अमेरिकी राज्य विस्कॉन्सिन के मिल्वॉकी शहर में रिपब्लिकन पार्टी ने डोनाल्ड ट्रम्प को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक सोमवार रात हुए पार्टी के कन्वेंशन में ट्रम्प को 2387 डेलिगेट्स के वोट मिले। उम्मीदवार चुने जाने के लिए 1215 वोटों की जरूरत होती है। वहीं उप-राष्ट्रपति पद के लिए 39 साल के जेम्स डेविड वेंस के नाम का ऐलान किया गया। कन्वेंशन में किसी भी डेलिगेट ने वेंस का विरोध नहीं किया। वेंस 2022 में पहली बार ओहायो से सीनेटर चुने गए थे। उन्हें ट्रम्प का करीबी माना जाता है। हालांकि, ट्रम्प समर्थक बनने से पहले 2021 तक वेंस उनके कट्टर विरोधी हुआ करते थे। 2016 में एक इंटरव्यू में वेंस ने ट्रम्प को निंदा के योग्य कहा था। उनके स्वभाव और लीडरशिप स्टाइल पर भी सवाल उठाए थे। फिर 2021 में उन्होंने इसके लिए ट्रम्प से माफी मांगी। साथ ही रिपब्लिकन पार्टी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद वे ट्रम्प के करीबी बन गए। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए जेम्स डेविड वेंस को चुने जाने के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, “जेम्स तो ट्रम्प के क्लोन हैं। सभी मुद्दों पर दोनों की एक ही राय है। मुझे कोई फर्क नहीं दिखता।” वहीं वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस ने कहा है कि वे वेंस से डिबेट के लिए तैयार हैं। कन्वेंशन की 2 तस्वीरें… निर्विरोध चुने गए डेविड वेंस
डेलिगेट्स ने एकमत होकर डेविड वेंस की उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। सभी डेलिगेट्स ने उनके पक्ष में वोटिंग की। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की तरह, उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम नॉमिनेशन के लिए रखा जाता है। इसके बाद पार्टी डेलिगेट्स इस पर वोटिंग करते हैं। आमतौर पर उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को वॉइस वोट यानी ध्वनिमत से नॉमिनेट किया जाता है, ताकि वोटिंग में समय जाया न हो। अमेरिका में दोनों राजनीतिक पार्टियां 1988 से अपने उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को वॉइट वोट से नॉमिनेट करती आई हैं। 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में ‘नेवर ट्रम्प’ कैंपेन में शामिल थे वेंस
2016 के राष्ट्रपति चुनावों के समय रिपब्लिकन पार्टी के कुछ डेलिगेट्स ट्रम्प की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे थे। इस धड़े ने ‘नेवर ट्रम्प’ का नारा दिया था। उनका मानना था कि ट्रम्प के बयान और उनका व्यवहार लोगों के बीच दरार पैदा करने वाला है, इसलिए वे राष्ट्रपति बनने के योग्य नहीं हैं। वेंस भी इस कैंपेन के समर्थन में थे। अक्टूबर 2016 में ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने से कुछ हफ्ते पहले उन्होंने एक न्यूज चैनल को कहा था कि मैं ट्रम्प को सहन नहीं कर पाता हूं। मैं ‘नेवर ट्रम्प’ कैंपेन के साथ हूं। मुझे ट्रम्प कभी अच्छे नहीं लगे। हालांकि राजनीति में बदलाव आने के साथ ट्रम्प के प्रति वेंस का रवैया भी बदलता गया। जब 2022 में वेंस सीनेट चुनाव में खड़े हुए, तब तक वे ट्रम्प के पक्ष में आ चुके थे और ट्रम्प ने भी उन्हें समर्थन दे दिया था। ट्रंप ने पोस्ट किया- उप राष्ट्रपति पद के लिए जेडी वेंस सबसे सही उम्मीदवार
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जेडी वेंस को लेकर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि मैंने कई प्रतिभाशाली लोगों को ध्यान में रखते हुए काफी सोच-विचार और विमर्श के बाद यह फैसला किया है कि अमेरिका के उप-राष्ट्रपति के पद के लिए सबसे सही व्यक्ति ओहायो राज्य के सीनेटर जेडी वेंस हैं। जेडी ने मरीन कॉर्प्स में सेवा दी है। उन्होंने ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी से स्नातक किया और वे येल लॉ स्कूल से भी ग्रुजुएट हैं, जहां वे येल लॉ जर्नल के एडिटर और येल लॉ वेटरन्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रहे। ट्रम्प ने आगे लिखा कि जेडी की लिखी किताब ‘हिलबिली एलेगी’ जो हमारे देश के मेहनती पुरुषों और महिलाओं की कहानी बताती है, वह बेस्ट सेलर रही है और उस पर एक फिल्म बन चुकी है। टेक्नोलॉजी और फायनेंस में जेडी ने बहुत ही सफल बिजनेस करियर बनाया है। चुनावी अभियान के दौरान वे पेन्सिलवेनिया, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, ओहियो, मिनेसोटा और अन्य राज्यों के किसानों और मजदूरों पर मजबूती से ध्यान केंद्रित करेंगे, जिनके लिए उन्होंने इतनी शानदार लड़ाई लड़ी। हमले के बाद कन्वेंशन में शामिल होने पहुंचे थे ट्रम्प
13 जुलाई को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प पर जानलेवा हमला हुआ था। इसमें से एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान को चीरते हुए निकल गई थी। इस हमले के अगले ही दिन ट्रम्प रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के लिए मिल्वॉकी पहुंचे थे। हालांकि, कन्वेंशन के पहले दिन ट्रम्प मंच पर नहीं आए थे। ट्रम्प ने संडे पोस्ट से अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले को लेकर सोमवार को बातचीत की। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां नहीं होता, मैं अब तक मर चुका होता। ये बेहद भयानक अनुभव था, जिसने मेरा जीवन लगभग खत्म कर दिया था।’ उन्होंने बताया कि अगर मैं अवैध प्रवासियों से जुड़े चार्ट को पढ़ने के लिए मुड़ा नहीं होता तो, मैं यहां नहीं होता। एक इंच से भी छोटी गोली ने मेरे कान का एक हिस्सा उड़ा दिया था। बाइडेन ने ट्रम्प पर हमले को लेकर दो संबोधन दिए
पहला संबोधन: डोनाल्ड ट्रम्प पर हुए हमले के लगभग 18 घंटे बाद बाइडेन ने पहली बार देश को संबोधित किया। संबोधन भारतीय समयानुसार 15 जुलाई को देर रात हुआ। राष्ट्रपति ने कहा, “मैंने ट्रम्प से बात की है। अमेरिका में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।” बाइडेन ने कहा कि इस मामले की जांच अभी शुरुआती चरणों में है। हमें अभी इस घटना के मकसद की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए इस घटना के मकसद को लेकर लोग अपनी थ्योरी न बनाएं। FBI और सीक्रेट सर्विस एजेंसियों को अपना काम करने दें। हमारी कोशिश है कि इस हमले के बाद ट्रम्प को और अधिक सुरक्षा दी जाए। इसके लिए सीक्रेट सर्विस को निर्देश दिया गया है। बाइडेन ने बताया कि मैंने सीक्रेट सर्विस के डायरेक्टर को निर्देश दिया है कि कल से शुरू होने वाले रिपब्लिक पार्टी के नेशनल कन्वेंशन की सुरक्षा व्यवस्था का अच्छे से जायजा लिया जाए। दूसरा संबोधन: जो बाइडेन ने अमेरिकी समय के मुताबिक रविवार रात 8 बजे ओवल ऑफिस से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज मैं राजनीतिक सरगर्मी को कम करने के बारे में बात करना चाहता हूं। बाइडेन ने कह, ‘मैं कहना चाहना चाहता हूं कि हमें याद रखना होगा कि जब हम असहमत होते हैं, तो दुश्मन नहीं होते, पड़ोसी होते हैं, दोस्त होते हैं, सहकर्मी होते हैं, नागरिक होते हैं और सबसे जरूरी बात यह कि हम अमेरिकी नागरिक होते हैं।’ बाइडेन ने कहा- ‘हमें एक साथ खड़ा होना चाहिए। अपने 6 मिनट के भाषण में उन्होंने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।’ ट्रम्प के हमलावर को लेकर पुराने दोस्त बोले- वह शांत और अलग-थलग रहता था
डोनाल्ड ट्रम्प पर फायरिंग करने वाले संदिग्ध आरोपी को सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने मौके पर ही मार गिराया था। उसकी पहचान 20 वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रूक्स के तौर पर हुई है। थॉमस ने इस हमले को अंजाम क्यों दिया, इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों को कोई जवाब नहीं मिला है। हालांकि, बेथेल पार्क हाईस्कूल के उसके पुराने स्कूलमेट्स से उसके बारे में कई बातें पता चली हैं। थॉमस 2022 में इस स्कूल से ग्रेजुएट हुआ था। उसे नेशनल मैथ एंड साइंस इनिशिएटिव से 40 हजार का ‘स्टार अवॉर्ड’ मिला था। स्कूल के पुराने साथियों ने उसे शांत और अलग-थलग रहने वाला शख्स बताया है। यह भी कहा है कि उसे स्कूल में बुली किया जाता था। उसी स्कूल से पासआउट जेसन कोहलर ने बताया कि उसे कभी ट्रम्प या पॉलिटिक्स के बारे में चर्चा करते हुए नहीं देखा गया। उसे अक्सर चिढ़ाया जाता था। वह शांत रहता था, लेकिन लोग उसे बहुत परेशान किया करते थे। वह कई बार शिकार के दौरान पहनने वाले कपड़े पहन आता था, जिसके चलते दूसरे बच्चे उसके पहनावे का मजाक उड़ाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… ट्रम्प पर हमले के लिए हमलावर ने 50 राउंड खरीदे
FBI के स्पेशल एजेंट केविन रोजेक के मुताबिक क्रूक्स ने जिस AR-स्टाइल राइफल से ट्रम्प पर गोली चलाई थी, उसके पिता ने उसे वैध तरीके से खरीदा था। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि शूटर को राइफल कैसे मिली। रोजेक ने यह भी बताया कि क्रूक्स के मनोरोगी होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। अमेरिकी न्यूज चैनल CNN के मुताबिक ट्रम्प पर हमला करने वाले थॉमस क्रूक्स के पिता के पास 20 से ज्यादा रजिस्टर्ड बंदूकें हैं। हमलावर थॉमस ने ट्रम्प पर हमले के लिए 50 राउंड खरीदे थे। ये खबरें भी पढ़ें… ट्रम्प पर हमला-सीक्रेट सर्विस से पहले भी गलतियां हुईं:ओबामा को छोड़कर सेक्स-वर्कर्स के साथ गए एजेंट्स; बाथरूम तक साथ जाने वाली एजेंसी की कहानी अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से 4 महीने पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर शनिवार को जानलेवा हमला हुआ। हमले के वक्त वे पेंसिल्वेनिया के बटलर शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। 400 फीट की दूरी से असॉल्ट राइफल से चलाई गोली उनके कान को छूते हुए गुजर गई। ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने 20 साल के हमलावर को तुरंत ढेर कर दिया। ट्रम्प पर हमले को सीक्रेट सर्विस के इतिहास की सबसे बड़ी चूकों में से एक बताया जा रहा है। हमलावर ट्रम्प से सिर्फ 400 फीट दूर था, सीक्रेट सर्विस फिर भी उसे पकड़ने में नाकाम रही। चूक के बाद राष्ट्रपति बाइडेन ने नेशनल सिक्योरिटी को रिव्यू कराने का आदेश दिया है, जिससे पता चल सके कि असल में हुआ क्या था। जांच पूरी होने से पहले जानिए कि ये एजेंसी है क्या, कितनी ताकतवर होती है और कैसे काम करती है… क्या ट्रम्प ने रची खुद पर गोली चलवाने की साजिश:आरोप- चुनावी फायदे के लिए कराया हमला, 3 वजह जो इस दावे को खारिज करती हैं अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच हुए इस हमले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ ट्रम्प की पार्टी बाइडेन और डेमोक्रेट्स पर हमला करवाने के आरोप लगा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि ये हमला खुद ट्रम्प ने ही करवाया है। स्टोरी में वो 3 वजह जानिए जो ट्रम्प पर खुद हमला करवाने के दावे को खारिज करती हैं…
डेलिगेट्स ने एकमत होकर डेविड वेंस की उप-राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। सभी डेलिगेट्स ने उनके पक्ष में वोटिंग की। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की तरह, उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का नाम नॉमिनेशन के लिए रखा जाता है। इसके बाद पार्टी डेलिगेट्स इस पर वोटिंग करते हैं। आमतौर पर उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को वॉइस वोट यानी ध्वनिमत से नॉमिनेट किया जाता है, ताकि वोटिंग में समय जाया न हो। अमेरिका में दोनों राजनीतिक पार्टियां 1988 से अपने उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को वॉइट वोट से नॉमिनेट करती आई हैं। 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में ‘नेवर ट्रम्प’ कैंपेन में शामिल थे वेंस
2016 के राष्ट्रपति चुनावों के समय रिपब्लिकन पार्टी के कुछ डेलिगेट्स ट्रम्प की उम्मीदवारी का विरोध कर रहे थे। इस धड़े ने ‘नेवर ट्रम्प’ का नारा दिया था। उनका मानना था कि ट्रम्प के बयान और उनका व्यवहार लोगों के बीच दरार पैदा करने वाला है, इसलिए वे राष्ट्रपति बनने के योग्य नहीं हैं। वेंस भी इस कैंपेन के समर्थन में थे। अक्टूबर 2016 में ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने से कुछ हफ्ते पहले उन्होंने एक न्यूज चैनल को कहा था कि मैं ट्रम्प को सहन नहीं कर पाता हूं। मैं ‘नेवर ट्रम्प’ कैंपेन के साथ हूं। मुझे ट्रम्प कभी अच्छे नहीं लगे। हालांकि राजनीति में बदलाव आने के साथ ट्रम्प के प्रति वेंस का रवैया भी बदलता गया। जब 2022 में वेंस सीनेट चुनाव में खड़े हुए, तब तक वे ट्रम्प के पक्ष में आ चुके थे और ट्रम्प ने भी उन्हें समर्थन दे दिया था। ट्रंप ने पोस्ट किया- उप राष्ट्रपति पद के लिए जेडी वेंस सबसे सही उम्मीदवार
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जेडी वेंस को लेकर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि मैंने कई प्रतिभाशाली लोगों को ध्यान में रखते हुए काफी सोच-विचार और विमर्श के बाद यह फैसला किया है कि अमेरिका के उप-राष्ट्रपति के पद के लिए सबसे सही व्यक्ति ओहायो राज्य के सीनेटर जेडी वेंस हैं। जेडी ने मरीन कॉर्प्स में सेवा दी है। उन्होंने ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी से स्नातक किया और वे येल लॉ स्कूल से भी ग्रुजुएट हैं, जहां वे येल लॉ जर्नल के एडिटर और येल लॉ वेटरन्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रहे। ट्रम्प ने आगे लिखा कि जेडी की लिखी किताब ‘हिलबिली एलेगी’ जो हमारे देश के मेहनती पुरुषों और महिलाओं की कहानी बताती है, वह बेस्ट सेलर रही है और उस पर एक फिल्म बन चुकी है। टेक्नोलॉजी और फायनेंस में जेडी ने बहुत ही सफल बिजनेस करियर बनाया है। चुनावी अभियान के दौरान वे पेन्सिलवेनिया, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, ओहियो, मिनेसोटा और अन्य राज्यों के किसानों और मजदूरों पर मजबूती से ध्यान केंद्रित करेंगे, जिनके लिए उन्होंने इतनी शानदार लड़ाई लड़ी। हमले के बाद कन्वेंशन में शामिल होने पहुंचे थे ट्रम्प
13 जुलाई को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प पर जानलेवा हमला हुआ था। इसमें से एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान को चीरते हुए निकल गई थी। इस हमले के अगले ही दिन ट्रम्प रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के लिए मिल्वॉकी पहुंचे थे। हालांकि, कन्वेंशन के पहले दिन ट्रम्प मंच पर नहीं आए थे। ट्रम्प ने संडे पोस्ट से अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले को लेकर सोमवार को बातचीत की। उन्होंने कहा, ‘मैं यहां नहीं होता, मैं अब तक मर चुका होता। ये बेहद भयानक अनुभव था, जिसने मेरा जीवन लगभग खत्म कर दिया था।’ उन्होंने बताया कि अगर मैं अवैध प्रवासियों से जुड़े चार्ट को पढ़ने के लिए मुड़ा नहीं होता तो, मैं यहां नहीं होता। एक इंच से भी छोटी गोली ने मेरे कान का एक हिस्सा उड़ा दिया था। बाइडेन ने ट्रम्प पर हमले को लेकर दो संबोधन दिए
पहला संबोधन: डोनाल्ड ट्रम्प पर हुए हमले के लगभग 18 घंटे बाद बाइडेन ने पहली बार देश को संबोधित किया। संबोधन भारतीय समयानुसार 15 जुलाई को देर रात हुआ। राष्ट्रपति ने कहा, “मैंने ट्रम्प से बात की है। अमेरिका में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।” बाइडेन ने कहा कि इस मामले की जांच अभी शुरुआती चरणों में है। हमें अभी इस घटना के मकसद की कोई जानकारी नहीं है। इसलिए इस घटना के मकसद को लेकर लोग अपनी थ्योरी न बनाएं। FBI और सीक्रेट सर्विस एजेंसियों को अपना काम करने दें। हमारी कोशिश है कि इस हमले के बाद ट्रम्प को और अधिक सुरक्षा दी जाए। इसके लिए सीक्रेट सर्विस को निर्देश दिया गया है। बाइडेन ने बताया कि मैंने सीक्रेट सर्विस के डायरेक्टर को निर्देश दिया है कि कल से शुरू होने वाले रिपब्लिक पार्टी के नेशनल कन्वेंशन की सुरक्षा व्यवस्था का अच्छे से जायजा लिया जाए। दूसरा संबोधन: जो बाइडेन ने अमेरिकी समय के मुताबिक रविवार रात 8 बजे ओवल ऑफिस से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज मैं राजनीतिक सरगर्मी को कम करने के बारे में बात करना चाहता हूं। बाइडेन ने कह, ‘मैं कहना चाहना चाहता हूं कि हमें याद रखना होगा कि जब हम असहमत होते हैं, तो दुश्मन नहीं होते, पड़ोसी होते हैं, दोस्त होते हैं, सहकर्मी होते हैं, नागरिक होते हैं और सबसे जरूरी बात यह कि हम अमेरिकी नागरिक होते हैं।’ बाइडेन ने कहा- ‘हमें एक साथ खड़ा होना चाहिए। अपने 6 मिनट के भाषण में उन्होंने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया।’ ट्रम्प के हमलावर को लेकर पुराने दोस्त बोले- वह शांत और अलग-थलग रहता था
डोनाल्ड ट्रम्प पर फायरिंग करने वाले संदिग्ध आरोपी को सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने मौके पर ही मार गिराया था। उसकी पहचान 20 वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रूक्स के तौर पर हुई है। थॉमस ने इस हमले को अंजाम क्यों दिया, इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों को कोई जवाब नहीं मिला है। हालांकि, बेथेल पार्क हाईस्कूल के उसके पुराने स्कूलमेट्स से उसके बारे में कई बातें पता चली हैं। थॉमस 2022 में इस स्कूल से ग्रेजुएट हुआ था। उसे नेशनल मैथ एंड साइंस इनिशिएटिव से 40 हजार का ‘स्टार अवॉर्ड’ मिला था। स्कूल के पुराने साथियों ने उसे शांत और अलग-थलग रहने वाला शख्स बताया है। यह भी कहा है कि उसे स्कूल में बुली किया जाता था। उसी स्कूल से पासआउट जेसन कोहलर ने बताया कि उसे कभी ट्रम्प या पॉलिटिक्स के बारे में चर्चा करते हुए नहीं देखा गया। उसे अक्सर चिढ़ाया जाता था। वह शांत रहता था, लेकिन लोग उसे बहुत परेशान किया करते थे। वह कई बार शिकार के दौरान पहनने वाले कपड़े पहन आता था, जिसके चलते दूसरे बच्चे उसके पहनावे का मजाक उड़ाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… ट्रम्प पर हमले के लिए हमलावर ने 50 राउंड खरीदे
FBI के स्पेशल एजेंट केविन रोजेक के मुताबिक क्रूक्स ने जिस AR-स्टाइल राइफल से ट्रम्प पर गोली चलाई थी, उसके पिता ने उसे वैध तरीके से खरीदा था। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि शूटर को राइफल कैसे मिली। रोजेक ने यह भी बताया कि क्रूक्स के मनोरोगी होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। अमेरिकी न्यूज चैनल CNN के मुताबिक ट्रम्प पर हमला करने वाले थॉमस क्रूक्स के पिता के पास 20 से ज्यादा रजिस्टर्ड बंदूकें हैं। हमलावर थॉमस ने ट्रम्प पर हमले के लिए 50 राउंड खरीदे थे। ये खबरें भी पढ़ें… ट्रम्प पर हमला-सीक्रेट सर्विस से पहले भी गलतियां हुईं:ओबामा को छोड़कर सेक्स-वर्कर्स के साथ गए एजेंट्स; बाथरूम तक साथ जाने वाली एजेंसी की कहानी अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से 4 महीने पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर शनिवार को जानलेवा हमला हुआ। हमले के वक्त वे पेंसिल्वेनिया के बटलर शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। 400 फीट की दूरी से असॉल्ट राइफल से चलाई गोली उनके कान को छूते हुए गुजर गई। ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने 20 साल के हमलावर को तुरंत ढेर कर दिया। ट्रम्प पर हमले को सीक्रेट सर्विस के इतिहास की सबसे बड़ी चूकों में से एक बताया जा रहा है। हमलावर ट्रम्प से सिर्फ 400 फीट दूर था, सीक्रेट सर्विस फिर भी उसे पकड़ने में नाकाम रही। चूक के बाद राष्ट्रपति बाइडेन ने नेशनल सिक्योरिटी को रिव्यू कराने का आदेश दिया है, जिससे पता चल सके कि असल में हुआ क्या था। जांच पूरी होने से पहले जानिए कि ये एजेंसी है क्या, कितनी ताकतवर होती है और कैसे काम करती है… क्या ट्रम्प ने रची खुद पर गोली चलवाने की साजिश:आरोप- चुनावी फायदे के लिए कराया हमला, 3 वजह जो इस दावे को खारिज करती हैं अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच हुए इस हमले पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ ट्रम्प की पार्टी बाइडेन और डेमोक्रेट्स पर हमला करवाने के आरोप लगा रही है। वहीं, सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि ये हमला खुद ट्रम्प ने ही करवाया है। स्टोरी में वो 3 वजह जानिए जो ट्रम्प पर खुद हमला करवाने के दावे को खारिज करती हैं…