग्न का स्वामी मंगल और चंद्रमा, दोनों ही खुद की ही राशि में होंगे। सूर्य, बुध, गुरु और शुक्र कुंडली के सातवें घर में होंगे और लग्न पर इन सभी ग्रहों की दृष्टि होगी। जिससे भारत की भूमिका और मजबूत होगी। इस दिन लग्न और नवमांश का भी आपस में बहुत अच्छा संयोग बन रहा है। खास बात ये है कि नरेंद्र मोदी की जन्म राशि वृश्चिक और भारत की कुंडली का लग्न वृषभ है। इन दोनों में समसप्तक योग बन रहा है। वहीं भारत और नरेंद्र मोदी की राशि से आपस में नवमपंचम लाभ योग बन रहा है। इस समय गौधुलिक नाम का संध्या विजय मुहूर्त
शपथ लेते वक्त गौधुलिक नाम का संध्या विजय मुहूर्त रहेगा। जो शास्त्रों के मुताबिक सभी कामों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। ज्योतिष में तीन विजय मुहूर्त बताए गए हैं – त्रेतर, मध्याह्न और संध्या। इसमें संध्या मुहूर्त को खास बताया है। मध्याह्न विजय मुहूर्त और वृश्चिक नवमांश के वक्त अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। अब शपथ ग्रहण मुहूर्त के लिए वृश्चिक लग्न और गौधूलिक विजय मुहूर्त पर जोर दिया गया है। ये मुहूर्त हमेशा शुभ फलदायक ही सिद्ध हुआ है। इससे भारत का भविष्य और भी उज्जवल होगा और देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होगा। विश्व वोरा के मुताबिक जब नरेंद्र मोदी के शपथ लेंगे, उस मुहूर्त में कोई भी काम किया जाए तो सफलता मिलनी तय है। मुहूर्त, लग्न और ग्रहों का ऐसी सटीक स्थिति पांच या दस साल में एक बार बनती है। कौन हैं विश्व वोरा ?
विश्व वोरा उस समिति के भी सदस्य थे, जिसने राम मंदिर का मुहूर्त निकाला था। विश्व वोरा ने कहा, ‘अयोध्या में राम मंदिर के मुहूर्त में शामिल होना मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। राम मंदिर का पूरा आयोजन बहुत सफल रहा था। अब मेरे लिए ये एक और उपलब्धि है कि जिस समिति ने प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण का मुहूर्त निकाला है, मैं उस समिति का सदस्य हूं।
इस दिन ज्येष्ठ महीने के तृतीया तिथि और रविवार है। साथ ही पुनर्वसु नक्षत्र भी रहेगा। जो की देवताओं का नक्षत्र होता है। इसे सभी शुभ कामों में महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान श्री राम का जन्म भी इसी नक्षत्र में हुआ था। इस दिन वृद्धि ,अमृत और नैमित्तिक योग बन रहे हैं। जो भारत के विकास का संकेत दे रहा है। साथ ही इस दिन चंद्रमा अपनी ही राशि यानी कर्क राशि में रहेगा। भारतीय कुंडली में भी चंद्रमा कर्क राशि में है, इसलिए इस दिन को मुहूर्त के तौर पर चुना गया है। 9 जून को कितने बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह?
शाम 7.07 से 7.35 तक विशेष शुभ सूक्ष्म समय निकाला गया है। इस वक्त वृश्चिक लग्न रहेगा। जो कि स्थिर लग्न होता है। इससे पहले मोदी ने 2014 और 2019 में भी इसी लग्न में शपथ ली है। इसमें कुंभ और मीन नवमांश लिया गया है। इस समय की कुंडली में लग्न का स्वामी मंगल और चंद्रमा, दोनों ही खुद की ही राशि में होंगे। सूर्य, बुध, गुरु और शुक्र कुंडली के सातवें घर में होंगे और लग्न पर इन सभी ग्रहों की दृष्टि होगी। जिससे भारत की भूमिका और मजबूत होगी। इस दिन लग्न और नवमांश का भी आपस में बहुत अच्छा संयोग बन रहा है। खास बात ये है कि नरेंद्र मोदी की जन्म राशि वृश्चिक और भारत की कुंडली का लग्न वृषभ है। इन दोनों में समसप्तक योग बन रहा है। वहीं भारत और नरेंद्र मोदी की राशि से आपस में नवमपंचम लाभ योग बन रहा है। इस समय गौधुलिक नाम का संध्या विजय मुहूर्त
शपथ लेते वक्त गौधुलिक नाम का संध्या विजय मुहूर्त रहेगा। जो शास्त्रों के मुताबिक सभी कामों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। ज्योतिष में तीन विजय मुहूर्त बताए गए हैं – त्रेतर, मध्याह्न और संध्या। इसमें संध्या मुहूर्त को खास बताया है। मध्याह्न विजय मुहूर्त और वृश्चिक नवमांश के वक्त अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। अब शपथ ग्रहण मुहूर्त के लिए वृश्चिक लग्न और गौधूलिक विजय मुहूर्त पर जोर दिया गया है। ये मुहूर्त हमेशा शुभ फलदायक ही सिद्ध हुआ है। इससे भारत का भविष्य और भी उज्जवल होगा और देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर होगा। विश्व वोरा के मुताबिक जब नरेंद्र मोदी के शपथ लेंगे, उस मुहूर्त में कोई भी काम किया जाए तो सफलता मिलनी तय है। मुहूर्त, लग्न और ग्रहों का ऐसी सटीक स्थिति पांच या दस साल में एक बार बनती है। कौन हैं विश्व वोरा ?
विश्व वोरा उस समिति के भी सदस्य थे, जिसने राम मंदिर का मुहूर्त निकाला था। विश्व वोरा ने कहा, ‘अयोध्या में राम मंदिर के मुहूर्त में शामिल होना मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। राम मंदिर का पूरा आयोजन बहुत सफल रहा था। अब मेरे लिए ये एक और उपलब्धि है कि जिस समिति ने प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण का मुहूर्त निकाला है, मैं उस समिति का सदस्य हूं।