7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव:पिछली बार भाजपा 3, कांग्रेस 2 सीटें जीती थी; उत्तराखंड के 3 गांवों में पहली बार पहुंची EVM

मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार समेत कुल 7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर 10 जुलाई को उपचुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। सभी 13 विधानसभा सीटों के नतीजे 13 जुलाई को घोषित किए जाएंगे। 10 सीटें विधायकों के इस्तीफे और 3 सीट मौजूदा विधायक के निधन की वजह से खाली हुई थीं। यहां पिछली बार भाजपा ने 3 सीट, कांग्रेस ने 2, अन्य पार्टियों ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ऐसे में भाजपा उपचुनाव के जरिए पार्टी का मनोबल बढ़ाने के लिए दमखम के साथ अपना दावा ठोक रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां लोकसभा चुनाव की सफलता को भुनाने की कोशिश में हैं। 12 हजार फीट पर बसे गांवों‎ में पहली बार EVM से मतदान होगा‎
उत्तराखंड में बदरीनाथ ‎‎विधानसभा में उपचुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। उपचुनाव में ‎सबसे खास बात यह है कि यहां के‎ गांव माणा, नीति और द्रोणागिरी के‎ लोग पहली बार अपने गांव में EVM पर मतदान करेंगे। द्रोणागिरी गांव 12‎ हजार फीट की ऊंचाई पर बसा है। ‎यहां पहुंचने के लिए पोलिंग पार्टियां‎ पहले जिला मुख्यालय गोपेश्वर से‎100 किमी का सफर गाड़ी से करती‎ हैं। उसके बाद 10 किमी की दूरी ‎पैदल तय की जाती है। इस गांव में‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ 3838 मतदाता पंजीकृत हैं। आइए, राज्यवार सभी 13 विधानसभा सीटों के चुनावी समीकरण को समझते हैं 1.मध्य प्रदेश- अमरवाड़ा सीट
छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विधानसभा सीट पर लगातार तीन बार से विधायक कमलेश शाह ने 2023 में कांग्रेस के टिकट से चुनाव में जीत दर्ज की। इसके 6 महीने बाद ही कमलेश कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए। कमलेश 2013 से इस सीट पर काबिज हैं और अब भाजपा के टिकट पर उपचुनाव में उतरे हैं। 2. बिहार- रुपौली सीट
पूर्णिया जिले के रुपौली विधानसभा क्षेत्र से लगातार 4 बार विधायक बीमा भारती एक बार फिर चुनाव में उतरी हैं। बीमा भारती 2005 में राजद के टिकट से पहली बार विधायक बनीं, फिर 2010, 2015 और 2020 में जदयू के टिकट से चुनाव में जीत दर्ज की। 2020 चुनाव में बीमा के खिलाफ शंकर सिंह (लोजपा) मैदान में थे। शंकर सिंह इस बार निर्दलीय चुनाव में उतरे हैं। 3. पश्चिम बंगाल- 4 सीट
पश्चिम बंगाल की जिन चार सीटों पर उपचुनाव हो रहा है, उनमें से तीन (मानिकतला, रानाघाट दक्षिण और बगदाह) दक्षिण बंगाल में हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने रानाघाट दक्षिण और बगदाह सीटें जीतीं थी। चौथी सीट रायगंज है, जो उत्तर बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ही यहां से जीत हासिल की थी। मानिकतला सीट 2021 में टीएमसी ने सुरक्षित कर ली थी, लेकिन फरवरी 2022 में पूर्व राज्य मंत्री साधन पांडे के निधन के बाद यह खाली हो गई। 4. पंजाब- जालंधर सीट
पंजाब के जालंधर पश्चिम से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट से चुनाव जीतने वाले शीतल अंगुरल मार्च 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए। 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट से लड़े मोहिंदर पाल भगत इस बार AAP के टिकट से उपचुनाव में उतरे हैं। कांग्रेस ने सुरिंदर कौर को मैदान में उतारा है। 5. हिमाचल प्रदेश- 3 सीट
हिमाचल प्रदेश की देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव हैं। 2022 में हिमाचल प्रदेश के देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह, हमीरपुर से आशीष शर्मा और नालागढ़ से केएल ठाकुर ने विकास कार्यों में कमी का हवाला देते हुए विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था। इस उपचुनाव में देहरा विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव लड़ रही हैं। यहां उनका मुकाबला भाजपा के होशियार सिंह के साथ है। 6. उत्तराखंड- 2 सीट
उत्तराखंड की दो सीटों मंगलौर और बद्रीनाथ पर उपचुनाव हैं। अक्टूबर में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद मंगलौर विधानसभा सीट खाली हो गई थी। मंगलौर का ऐतिहासिक महत्व है, 10वीं शताब्दी में चौहान वंश के राजा मंगल सिंह ने यहां एक किला बनवाया था। मंगलौर सीट पर कांग्रेस के पूर्व विधायक काजी निजामुद्दीन और बसपा ने सहानुभूति बटोरने के लिए दिवंगत सरवत करीम अंसारी के बेटे उबेदुर रहमान को मैदान में उतारा है। बद्रीनाथ सीट में मुख्य मुकाबला कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए राजेंद्र भंडारी और कांग्रेस के लखपत सिंह भुटोला के बीच है। फिलहाल भुटोला चमोली जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हैं। 7. तमिलनाडु- विक्रवंडी सीट
तमिलनाडु में विक्रवंडी सीट से विधायक रहे एन पुगाझेंथी का इसी साल अप्रैल में निधन हो गया था। उपचुनाव में AIADMK के मैदान में न होने के कारण एनडीए की सहयोगी पट्टाली मक्कल काची (PMK) ने से.सी. अंबुमणि को मैदान में उतारा है। DMK ने अन्नियुर शिवा और NTK ने अभिनय पोन्नीवलवन को टिकट दिया है, जिन्होंने लोकसभा चुनावों में PMK उम्मीदवार सौम्या अंबुमणि के ख़िलाफ़ धर्मपुरी सीट से चुनाव लड़ा था।