कहते हैं कि पश्चिम बंगाल के लोगों की जान ‘दीपूदा’ यानी दार्जिलिंग, पुरी और दीघा में बसती है। दार्जिलिंग और दीघा तो यहां है, लेकिन पुरी ओडिशा में है। इसलिए पुरी को यहां बसाने के लिए महाप्रभु जगन्नाथ का मंदिर पूर्वी मिदनापुर जिले के दीघा में समुद्र किनारे बनाया जा रहा है। यह मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर की हूबहू कॉपी है, जिसे भोगी ब्रह्मपुर मौजा की 25 एकड़ जमीन पर राजस्थान के 400 कारीगर मई 2022 से आकार दे रहे हैं। पहले इसका उद्घाटन पुरी रथयात्रा के दिन यानी 7 जुलाई को होना था, लेकिन अब आगे बढ़ा दिया गया है। मंदिर की ऊंचाई पुरी मंदिर की तरह 65 मीटर है। कलाकृतियां, आकार भी हूबहू पुरी जैसा है। हर साल रथ यात्रा होगी। दोनों मंदिरों में सिर्फ एक अंतर है। पुरी मंदिर में जहां भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की मूर्तियां लकड़ी की हैं, वहीं दीघा में ये पत्थर की होंगी। पुरी में रथयात्रा आज, राष्ट्रपति शामिल होंगी
ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ की रथ यात्रा रविवार को निकलेगी। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी। रथयात्रा के दो दिन बाद यानी 9 जुलाई को मंदिर का प्राचीन रत्न भंडार खोलने की तैयारी है। भंडार आखिरी बार 1978 में खुला था। ये खबर भी पढ़ें… पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा आज और कल, शाम 5 बजे खींचे जाएंगे रथ 53 साल बाद इस साल पुरी की रथयात्रा दो दिनों की होगी। स्नान पूर्णिमा पर बीमार हुए भगवान जगन्नाथ आज सुबह ठीक हुए, इसलिए रथयात्रा से पहले होने वाले उत्सव भी आज ही मनाए जा रहे हैं। भगवान को आम दिनों से 2 घंटे पहले जगाया गया। मंगला आरती सुबह 4 की बजाय रात 2 बजे हुई। इससे पहले 1971 में भी रथयात्रा दो दिन चली थी। पढ़ें पूरी खबर…
ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ की रथ यात्रा रविवार को निकलेगी। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी शामिल होंगी। रथयात्रा के दो दिन बाद यानी 9 जुलाई को मंदिर का प्राचीन रत्न भंडार खोलने की तैयारी है। भंडार आखिरी बार 1978 में खुला था। ये खबर भी पढ़ें… पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा आज और कल, शाम 5 बजे खींचे जाएंगे रथ 53 साल बाद इस साल पुरी की रथयात्रा दो दिनों की होगी। स्नान पूर्णिमा पर बीमार हुए भगवान जगन्नाथ आज सुबह ठीक हुए, इसलिए रथयात्रा से पहले होने वाले उत्सव भी आज ही मनाए जा रहे हैं। भगवान को आम दिनों से 2 घंटे पहले जगाया गया। मंगला आरती सुबह 4 की बजाय रात 2 बजे हुई। इससे पहले 1971 में भी रथयात्रा दो दिन चली थी। पढ़ें पूरी खबर…