सूर्यकुमार…49 बॉल पर नाबाद 50 रन, शिवम दुबे…35 बॉल पर नाबाद 31 रन और सौरभ नेत्रवल्कर…पावरप्ले में कोहली-रोहित के विकेट लिए। ये 3 मुंबईकर (मुंबई के रहने वाले) भारत-अमेरिका वर्ल्ड कप मुकाबले में गेम चेंजर साबित हुए। नसाउ काउंटी स्टेडियम में नई नवेली टीम अमेरिका ने पहले तो भारत के वर्ल्ड क्लास बॉलिंग अटैक के सामने 110 रन का स्कोर बनाया, फिर रन चेज में रोहित, कोहली, पंत, सूर्या और दुबे जैसे टॉप-क्लास बैटिंग ऑर्डर से लैस भारतीय टीम को 19वें ओवर तक खींच ले गई। टीम इंडिया ने यह मैच 7 विकेट से जीता और इस जीत के साथ सुपर-8 में जगह पक्की कर ली। मैच रिपोर्ट में आगे बढ़ने से पहले मुंबई के 3 खिलाड़ियों का प्रदर्शन देख लीजिए… 1. मैच विनर- अर्शदीप सिंह नई बॉल से लेकर आए लेफ्टी पेसर अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में दो विकेट निकाले। उन्होंने पहली बॉल पर शायन जहांगीर को LBW आउट किया, फिर आखिरी बॉल पर शायन जहांगीर को हार्दिक पंड्या के हाथों कैच कराया। इतना ही नहीं, अर्शदीप ने 15वें ओवर में सेट बैटर नीतीश कुमार (27 रन) को पवेलियन भेजा और 18वें ओवर में हरमीत सिंह (10 रन) को आउट करके अमेरिका के बड़े स्कोर तक पहुंचने की उम्मीद को खत्म किया। 2. भारतीय टीम के हीरोज- ग्राफिक्स सूर्यकुमार यादव
15 रन पर कप्तान रोहित शर्मा के आउट होने के बाद खेलने आए और भारत को मैच जिताकर लौटे। सूर्या ने अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने पंत के साथ 29 और शिवम दुबे के साथ नाबाद 67 रनों की पार्टनरशिप की। शिवम दुबे
44 रन पर ऋषभ पंत का विकेट गिरने के बाद उतरे और सूर्यकुमार का अंत तक साथ दिया। दुबे ने 35 बॉल पर 31 रन बनाए। इस पारी में एक चौका और एक छक्का शामिल रहा। हार्दिक पंड्या
अपने कोटे के 4 ओवर में 14 रन देकर 2 विकेट लिए। कनाडा के खिलाफ अमेरिक की जीत के हीरो रहे कप्तान एरोन जोन्स (27 रन) और कोरी एंडरसन (15 रन) को पवेलियन की राह दिखाई। 3. टर्निंग पॉइंट अहम मौके पर भारत को पेनल्टी के 5 रन मिले
15 ओवर के बाद भारतीय टीम को पेनल्टी के 5 रन मिले। तब भारतीय टीम को 30 बॉल पर 35 रन चाहिए थे। इस पेनल्टी ने अमेरिकी खिलाड़ियों का मोरल डाउन किया और पेनल्टी के बाद समीकरण को 30 में से 35 से घटाकर 30 में 30 कर दिया गया। रन गति में यह अचानक बदलाव खेल का निर्णायक साबित हुआ। नेत्रवल्कर से सूर्यकुमार का कैच ड्रॉप, भारत को मैच जिताया
भारतीय पारी के 13वें ओवर में सूर्यकुमार यादव को जीवनदान मिला। शैडली वान शल्कविक के ओवर की चौथी बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन में सौरभ नेत्रल्वाकर से कैच ड्रॉप हो गया। तब सूर्यकुमार यादव 22 रन के स्कोर पर खेल रहे थे। जीवनदान मिलने के बाद सूर्या ने अर्धशतकीय पारी खेलकर भारत को जीत दिला दी। यदि सौरभ कैच पकड़ लेते तो भारतीय टीम दबाव में आ जाती और मैच की तस्वीर अगल होती। 4. हार की 3 वजहें 5. फाइटर ऑफ द मैच- सौरभ नेत्रवल्कर अमेरिकी गेंदबाज सौरभ नेत्रवल्कर फाइटर ऑफ द मैच रहे। उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा को 10 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा। सौरभ ने अपने कोटे के 4 ओवर में 18 रन ही दिए, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।
15 रन पर कप्तान रोहित शर्मा के आउट होने के बाद खेलने आए और भारत को मैच जिताकर लौटे। सूर्या ने अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने पंत के साथ 29 और शिवम दुबे के साथ नाबाद 67 रनों की पार्टनरशिप की। शिवम दुबे
44 रन पर ऋषभ पंत का विकेट गिरने के बाद उतरे और सूर्यकुमार का अंत तक साथ दिया। दुबे ने 35 बॉल पर 31 रन बनाए। इस पारी में एक चौका और एक छक्का शामिल रहा। हार्दिक पंड्या
अपने कोटे के 4 ओवर में 14 रन देकर 2 विकेट लिए। कनाडा के खिलाफ अमेरिक की जीत के हीरो रहे कप्तान एरोन जोन्स (27 रन) और कोरी एंडरसन (15 रन) को पवेलियन की राह दिखाई। 3. टर्निंग पॉइंट अहम मौके पर भारत को पेनल्टी के 5 रन मिले
15 ओवर के बाद भारतीय टीम को पेनल्टी के 5 रन मिले। तब भारतीय टीम को 30 बॉल पर 35 रन चाहिए थे। इस पेनल्टी ने अमेरिकी खिलाड़ियों का मोरल डाउन किया और पेनल्टी के बाद समीकरण को 30 में से 35 से घटाकर 30 में 30 कर दिया गया। रन गति में यह अचानक बदलाव खेल का निर्णायक साबित हुआ। नेत्रवल्कर से सूर्यकुमार का कैच ड्रॉप, भारत को मैच जिताया
भारतीय पारी के 13वें ओवर में सूर्यकुमार यादव को जीवनदान मिला। शैडली वान शल्कविक के ओवर की चौथी बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन में सौरभ नेत्रल्वाकर से कैच ड्रॉप हो गया। तब सूर्यकुमार यादव 22 रन के स्कोर पर खेल रहे थे। जीवनदान मिलने के बाद सूर्या ने अर्धशतकीय पारी खेलकर भारत को जीत दिला दी। यदि सौरभ कैच पकड़ लेते तो भारतीय टीम दबाव में आ जाती और मैच की तस्वीर अगल होती। 4. हार की 3 वजहें 5. फाइटर ऑफ द मैच- सौरभ नेत्रवल्कर अमेरिकी गेंदबाज सौरभ नेत्रवल्कर फाइटर ऑफ द मैच रहे। उन्होंने विराट कोहली और रोहित शर्मा को 10 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा। सौरभ ने अपने कोटे के 4 ओवर में 18 रन ही दिए, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।