तारीख 13 जुलाई, जगह- अमेरिका का पेन्सिलवेनिया राज्य। एक 20 साल का लड़का बंदूक की दुकान में घुसता है और वहां से 50 राउंड गोलियां खरीदता है। इसी दिन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर चुनावी रैली में जानलेवा हमला होता है। एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान को छूते हुए निकल जाती है। सीक्रेट सर्विस के एजेंट गोली चलते ही पूर्व राष्ट्रपति को चारों तरफ से कवर देते हैं। ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात स्नाइपर हमलावार को एक ही गोली में ढेर कर देता है। गोली चलाने वाले लड़के की पहचान थॉमस मैथ्यू क्रूक्स के तौर पर हुई। हमले की जांच में जुटी FBI ने उन 48 घंटों की जानकारी जुटाई है, जिस दौरान क्रूक्स ने ट्रम्प पर अटैक की तैयारी की। स्टोरी में 48 घंटों में क्या-क्या हुआ, वो सब जानिए… हमले से पहले कई जगहों पर घूमा मैथ्यू , शूटिंग प्रैक्टिस भी की
ट्रम्प पर गोली चलने के 3 दिन बाद भी जांच एजेंसियां हमलावर की मंशा का पता नहीं लगा पाई हैं । वे अब थॉमस क्रूक्स के हमले से पहले की एक्टिविटी और टाइमलाइन को ट्रैक कर रहे हैं। FBI को जांच में पता चला है कि हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स हमले से 48 घंटे पहले यानी 11 जुलाई को घटनास्थल से 53 किलोमीटर पिट्सबर्ग शहर में घूम रहा था। क्रूक्स वहां क्यों था, FBI अभी तक इस पता नहीं लगा पाई है। अगले दिन यानी 12 जुलाई को वो एक शूटिंग रेंज गया, जहां उसने शूटिंग की प्रैक्टिस की। जांच अधिकारियों के मुताबिक थॉमस और उसके पिता एक क्लैरटन स्पोर्ट्समेन क्लब के मेंबर थे। पिता और बेटे दोनों यहां शूटिंग का आनंद लेने के लिए जाया करते थे। क्लब के वकील ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हमलावर उस क्लब का मेंबर था। शूटिंग क्लब में 2 हजार मेंबर हैं। ये रेंज पिट्सबर्ग की पहाड़ियों के दक्षिण में 180 एकड़ के जंगलों में बनी हुई है। CNN ने सैटेलाइट इमेज के जरिए इस रेंज की जांच की है, ये रेंज ट्रम्प और शूटर के बीच की दूरी से लंबी है। इसकी कुल लंबाई 182 मीटर है। 13 जुलाई की सुबह मैथ्यू एक होम डिपो गया, जहां उसने एक सीढ़ी खरीदी। इसी दिन क्रूक्स ‘अल्लेघेनी आर्म्स एंड गन वर्क्स’ नाम की बंदूक की दुकान पर गया। यहां उसने ट्रम्प पर हमले के लिए 50 राउंड गोलियां खरीदीं। ये दुकान उसके शहर बेथल पार्क में ही है। FBI ने बताया है कि मैथ्यू ने इन्हीं गोलियों से 13 जुलाई की शाम 6 बजकर 13 मिनट पर ट्रम्प पर हमला किया। हमले की जगह तक कैसे पहुंचा मैथ्यू ?
सीढ़ी और गोलियां खरीदने के बाद क्रूक्स अपनी हुंडई सोनाटा कार में बैठा। अगले एक घंटे में कार चलाकर पेन्सिलवेनिया के बटलर शहर पहुंचा। यहां ट्रम्प की रैली में शामिल होने के लिए हजारों लोग आए हुए थे। उसने रैली के बाहर अपनी कार खड़ी की। CNN से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि थॉमस क्रूक्स की कार में IED लगा हुआ था, जिसका ट्रांसमीटर यानी रिमोट कंट्रोल डेटोनेटर उसी के पास था। हमले से पहले क्रूक्स रैली में शामिल भी हुआ था। लॉ एन्फोर्समेंट के अधिकारी ने बताया कि हमलावर विस्फोट करने की योजना बना रहा था। हालांकि, इस विस्फोट का मकसद क्या था, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि हमलावर इस विस्फोट के जरिए सुरक्षाकर्मियों को ध्यान भटकाने की कोशिश करना चाह रहा होगा, ताकि वह आसानी से ट्रम्प को निशाना बना सके। हालांकि, अब तक ये साफ नहीं हो पाया कि क्रूक्स की कार से मिले विस्फोटक और उपकरण उसने कहां से हासिल किए। उसने घर पर विस्फोटक बनाना सीखा, इससे जुड़ा भी कोई सबूत उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री की जांच करने पर नहीं मिला। अधिकारियों का मानना है कि क्रूक्स अपनी खरीदी हुई सीढ़ी का इस्तेमाल कर उस इमारत पर चढ़ा, जहां से उसने ट्रम्प पर गोली चलाई। पिता के नाम से रजिस्टर्ड बंदूक से हमला किया
पेन्सिलवेनिया के पुलिस रिकॉर्ड से पता चला है कि क्रूक्स ने ट्रम्प पर हमला करने के लिए जिस AR-15 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया था, वो उसके पिता मैथ्यू क्रूक्स के नाम पर खरीदी गई थी। उसके पिता के नाम पर 20 से ज्यादा बंदूकें रजिस्टर्ड हैं, जो उनके घर पर मौजूद थीं। CNN ने रविवार और सोमवार थॉमस के पिता से बात करने की कोशिश की, हालांकि उन्होंने सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। फिलहाल थॉमस के माता-पिता जांच में मदद कर रहे हैं। उन्होंने एजेंसियों को बताया कि उसका कोई दोस्त नहीं था और न ही उसका किसी पार्टी की तरफ झुकाव था। हालांकि, एक अधिकारी ने CNN से बात करते हुए बताया कि थॉमस के हाल के जीवन में क्या चल रहा था, इसे लेकर उसके माता-पिता के पास भी कम ही जानकारी है। थॉमस के फोन, कंप्यूटर, सर्च हिस्ट्री और बेडरूम की जांच करने के बाद भी उसके मोटिव का पता नहीं लगाया जा सका है। उसके परिवार और दोस्तों से भी इस बारे में पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन एजेंट्स के हाथ कोई सबूत नहीं लग पाया है। उसकी ऑनलाइन एक्टिविटीज से पता चला है कि उसे कंप्यूटर कोडिंग और गेमिंग में रुचि थी।
ट्रम्प पर गोली चलने के 3 दिन बाद भी जांच एजेंसियां हमलावर की मंशा का पता नहीं लगा पाई हैं । वे अब थॉमस क्रूक्स के हमले से पहले की एक्टिविटी और टाइमलाइन को ट्रैक कर रहे हैं। FBI को जांच में पता चला है कि हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स हमले से 48 घंटे पहले यानी 11 जुलाई को घटनास्थल से 53 किलोमीटर पिट्सबर्ग शहर में घूम रहा था। क्रूक्स वहां क्यों था, FBI अभी तक इस पता नहीं लगा पाई है। अगले दिन यानी 12 जुलाई को वो एक शूटिंग रेंज गया, जहां उसने शूटिंग की प्रैक्टिस की। जांच अधिकारियों के मुताबिक थॉमस और उसके पिता एक क्लैरटन स्पोर्ट्समेन क्लब के मेंबर थे। पिता और बेटे दोनों यहां शूटिंग का आनंद लेने के लिए जाया करते थे। क्लब के वकील ने भी इस बात की पुष्टि की है कि हमलावर उस क्लब का मेंबर था। शूटिंग क्लब में 2 हजार मेंबर हैं। ये रेंज पिट्सबर्ग की पहाड़ियों के दक्षिण में 180 एकड़ के जंगलों में बनी हुई है। CNN ने सैटेलाइट इमेज के जरिए इस रेंज की जांच की है, ये रेंज ट्रम्प और शूटर के बीच की दूरी से लंबी है। इसकी कुल लंबाई 182 मीटर है। 13 जुलाई की सुबह मैथ्यू एक होम डिपो गया, जहां उसने एक सीढ़ी खरीदी। इसी दिन क्रूक्स ‘अल्लेघेनी आर्म्स एंड गन वर्क्स’ नाम की बंदूक की दुकान पर गया। यहां उसने ट्रम्प पर हमले के लिए 50 राउंड गोलियां खरीदीं। ये दुकान उसके शहर बेथल पार्क में ही है। FBI ने बताया है कि मैथ्यू ने इन्हीं गोलियों से 13 जुलाई की शाम 6 बजकर 13 मिनट पर ट्रम्प पर हमला किया। हमले की जगह तक कैसे पहुंचा मैथ्यू ?
सीढ़ी और गोलियां खरीदने के बाद क्रूक्स अपनी हुंडई सोनाटा कार में बैठा। अगले एक घंटे में कार चलाकर पेन्सिलवेनिया के बटलर शहर पहुंचा। यहां ट्रम्प की रैली में शामिल होने के लिए हजारों लोग आए हुए थे। उसने रैली के बाहर अपनी कार खड़ी की। CNN से बात करते हुए एक अधिकारी ने बताया कि थॉमस क्रूक्स की कार में IED लगा हुआ था, जिसका ट्रांसमीटर यानी रिमोट कंट्रोल डेटोनेटर उसी के पास था। हमले से पहले क्रूक्स रैली में शामिल भी हुआ था। लॉ एन्फोर्समेंट के अधिकारी ने बताया कि हमलावर विस्फोट करने की योजना बना रहा था। हालांकि, इस विस्फोट का मकसद क्या था, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि हमलावर इस विस्फोट के जरिए सुरक्षाकर्मियों को ध्यान भटकाने की कोशिश करना चाह रहा होगा, ताकि वह आसानी से ट्रम्प को निशाना बना सके। हालांकि, अब तक ये साफ नहीं हो पाया कि क्रूक्स की कार से मिले विस्फोटक और उपकरण उसने कहां से हासिल किए। उसने घर पर विस्फोटक बनाना सीखा, इससे जुड़ा भी कोई सबूत उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री की जांच करने पर नहीं मिला। अधिकारियों का मानना है कि क्रूक्स अपनी खरीदी हुई सीढ़ी का इस्तेमाल कर उस इमारत पर चढ़ा, जहां से उसने ट्रम्प पर गोली चलाई। पिता के नाम से रजिस्टर्ड बंदूक से हमला किया
पेन्सिलवेनिया के पुलिस रिकॉर्ड से पता चला है कि क्रूक्स ने ट्रम्प पर हमला करने के लिए जिस AR-15 असॉल्ट राइफल का इस्तेमाल किया था, वो उसके पिता मैथ्यू क्रूक्स के नाम पर खरीदी गई थी। उसके पिता के नाम पर 20 से ज्यादा बंदूकें रजिस्टर्ड हैं, जो उनके घर पर मौजूद थीं। CNN ने रविवार और सोमवार थॉमस के पिता से बात करने की कोशिश की, हालांकि उन्होंने सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। फिलहाल थॉमस के माता-पिता जांच में मदद कर रहे हैं। उन्होंने एजेंसियों को बताया कि उसका कोई दोस्त नहीं था और न ही उसका किसी पार्टी की तरफ झुकाव था। हालांकि, एक अधिकारी ने CNN से बात करते हुए बताया कि थॉमस के हाल के जीवन में क्या चल रहा था, इसे लेकर उसके माता-पिता के पास भी कम ही जानकारी है। थॉमस के फोन, कंप्यूटर, सर्च हिस्ट्री और बेडरूम की जांच करने के बाद भी उसके मोटिव का पता नहीं लगाया जा सका है। उसके परिवार और दोस्तों से भी इस बारे में पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन एजेंट्स के हाथ कोई सबूत नहीं लग पाया है। उसकी ऑनलाइन एक्टिविटीज से पता चला है कि उसे कंप्यूटर कोडिंग और गेमिंग में रुचि थी।