सेहतनामा- माउथ वॉश के इस्तेमाल से हो सकता है कैंसर:फ्रेशनेस के लिए टूथब्रश करना ही काफी, भ्रामक विज्ञापनों के जाल में न फंसें

माउथ फ्रेशनेस के लिए लोग आजकल क्या-क्या नहीं कर रहे हैं। ऐसा करने के लिए उनके पास कई कारण भी हैं। ये कारण दिए हैं टीवी विज्ञापनों ने, जिनमें दिखाया जाता है कि लड़के ने एक खास तरह के टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया या कोई च्विंगम खाया तो लड़की खिंची चली आई। ऐसा जादुई सम्मोहन तो सभी टीनएजर्स और वयस्कों को पसंद आएगा। इसी तरह का एक और प्रोडक्ट है माउथ वॉश। इसकी मांग भी तेजी से बढ़ रही है। लोग डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना भी इसका खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे लेकर कुल्ला करना होता है और लो बस हो गया ओरल हाइजीन कंप्लीट। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह माउथ वॉश कितना खतरनाक है? हाल ही में जर्नल ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, माउथ वॉश से कैंसर का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। स्टडी में पाया गया कि अगर कोई दिन में तीन बार लगातार 3 महीने तक माउथ वॉश का इस्तेमाल करता है तो मुंह में दो बैक्टीरिया- फ्यूसोबैक्टीरियम न्यूक्लियेटम और स्ट्रेप्टोकोकस एंजिनोसस बढ़ जाते हैं। ये दोनों ही कैंसर कारक होते हैं। इसलिए आज ‘सेहतनामा’ में माउथ वॉश के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सांस की बदबू और दांतों की सड़न के लिए इस्तेमाल करते हैं माउथ वॉश कुछ लोग सांसों की बदबू से लड़ने के लिए माउथ वॉश का उपयोग करते हैं, जबकि कुछ लोग दांतों की सड़न को रोकने के लिए इसका उपयोग करते हैं। माउथ वॉश का मतलब यह बिलकुल नहीं है कि ओरल हाइजीन के लिए अब टूथब्रश या फ्लॉसिंग का इस्तेमाल नहीं करना होगा। माउथ वॉश में आमतौर पर अल्कोहल और फ्लोराइड अधिक मात्रा में मौजूद होता है। इन दोनों इंग्रेडिएंट्स की मात्रा अधिक होने पर ये खतरनाक हो सकते हैं। यही कारण है कि अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए माउथ वॉश रिकमेंड नहीं करता है। दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में डेंटिस्ट डॉ. पुनीत आहुजा कहते हैं कि कुछ लोगों को माउथ वॉश इस्तेमाल करने पर साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है। कई बार इस माउथ वॉश से होने वाले फायदों से कहीं अधिक हो सकते हैं इसके नुकसान। यही कारण है कि माउथ वॉश के इस्तेमाल पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। कभी भी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और गाइडेंस के बिना इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। माउथ वॉश से किस तरह के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं कई माउथ वॉश में अल्कोहल का इस्तेमाल होता है। यह एक तरह का प्रिजर्वेटिव भी है और कई इंग्रेडिएंट्स का कैरियर भी है। कुछ लोग इसे एंटीसेप्टिक मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। माउथ वॉश में मौजूद अल्कोहल और दूसरे कुछ इंग्रेडिएंट्स से कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। आइए ग्राफिक में देखते हैं: अब ग्राफिक में दिए इन पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं। मुंह में अल्सर का कारण बन सकता है कई टूथपेस्ट और माउथ वॉश में सोडियम लॉरिल सल्फेट (SLS) का उपयोग किया जाता है। इससे ही हमारे मुंह में झाग बनता है। अगर मुंह में अल्सर हैं या होने की आशंका है तो सोडियम लॉरिल सल्फेट इसे बढ़ा सकता है। अगर कोई कीमोथेरेपी जैसा कठिन ट्रीटमेंट ले रहा है तो उसे भी माउथ वॉश से इस तरह की समस्या हो सकती है। यह मुंह को सेंसिटिव बना देता है। इससे जलन और घाव की आशंका बढ़ जाती है। माउथ वॉश से जलन और दर्द हो सकता है ज्यादातर माउथ वॉश अल्कोहल की मदद से बनाए जाते हैं। कुछ लोगों को इसकी मौजूदगी के कारण झुनझुनी की अनुभूति हो सकती है, मजा आ सकता है। वहीं दूसरों के लिए यह एहसास जलन या दर्द जैसा हो सकता है। अमेरिकन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, कुछ माउथ वॉश में तो 25% तक अल्कोहल होता है, जो इस दर्द को और बढ़ा सकता है। ड्राई माउथ का कारण बन सकता है माउथ वॉश नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, माउथ वॉश के कारण जेरोस्टोमिया की कंडीशन बन सकती है। ड्राई माउथ होने को जेरोस्टोमिया कहते हैं। इस कंडीशन में हमारी लार बनाने वाली ग्लैंड्स पर्याप्त लार बनाना बंद कर देती हैं। इससे जीभ और मुंह सूखने लगता है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के मुताबिक, अगर मुंह ड्राई रहता है तो फ्लोराइड युक्त माउथ वॉश का इस्तेमाल कर सकते हैं। जबकि माउथ वॉश में मौजूद अल्कोहल ड्राई माउथ के लक्षणों को बदतर बना सकता है। ओरल माइक्रोबायोम को नुकसान हो सकता है क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, कितना भी अच्छा माउथ वॉश हो, यह हमारे मुंह में मौजूद बैक्टीरिया के लिए नुकसानदायक होता है। यह अल्कोहल-युक्त हो या अल्कोहल-मुक्त, ओरल माइक्रोबायोम के लिए अच्छा नहीं है। यह सच है कि कुछ बैक्टीरिया कैविटी और सांस की बदबू का कारण बन सकते हैं। जब हम इन्हें मारने के लिए माउथ वॉश का इस्तेमाल करते हैं तो कई ऐसे बैक्टीरिया भी मर जाते हैं, जो असल में हमारे ओरल माइक्रोबायोम का जरूरी हिस्सा होते हैं, जो हमारे भोजन के पाचन में भी मदद करते हैं और हमारे दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ बनाए रखते हैं। अगर नियमित रूप से माउथ वॉश इस्तेमाल किया जाए तो हमारे दांतों और मसूड़ों की सेहत बिगड़ सकती है। दांत में स्टेन्स का कारण बन सकता है माउथ वॉश नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में साल 2019 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, माउथ वॉश का उपयोग करने का सबसे आम साइड इफेक्ट ये है कि दांतों पर स्टेन्स यानी दाग लग जाते हैं। माउथ वॉश में क्लोरहेक्सिडाइन (CHX) नामक एक इंग्रेडिएंट होता है। इसकी मौजूदगी के कारण ही दांतों में दाग बन जाते हैं। स्टडी में यह भी सामने आया कि जो माउथ वॉश ज्यादा चमकीले रंग के होते हैं, उनसे दांतों में दाग लगने की आशंका अधिक होती है। कैंसर का जोखिम हो सकता है माउथ वॉश में सिंथेटिक इंग्रेडिएंट्स भी हो सकते हैं जो कैंसर के जोखिम से जुड़े हुए हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में साल 2016 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग नियमित रूप से माउथ वॉश का उपयोग करते हैं, उनमें सिर और गर्दन के कैंसर का खतरा उन लोगों की तुलना में कहीं अधिक होता है, जिन्होंने कभी माउथ वॉश का उपयोग नहीं किया है। माउथ वॉश को कैंसर के पीछे बड़ा कारण मानने वाली यह इकलौती स्टडी नहीं है। कई और स्टडीज में यह दावा किया जा चुका है। इसके पीछे माउथ वॉश में अल्कोहल और फ्लोराइड की मौजूदगी को बड़ा कारण माना जाता है। अगर माउथ वॉश नहीं इस्तेमाल करना तो विकल्प क्या हैं अगर माउथ वॉश नहीं इस्तेमाल करना है तो इसके कई विकल्प मौजूद हैं। रोजाना दो बार फ्लॉसिंग और ब्रश करने से माउथ वॉश की अपेक्षा ज्यादा लाभ होता है और इसके साइड इफेक्ट्स भी कम होते हैं। कई लोगों को माउथ वॉश में मौजूद अल्कोहल के कारण इसकी लत लग जाती है। इसके अलावा कुछ लोग तो इसे निगलना शुरू कर देते हैं, ऐसी स्थिति में इसके विकल्प के लिए डेंटिस्ट से बात करनी चाहिए।