UEFA यूरो कप 2024 आज से:रोनाल्डो का हो सकता है आखिरी कॉन्टिनेन्टल टूर्नामेंट, जर्मनी कर रहा है मेजबानी; जानें टॉप-5 दावेदार

यूरो 2024, यूरोपीय चैम्पियनशिप का 17वां एडिशन, आज से जर्मनी में खेला जाएगा। फीफा वर्ल्ड कप के बाद यूरो सबसे बड़ा इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट है, जिसमें यूरोप की टॉप-24 टीमें हिस्सा लेती है कोविड-19 के कारण 2020 का यूरो साल 2021 में हुआ था। हालांकि अब यूरो 2024 फिर अपनी 4 ईयर की साइकिल में लौट आया है। इटली यूरो कप का डिफेंडिंग चैंपियन है। टीम ने यूरो 2020 के फाइनल में इंग्लैंड को पेनल्टी पर हराकर पिछला टूर्नामेंट जीता था। टूर्नामेंट का पहला मैच मेजबान जर्मनी और स्कॉटलैंड के बीच आज देर रात 12:30 से खेला जाएगा। रोनाल्डो का आखिरी यूरो हो सकता है
यूरो 2024 पुर्तगाल और दुनिया के स्टार खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का आखिरी कॉन्टिनेनट्ल टूर्नामेंट (यूरो) हो सकता है। वे नेशनल कलर्स में आखिरी बार 2026 फीफा वर्ल्ड में नजर आ सकते हैं। 39 साल के रोनाल्डो पिछलें 5 यूरो खेल चुके हैं, जिसमें उन्हें एक बार 2016 में जीत मिली है। 206 मैचों में रिकॉर्ड 130 गोल के साथ, रोनाल्डो इंटरनेशनल फुटबॉल में टॉप गोल स्कोरर हैं और वे अपने देश को दूसरा यूरो खिताब दिलाने में मदद करने के लिए अपने इस आंकड़े को बढ़ाना चाहेंगे। क्या होगा टूर्नामेंट का फॉर्मेट जर्मनी-स्पेन सबसे सफल टीम
जर्मनी और स्पेन यूरो कप की सबसे सफल टीमों में से एक हैं। दोनों टीमों के पास 3-3 यूरो खिताब हैं। हालांकि जर्मनी ने आखिरी बार साल 1996 में टूर्नामेंट जीता था। जबकि स्पेन 2012 में चैंपियन बना था। यह टीमें दावेदार
1. फ्रांस
फीफा वर्ल्ड कप 2022 की फाइनलिस्ट टीम फ्रांस मेंज्यादा बदलाव नहीं हुए हैं। टीम यूरो कप में लगभग सेम स्क्वाड के साथ उतरेगी। टीम के पास कीलियन एमबाप्पे हैं। जो कि दुनिया के बेस्ट फॉरवर्ड में से एक हैं।फ्रांस को यूरो 2020 में क्वार्टर फाइनल से बाहर होने की निराशा को दूर करने की जरूरत होगी। टीम के पास सुपर-सब ओलिवियर जिरूड हैं। वहीं, टीम में रियल मैड्रिड के लिजेंडरी प्लेयर रह चुके कारिम बेंजेमा भी हैं। फ्रांस की टीम में कुछ अच्छे खिलाड़ी चोटिल हैं। इसमें अनुभवी गोलकीपर ह्यूगो लोरिस और डिफेंडर राफेल वराने टीम से बाहर हो चुके हैं। 2. इंग्लैंड
पिछले साल टीम यूरो की फाइनलिस्ट इंग्लैंड टीम हमेशा बेस्ट स्क्वाड के साथ उतरती है। इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ा सवाल क्वालिटी का नहीं, बल्कि मानसिकता का है। हैरी केन, जूड बेलिंगहैम और फिल फोडेन वर्ल्ड क्लास प्लेयर है। टीम में इंग्लिश प्रीमियर लीग के टॉप खिलाड़ी भी शामिल है। लेकिन जब नॉकआउट दौर शुरू होगा और फ्रांस सामने होगी तो टीम की जीत सुनिश्चित नहीं होती है। इंग्लैंड का यूरो क्वालिफाईंग सफर बेहतरीन रहा है। टीम ने इटली जैसी टीमों को हराया है। साथ ही टीम की बैकलाइन भी शानदार है। 3. पुर्तगाल
पुर्तगाल ने अपने क्वालिफाईंग मैचों में आसानी से जीत हासिल की, टीम ने 10 में से 10 गेम जीते, 36 गोल किए और केवल दो खाए। टीम में ब्रूनो फर्नांडिस, क्रिस्टियानो रोनाल्डो, बर्नार्डो सिल्वा, रूबेन डियास और जोआओ कैंसेलो जैसे कुछ वर्ल्ड क्लास प्लेयर्स है, जो आखिरी मोमेंट्स में मैच पलटने का माद्दा रखते हैं। पुर्तगाल के पास गोल करने की एबिलिटी, क्रिएटीविटी और कुछ बेहतरीन डिफेंडर हैं। यह सभी चीजें टूर्नामेंट जीतने के लिए जरूरी होते हैं। 4. जर्मनी
2014 के वर्ल्ड कप विजेता जर्मनी को घर में सपोर्ट मिलेगा, जिसका उसे फायदा होगा। हालांकि, 2023 में उनका प्रदर्शन खराब रहा। टीम ने नौ में से पांच फ्रैंडली मैज गंवाए और केवल दो जीते, लेकिन साल के अंत से टीम बेहतर हुई है, खासकर फ्रांस और नीदरलैंड को हराने के बाद। उनके पास टोनी क्रूस जैसे कुछ बेहतरीन खिलाड़ी हैं। इल्के गुंडोगन, जमाल मुसियाला और फ्लोरियन विर्ट्ज़ जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। वहीं, टीम के पास इस दशक के बेस्ट गोलकीपर मैनुअल नॉयर भी हैं। यह टीम कमाल कर सकती है। 5. स्पेन
स्पेन ने 2008 से 2012 के बीच लगातार तीन इंटरनेशन खिताब जीते। दो यूरो और एक वर्ल्ड कप। हालांकि, तब से टीम में काफी बदलाव आए और टीम का प्रदर्शन खराब हुआ है। 2018 वर्ल्ड कप, 2021 यूरो और 2022 वर्ल्ड कप में, उन्होंने क्रमशः रशिया, इटली और मोरक्को से बेहतर फुटबॉल खेला, लेकिन पेनल्टी पर हर किसी से हार गए। लेकिन फिर 2023 में, उन्होंने क्रोएशिया को हराकर UEFA नेशंस लीग जीती, जिसने उन्हें सफलता मिली और कॉन्फिडेंस आया है। बाकी टीमों के मुकाबले स्पेन में बहुत कुछ खास नहीं है, लेकिन इस टीम में डानी कार्वाहाल, निको विलियम्स, पेड्री, और डानी ओल्मों जैसे कई प्लेयर्स ऐसे है, जो इंटरनेशनल स्टेज पर मैच पलट सकते हैं। हालांकि, शायद शुरुआत में चीजें गलत होने की सबसे अधिक गुंजाइश है।