राजस्थान के दौसा में 6 जुलाई को स्कूल का एक छात्र क्लास में एंट्री से पहले ही चलते-चलते अचानक गिर गया। स्कूल का स्टाफ छात्र को लेकर अस्पताल पहुंचा तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। ये इस तरह का पहला वीडियो नहीं है। इससे पहले भी अचानक हार्ट अटैक के बहुत सारे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर हार्ट डिजीज साइलेंट किलर होती हैं। इसका मतलब है कि जब तक दिल का दौरा या स्ट्रोक नहीं पड़ता, इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हाल ही में जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में पब्लिश एक स्वीडिश स्टडी के मुताबिक, हम खुद से 14 सवाल पूछकर यह पता लगा सकते हैं कि क्या आने वाले दिनों में हमें हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। आज ‘सेहतनामा’ में जानेंगे कि जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में पब्लिश इस स्टडी का क्या मतलब है। साथ ही जानेंगे कि- क्या कहती है हार्ट अटैक पर हुई स्वीडन की स्टडी स्वीडिश रिसर्चर्स ने हार्ट अटैक के जोखिम की पहचान करने के लिए एक क्विक और आसान घरेलू टेस्ट बनाया है। इस स्टडी में पता चला है कि यह टेस्ट पारंपरिक ब्लड टेस्ट और ब्लड प्रेशर मापने जितना ही सही और सटीक है। इस घरेलू टेस्ट में 14 सवाल होते हैं और इसे पूरा करने में बमुश्किल 5 से 8 मिनट लगते हैं। ज्यादातर सवाल उम्र, जेंडर, वजन, वेस्ट सर्कमफेरेंस यानी कमर की चौड़ाई, स्मोकिंग, ड्रिंकिंग हैबिट, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड फैट, डायबिटीज और फैमिली हिस्ट्री के बारे में पूछे जाते हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि किसी शख्स को हार्ट अटैक होने की कितनी आशंका है। इस घरेलू टेस्ट के जरिए स्वीडन के 50-64 साल के 25 हजार लोगों का परीक्षण किया गया। रिसर्चर्स ने पाया कि इसमें लगभग दो-तिहाई लोगों के सर्वे के रिजल्ट्स मेल खा रहे थ। आइए ग्राफिक में देखते हैं कि स्टडी में किस तरह के सवाल पूछे गए: सामान्य दिखने वाले सवालों में छिपे हैं बड़े राज सवालों की लिस्ट देखकर लगा रहा होगा कि यह तो कितने सिंपल सवाल हैं। असल में सिंपल दिख रहे इन सवालों के पीछे बड़े राज छिपे हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ने पर पता चलता है कि सभी सवाल हार्ट अटैक के रिस्क फैक्टर्स से जुड़े हैं। इसे समझने के लिए आइए देखते हैं, हार्ट अटैक के रिस्क फैक्टर्स: जब हम स्टडी के सवाल और हार्ट अटैक के रिस्क फैक्टर्स को एक साथ देखेंगे तो इनमें कई समानताएं नजर आएंगी। विश्व प्रसिद्ध फिजिशियन, लेखक और स्पीकर डॉ. गाबोर माते ने अपनी किताब ‘द मिथ ऑफ नॉर्मल: ट्रॉमा, इलनेस एंड हीलिंग इन ए टॉक्सिक कल्चर’ में लाइफ स्टाइल और कल्चर का स्वास्थ्य से सीधा कनेक्शन बताया है। स्टडी के सभी 14 सवालों का क्या मतलब है? 1. आपकी उम्र क्या है? हार्ट अटैक के मामलों में ज्यादा उम्र एक बड़ा रिस्क फैक्टर है। 45 साल से अधिक उम्र के पुरुषों और 55 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को हार्ट अटैक का जोखिम अधिक होता है। 2. आप कितने पढ़े-लिखे हैं? इस सवाल से यह जानने की कोशिश की गई है कि हमारी शिक्षा और समझ का स्तर कैसा है। इससे हमारी अवेयरनेस तय होती है। अशिक्षा और कम अवेयरनेस किसी भी तरह की बीमारी के लिए बड़ा रिस्क फैक्टर है। 3. आपका जन्म कहां हुआ है? यह सवाल थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन इसमें यह जानने की कोशिश की गई है कि किसी शख्स का किस तरह के खानपान और जलवायु से रिश्ता है। इससे स्वास्थ्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। 4. आपकी एक हफ्ते की कमाई कितनी है? हमारी कमाई से हमारी लाइफस्टाइल तय होती है। हमारा रहन-सहन और खानपान भी काफी हद तक इस पर ही निर्भर करता है। हार्ट अटैक के मामलों में लाइफस्टाइल एक बड़ा फैक्टर है। इसलिए इस सवाल की अपनी अहमियत है। 5. 20 साल की उम्र में आपका वजन कितना था? एथरेस्केलेरोसिस जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, 20 साल की उम्र से लेकर मिड लाइफ तक बढ़े वजन का हार्ट हेल्थ से सीधा कनेक्शन है। अगर वेट गेन बहुत अधिक हुआ है तो हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। 6. आपकी लंबाई कितनी है? हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की एक स्टडी के मुताबिक, कम लंबाई वाले लोगों के दिल में थक्के जमने के ज्यादा केस सामने आते हैं। इसके पीछे जीन को जिम्मेदार माना गया है। 7. आपकी कमर की चौड़ाई कितनी है? हमारे शरीर का सबसे अधिक फैट लोअर एब्डॉमिन यानी कमर में जमा होता है। यह डायबिटीज और दूसरी लाइफस्टाइल डिजीज के लिए भी जिम्मेदार है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक इन्हीं कारणें के चलते इसे हार्ट अटैक के लिए बड़ा रिस्क फैक्टर माना जाता है। 8. क्या आप स्मोकर हैं? अगर हां तो कब से स्मोक कर रहे हैं? अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, लंबे समय तक स्मोकिंग करने या पैसिव स्मोकिंग करने से कोरोनरी आर्टरीज में थक्का जम सकता है। इससे ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और यह हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। स्मोकिंग से लंग्स भी डैमेज हो जाते हैं। 9. क्या कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने के लिए दवाइयां चल रही हैं? मायो क्लिनिक के मुताबिक, कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से ब्लड वेसल्स में फैटी डिपॉजिट्स बढ़ जाते हैं। इससे ब्लड फ्लो में समस्या आने लगती है और कोरोनरी आर्टरीज तक ठीक मात्रा में ब्लड नहीं पहुंच पाता है। इससे अचानक क्लॉटिंग भी हो सकती है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। 10. क्या ब्लड प्रेशर कम करने के लिए दवाइयां ले रहे हैं? ब्लड प्रेशर हाई होने का मतलब है कि हार्ट को ब्लड फ्लो बनाए रखने के लिए ज्यादा फोर्स लगाना पड़ रहा है। इससे हार्ट के बाएं चेंबर में दबाव बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ सकता है। 11. क्या डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए दवाइयां ले रहे हैं? डायबिटीज हमारी ब्लड वेसल्स को डैमेज कर सकती है। साथ ही, उस नर्व को भी डैमेज कर सकती है, जिससे हार्ट और ब्लड वेसल्स कंट्रोल होती हैं। इससे कम उम्र में हार्ट अटैक का जोखिम हो सकता है। 12. किस उम्र में पता चला कि हाइपरटेंशन है? अगर लंबे समय तक ब्लड प्रेशर की समस्या बनी रहे तो यह आर्टरीज को डैमेज कर सकती है। इस सवाल के जरिए यह जानने की कोशिश की गई है कि ब्लड प्रेशर की हिस्ट्री कितनी पुरानी है। अगर अधिक समय बीत गया है तो इसका मतलब है कि आर्टरीज काफी कमजोर हो चुकी हैं। 13. क्या आपके परिवार में किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ है? अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, ऐसा हो सकता है कि हमारे पैरेंट्स से हमें ऐसे जीन्स मिलें, जो हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार हैं। हार्ट डिजीज के लिए ऐसा कोई स्पेसिफिक जीन नहीं है, लेकिन डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां जेनेटिक हो सकती हैं, जो हार्ट अटैक के लिए रिस्क फैक्टर हैं। 14. आपका ट्राइग्लिसराइड्स लेवल कितना है? हाई ट्राइग्लिसराइड्स लेवल से आर्टरीज कठोर हो जाती हैं और इनकी वॉल्स मोटी हो जाती हैं। इससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। हम इससे क्या सीख ले सकते हैं? हम खुद भी इन सवालों से अपनी हार्ट हेल्थ का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा जो रिस्क फैक्टर्स खुद के वश में हैं, उनसे बचने की कोशिश कर सकते हैं। लाइफस्टाइल और खानपान में सुधार कर सकते हैं। अगर स्मोकिंग करते हैं या पैसिव स्मोकर हैं तो इससे दूरी बना सकते हैं। वजन कंट्रोल में रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटी बढ़ा सकते हैं।