अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर जानलेवा हमलों की कहानी:किसी ने हीरोइन को इम्प्रेस करने के लिए, तो किसी ने बदले के लिए ली जान

तारीख- 13 जुलाई, जगह- अमेरिका के पेंसिल्वेनिया का बटलर शहर। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्हें बोलते हुए 15 मिनट ही हुए थे कि वहां ताबड़तोड़ फायरिंग हो गई। एक गोली उनके कान को छूकर गुजरी और राष्ट्रपति का चेहरा खून से सन गया। इस घटना ने पूरी दुनिया को अमेरिका में हुई राजनीतिक हत्याओं की याद दिला दी। ट्रम्प अमेरिका के पहले राष्ट्रपति या पूर्व राष्ट्रपति नहीं हैं, जिनकी हत्या की कोशिश की गई है। अमेरिका के राजनीतिक इतिहास में ऐसे कई नाम हैं, जिनकी या तो हत्या कर दी गई, या फिर मारने की कोशिश की गई है। इस स्टोरी में उन सभी नेताओं के बारे में जानिए… अब्राहम लिंकन
14 अप्रैल 1865, अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन वॉशिंगटन के फोर्ड थियेटर में ‘अवर अमेरिकन कजिन’ नाटक देख रहे थे। घटना के समय बालकनी में बैठे लिंकन के सुरक्षागार्ड ‘जॉन पार्कर’ उस वक्त उनके साथ नहीं थे। वो इंटरवल में ही थिएटर से बाहर निकल गए थे। रात सवा दस बजे मौका देखकर हमलावर जॉन वाइक्स बूथ ने लिंकन को सिर पर पीछे से गोली मार दी। लिंकन को अस्पताल ले जाया गया, जहां अगली सुबह, यानी 15 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। गोली मारने वाला जॉन वाइक्स बूथ पेशेवर थिएटर आर्टिस्ट था। लिंकन को गोली मारने वाले जॉन वाइक्स बूथ की 10 दिन बाद वर्जीनिया में अमेरिकी सैनिकों से मुठभेड़ हुई। जहां वह मारा गया। अब्राहम लिंकन दास प्रथा और नस्लभेद के विरोधी थे। उन्होंने इसके प्रति अभियान चलाना शुरू कर दिया था। उनकी कोशिशों की वजह से अमेरिका के दास प्रथा को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया।इससे नाराज होकर जॉन बूथ ने लिंकन की हत्या कर दी थी। जेम्स गार्फील्ड
2 जुलाई 1881 अमेरिका के 20 वें राष्ट्रपति जेम्स गार्फील्ड को वाशिंगटन डीसी के बाल्मोर स्टेशन से गुजर रहे थे और न्यू इंग्लैंड जाने वाली ट्रेन पकड़ रहे थे। तभी चार्ल्स गुइटो नाम के एक शख्स ने उन्हें गोली मार दी। तब उन्हें पद पर बैठे सिर्फ 4 महीने ही हुए थे। टेलीफोन के आविष्कारक ग्राहम बेल ने एक विशेष मशीन का इस्तेमाल करके राष्ट्रपति के सीने में धंसी गोली को निकालने का खूब प्रयास किया मगर सफल न हो पाए। ढाई महीने के बाद 19 सितंबर को उनकी मौत हो गई। चार्ल्स गुइटो को गारफील्ड की हत्या का दोषी ठहराया गया। गोलीबारी के एक साल बाद उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। विलियम मैककिन्ले
6 सितंबर 1901 को अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति विलियम मैककिन्ले को गोली मार दी गई। वह बफेलो में भाषण देने के बाद लोगों से हाथ मिला रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उनके सीने में दो गोलियां दाग दीं। डॉक्टरों को उम्मीद थी कि मैककिन्ले ठीक हो जाएंगे, लेकिन फिर गोली के कारण हुए घावों की वजह से उन्हें गैंग्रीन हो गया था। मैककिन्ले की मृत्यु 14 सितम्बर 1901 को, अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने के छह महीने बाद हो गयी। 28 वर्षीय लियोन एफ जोलगोज ने गोलीबारी की बात स्वीकार की। वह एक सत्ता विरोधी था। उसे मुकदमे में दोषी पाया गया और 29 अक्टूबर, 1901 को बिजली की कुर्सी पर मौत की सजा दी गई। जॉन एफ कैनेडी
22 नवंबर 1963 अमेरिका के 35वें राष्ट्रपति रहे जॉन एफ कैनेडी की हत्या कर दी गई। जब उनपर गोली चली तब वे एक ओपन कार से जा रहे थे। राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगे जवान उनको लेकर पार्कलैंड मेमोरियल अस्पताल पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने दोपहर के 1 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में कैनेडी की गाड़ी में सवार गवर्नर कोनली भी घायल हुए थे, लेकिन वो जल्द ही ठीक हो गए। कैनेडी को गोली मारने वाला पूर्व मरीन ली हार्वी ओसवाल्ड था। ओसवाल्ड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन दो दिन बाद ही कैनेडी के एक समर्थक ने ओसवाल्ड की भी हत्या कर दी। इस घटना ने अमेरिका के साथ पूरी दुनिया में खलबली मचा दी थी। उनकी हत्या का रहस्य आज तक पता नहीं चल पाया है। रोनाल्ड रीगन- एक्ट्रेस को इम्प्रेस करने के लिए प्रेसीडेंट पर चलाई गोली
30 मार्च सन् 1981। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन डीसी में, एक समारोह में हिस्सा लेने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच कार में बैठने जा रहे थे। उनके चारों तरफ मीडिया और लोगों की भीड़ थी। अचानक उसी भीड़ से निकलकर एक शख्स ने रीगन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलाने वाले शख्स का नाम जॉन हिंक्ले था। उसकी एक गोली बुलेटप्रूफ कार के शीशे से टकराने के बाद रीगन के सीने में जा घुसी। कुछ समय तक हॉस्पीटल में रहने के बाद रीगन को बचा लिया गया। इस घटना में रीगन के 3 सहयोगियों को भी गोली लगी थी। हालांकि जिन चार लोगों को गोली लगी वे सभी बच गए। हिंक्ले ने कोर्ट में बताया कि वह उस वक्त की मशहूर एक्ट्रेस जोडी फोस्टर को प्रभावित करना चाहता था। फोस्टर ‘टैक्सी ड्राइवर’ फिल्म में अपनी एक्टिंग के कारण मशहूर हुई थीं। कोर्ट में हिंक्ले के वकीलों ने उसे ‘पागल’ करार दिया जिससे उसे मौत की सजा नहीं मिल सकी। साल 2022 में अदालत ने हिंक्ले को पूरी तरह से बरी कर दिया।