दुनिया के ज्यादातर अमीर और सफल कारोबारी निवेशक चाहे वो वॉरेन बफेट हों या अल्बर्ट एकमैन, सभी ने लाॅन्ग टर्म निवेश करने की सलाह दी है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट लॉन्ग टर्म के निवेश से आप अपने बीवी-बच्चों को वित्तीय रूप से सुरक्षित रख पाएंगे और अपने पैसे भी बढ़ा पाएंगे। वॉरेन बफेट ने अपने एक गुरु से ज्ञान लेकर बाजार में निवेश करना शुरू किया। यह फॉर्मूला था कि शुरुआत में निवेश को लेकर बहुत आक्रामक होना और बाद में बाजार की गिरावट में खरीदारी के अवसरों का लाभ उठाना। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी इस रणनीति में बदलाव भी किया और बेहद कामयाब निवेशक बन गए। वॉरेन बफेट कहते हैं कि शेयर खरीदने के बाद उसे एक ही दिन में या बेहद कम वक्त में बेच देने से बेहतर है कि आप अच्छी कंपनियों के स्टॉक खरीदें और फिर उनमें अपना निवेश लंबे समय तक बनाए रखें। शेयर मार्केट में लॉन्ग टर्म निवेश आखिरकार ज्यादा मुनाफा देता है, बशर्ते आप सही कंपनियों का चुनाव करें। वहीं, अमेरिकी निवेशक अल्बर्ट एकमैन का भी यही फॉर्मूला है कि ऐसी पॉपुलर कंपनियों पर दांव लगाएं, जब वे पॉपुलर नहीं होती हैं। उस वक्त उनके स्टॉक खरीद लेने चाहिए। उनका नियम यही है कि अपने निवेश को ‘बोल्ड बनाना’, ताकि लोग उस पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर सकें। आज आपका बटुआ में यह जानेंगे कि डेट फंड या सोना, किसमें निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है। एक्सपर्ट से यह भी जानेंगे निवेश का बेहतरीन फॉर्मूला कौन सा है, जो आपको दौलतमंद बना सकता है। अपनी छोटी-छोटी बचत को किसी जगह निवेश में न झोंकें
फाइनेंशियल एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी के अनुसार, सबसे पहले तो यही समझ लीजिए कि किसी भी एक कंपनी के शेयर में ही पैसे लगाना बुद्धिमानी नहीं है, क्योंकि शेयर मार्केट बेहद अस्थिर होता है और हममें से ज्यादातर लोग शेयरों के उतार-चढ़ाव को लेकर इतने सहज नहीं होते। वजह यह है कि हममें से ज्यादातर लोग अपनी मेहनत की कमाई में से छोटी-छोटी बचत जुटाकर निवेश करते हैं। अलग-अलग फाइनेंशियल गोल्स बनाएं
जितेंद्र सोलंकी बताते हैं कि शेयर मार्केट में निवेश से पैसे बनाना चाहते हैं तो आपको लंबे समय के लिए निवेश करना होगा। यह हो सकता है कि ज्यादातर लोगों का मकसद लॉन्ग टर्म गोल न हो। हमें कई बार छोटी अवधि में ही पैसे चाहिए होते हैं। कुछ गोल्स ऐसे होते हैं, जो शायद तीन या पांच साल के लिए होते हैं। ऐसे में हमें निश्चित रूप से लिक्विड कैश चाहिए, यानी इमरजेंसी फंड के रूप में पैसे होना जरूरी है। जरूरी नहीं कि जब शेयर मार्केट में गिरावट आ रही हो तो आपको पैसों की जरूरत ही न हो। आपका मजबूत पोर्टफोलियो आपके पैसे डूबने नहीं देगा
अगर आपने पैसों को अलग-अलग चीजों में निवेश किया है तो आपका पैसा कभी डूबेगा नहीं। जटिल हालात में भी आपका पैसा बना रहेगा, क्योंकि आपने अपने पैसों का डायवर्सिफिकेशन कर दिया है। किसी एक चीज के शेयर में गिरावट है तो दूसरे में उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसे में आपका पोर्टफोलियो संतुलित बना रहेगा। अब सवाल यह उठता है कि आप अपनी कमाई काे निवेश में किस तरह से बांटें कि आपका फायदा होता रहे। इसके लिए मार्केट के 10 साल के प्रदर्शन को जानना होगा, जो 2013 से 2023 के दौरान के हैं। ये आंकड़े वैश्विक रूप से शेयर मार्केट में प्रदर्शन के आधार पर हैं। निवेश के परंपरागत नियम में शामिल कर सकते हैं गोल्ड
आज गोल्ड भी निवेश का एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा। आपके पोर्टफोलियो में महज 10 फीसदी तक का भी इजाफा आपको मार्केट के उतार-चढ़ाव के खिलाफ मजबूत बनाएगा। 2021 से 2023 के दौरान गोल्ड ने बेहतर प्रदर्शन किया। ऐसे में 70:20:10 यानी इक्विटी 70, डेट 20 और गोल्ड 10 के नियम ने बेहतरीन रिटर्न दिया। यह रिटर्न पांच साल के प्रदर्शन के आधार पर था। यानी निवेश का ये तरीका बेहद पॉपुलर है, जिसे आप आजमा सकते हैं। बराबरी का निवेश बेहद जोखिमपूर्ण
कभी भी अपने पैसों को बराबर हिस्सों में निवेश न करें, क्योंकि इससे आपका पोर्टफोलियो भी खराब हो सकता है। कई बार लोग इक्विटी, डेट और गोल्ड में निवेश के लिए 34:33:33 का नियम अपनाते हैं, जो मार्केट में उछाल या गिरावट के लिहज से भी ठीक नहीं है। मार्केट का कितना रिस्क उठा सकते हैं, खुद का करें आकलन
इक्विटी मार्केट में निवेश से पहले आपको खुद का आकलन करना होगा कि आप बाजार का कितना रिस्क उठा सकते हैं। तभी आपको निवेश की शुरुआत करनी चाहिए। अगर अगले 6 महीनों में आपको इमरजेंसी में फंड की जरूरत पड़ सकती है, तो इन 6 महीनों में इक्विटी से बिल्कुल दूर रहें। हालांकि, आपके निवेश का लक्ष्य लंबी अवधि का हो, तभी शेयर बाजार में पैसे लगाने चाहिए। अब अपनाएं ये नया फॉर्मूला
अगर आपने अभी तक निवेश के मामले में 60:40 का नियम अपनाया है तो अब आप गोल्ड को भी शामिल कर सकते हैं। ऐसे में आपका पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई हो जाएगा और यह बंटवारा 70:20:10 के फॉर्मूले के आधार पर होगा, जो आपका पैसा डूबने नहीं देगा। यह फॉर्मूला आपको बेतहर रिटर्न दे सकता है। ये मंत्र अपनाएं, कामयाबी की राह यही
वॉरेन बफेट कहते हैं कि शेयर खरीदने के बाद उसे एक ही दिन में या बेहद कम वक्त में बेच देने से बेहतर है कि आप अच्छी कंपनियों के स्टॉक खरीदें और फिर उनमें अपना निवेश लंबे समय तक बनाए रखें। बफेट का कहना है कि अपने सभी अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिए। यह फॉर्मूला निवेश पर भी लागू करना चाहिए। आपके पास निवेश लायक जितना पैसा हो उसके सभी जगह बांट कर लगाना चाहिए। न पूरा पैसा डेब्ट में लगाएं और न ही पूरा पैसा इक्विटी में, सबका संतुलन बनाए रखें। बफेट के अनुसार, अगर आपको लगता है कि कोई कंपनी बढ़िया क्वॉलिटी के प्रोडक्ट बना रही है या अपने ग्राहकों को बेहतरीन सर्विस मुहैया करा रही है, तो आप उसमें निवेश पर विचार कर सकते हैं। एक अच्छी कंपनी के शेयर शानदार कीमत पर खरीदने से अच्छा है, एक शानदार कंपनी के शेयर वाजिब दामों पर खरीदे जाएं। यही सफल निवेश रणनीति है।
फाइनेंशियल एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी के अनुसार, सबसे पहले तो यही समझ लीजिए कि किसी भी एक कंपनी के शेयर में ही पैसे लगाना बुद्धिमानी नहीं है, क्योंकि शेयर मार्केट बेहद अस्थिर होता है और हममें से ज्यादातर लोग शेयरों के उतार-चढ़ाव को लेकर इतने सहज नहीं होते। वजह यह है कि हममें से ज्यादातर लोग अपनी मेहनत की कमाई में से छोटी-छोटी बचत जुटाकर निवेश करते हैं। अलग-अलग फाइनेंशियल गोल्स बनाएं
जितेंद्र सोलंकी बताते हैं कि शेयर मार्केट में निवेश से पैसे बनाना चाहते हैं तो आपको लंबे समय के लिए निवेश करना होगा। यह हो सकता है कि ज्यादातर लोगों का मकसद लॉन्ग टर्म गोल न हो। हमें कई बार छोटी अवधि में ही पैसे चाहिए होते हैं। कुछ गोल्स ऐसे होते हैं, जो शायद तीन या पांच साल के लिए होते हैं। ऐसे में हमें निश्चित रूप से लिक्विड कैश चाहिए, यानी इमरजेंसी फंड के रूप में पैसे होना जरूरी है। जरूरी नहीं कि जब शेयर मार्केट में गिरावट आ रही हो तो आपको पैसों की जरूरत ही न हो। आपका मजबूत पोर्टफोलियो आपके पैसे डूबने नहीं देगा
अगर आपने पैसों को अलग-अलग चीजों में निवेश किया है तो आपका पैसा कभी डूबेगा नहीं। जटिल हालात में भी आपका पैसा बना रहेगा, क्योंकि आपने अपने पैसों का डायवर्सिफिकेशन कर दिया है। किसी एक चीज के शेयर में गिरावट है तो दूसरे में उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसे में आपका पोर्टफोलियो संतुलित बना रहेगा। अब सवाल यह उठता है कि आप अपनी कमाई काे निवेश में किस तरह से बांटें कि आपका फायदा होता रहे। इसके लिए मार्केट के 10 साल के प्रदर्शन को जानना होगा, जो 2013 से 2023 के दौरान के हैं। ये आंकड़े वैश्विक रूप से शेयर मार्केट में प्रदर्शन के आधार पर हैं। निवेश के परंपरागत नियम में शामिल कर सकते हैं गोल्ड
आज गोल्ड भी निवेश का एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा। आपके पोर्टफोलियो में महज 10 फीसदी तक का भी इजाफा आपको मार्केट के उतार-चढ़ाव के खिलाफ मजबूत बनाएगा। 2021 से 2023 के दौरान गोल्ड ने बेहतर प्रदर्शन किया। ऐसे में 70:20:10 यानी इक्विटी 70, डेट 20 और गोल्ड 10 के नियम ने बेहतरीन रिटर्न दिया। यह रिटर्न पांच साल के प्रदर्शन के आधार पर था। यानी निवेश का ये तरीका बेहद पॉपुलर है, जिसे आप आजमा सकते हैं। बराबरी का निवेश बेहद जोखिमपूर्ण
कभी भी अपने पैसों को बराबर हिस्सों में निवेश न करें, क्योंकि इससे आपका पोर्टफोलियो भी खराब हो सकता है। कई बार लोग इक्विटी, डेट और गोल्ड में निवेश के लिए 34:33:33 का नियम अपनाते हैं, जो मार्केट में उछाल या गिरावट के लिहज से भी ठीक नहीं है। मार्केट का कितना रिस्क उठा सकते हैं, खुद का करें आकलन
इक्विटी मार्केट में निवेश से पहले आपको खुद का आकलन करना होगा कि आप बाजार का कितना रिस्क उठा सकते हैं। तभी आपको निवेश की शुरुआत करनी चाहिए। अगर अगले 6 महीनों में आपको इमरजेंसी में फंड की जरूरत पड़ सकती है, तो इन 6 महीनों में इक्विटी से बिल्कुल दूर रहें। हालांकि, आपके निवेश का लक्ष्य लंबी अवधि का हो, तभी शेयर बाजार में पैसे लगाने चाहिए। अब अपनाएं ये नया फॉर्मूला
अगर आपने अभी तक निवेश के मामले में 60:40 का नियम अपनाया है तो अब आप गोल्ड को भी शामिल कर सकते हैं। ऐसे में आपका पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई हो जाएगा और यह बंटवारा 70:20:10 के फॉर्मूले के आधार पर होगा, जो आपका पैसा डूबने नहीं देगा। यह फॉर्मूला आपको बेतहर रिटर्न दे सकता है। ये मंत्र अपनाएं, कामयाबी की राह यही
वॉरेन बफेट कहते हैं कि शेयर खरीदने के बाद उसे एक ही दिन में या बेहद कम वक्त में बेच देने से बेहतर है कि आप अच्छी कंपनियों के स्टॉक खरीदें और फिर उनमें अपना निवेश लंबे समय तक बनाए रखें। बफेट का कहना है कि अपने सभी अंडे एक ही टोकरी में नहीं रखने चाहिए। यह फॉर्मूला निवेश पर भी लागू करना चाहिए। आपके पास निवेश लायक जितना पैसा हो उसके सभी जगह बांट कर लगाना चाहिए। न पूरा पैसा डेब्ट में लगाएं और न ही पूरा पैसा इक्विटी में, सबका संतुलन बनाए रखें। बफेट के अनुसार, अगर आपको लगता है कि कोई कंपनी बढ़िया क्वॉलिटी के प्रोडक्ट बना रही है या अपने ग्राहकों को बेहतरीन सर्विस मुहैया करा रही है, तो आप उसमें निवेश पर विचार कर सकते हैं। एक अच्छी कंपनी के शेयर शानदार कीमत पर खरीदने से अच्छा है, एक शानदार कंपनी के शेयर वाजिब दामों पर खरीदे जाएं। यही सफल निवेश रणनीति है।