अहमदाबाद में निकलेगी भगवान जगन्नाथ की 147वीं रथ यात्रा:मंगला आरती में शामिल होने पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह; सीएम भूपेंद्र पटेल करेंगे पहिंद विधि

गुजरात के अहमदाबाद में आज यानी कि रविवार को भगवान जगन्नाथ की 147वीं वार्षिक रथ यात्रा निकाली जाएगी। रथ यात्रा जमालपुर में स्थित 400 साल पुराने भगवान जगन्नाथ मंदिर से सुबह करीब सात बजे शुरू होगी। इसके बाद शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए रात आठ बजे तक वापस निज मंदिर लौटेगी। रथ यात्रा में दर्जनों सुसज्जित हाथी, 100 ट्रक और 30 ‘अखाड़ों’ के लोग शामिल होते हैं। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों को प्राचीन परंपरा के अनुसार खलासी समुदाय के लोग खींचते हैं। भगवान की एक झलक पाने के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा रहते हैं। मंगला आरती में शामिल होने पहुंचे अमित शाह गृह मंत्री अमित शाह मंगला आरती में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंच गए हैं। जहां वे भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद करीब 6.30 बजे मुख्यमंत्री पहिंद विधि करेंगे। इसके बाद भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर रथ यात्रा का प्रारंभ करवाया जाएगा। मोदी के भी नाम है ‘पाहिंद विधि’ करने का रिकॉर्ड
लगातार 13 वर्ष तक पाहिंद विधि करने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज है। उन्होंने 2001 से 2013 तक हर वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में जगन्नाथ रथ यात्रा की पाहिंद विधि की थी। साल 2014 में नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद आनंदीबेन गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी थीं। इस तरह पहली बार पाहिंद विधि करने का पुण्य अवसर किसी महिला मुख्यमंत्री को मिला था। रथ यात्रा में क्या है ‘पहिंद विधि’?
रथ यात्रा के दौरान एक खास किस्म की रस्म होती है, जिसे पहिंद विधि कहा जाता है। तीनों रथ के आगे सोने की विशेष झाडू से रथ के रास्ते को साफ करना (बुहारना) ही पाहिंद विधि कहलाता है। पहिंद विधि में भगवान जगन्नाथ के रथ के आगे सोने के झाड़ू से झाड़ू लगाया जाता है। इसके बाद ही रथ आगे बढ़ता है। 18 हजार से अधिक जवान तैनात रहेंगे रथ यात्रा की सुरक्षा के लिए तगड़े बंदोबस्त किए गए हैं। 147वीं रथ यात्रा की सुरक्षा में गुजरात पुलिस के 18 हजार से अधिक जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा पुलिस हेलीकॉप्टर से भी सर्विलांस रखेगी। यात्रा में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। 4,500 जवान जुलूस के साथ-साथ चलेंगे
रथ यात्रा में शामिल 18,784 सुरक्षाकर्मियों में से 4,500 जवान जुलूस के साथ-साथ चलेंगे, जबकि 1,950 के यातायात प्रबंधन के लिए तैनात किया जाएगा। किसी भी आपात चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए पांच सरकारी अस्पतालों में 16 एंबुलेन्स तैयार रहेंगी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियंत्रण कक्ष से जुड़े 1,733 ‘बॉडी-वॉर्न कैमरा’ का उपयोग करके रथ यात्रा पर कड़ी नजर रखेंगे। यात्रा के मार्ग पर 47 स्थानों पर 20 ड्रोन और 96 निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।