जरूरत की खबर- क्या है SBI रिवॉर्ड पॉइंट स्कैम:महज एक क्लिक में स्कैमर कर रहे बैंक अकाउंट खाली, बचने के लिए अपनाएं ये टिप्स

अगर आपका बैंक अकाउंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI में है तो सतर्क हो जाइए क्योंकि साइबर क्रिमिनल्स द्वारा SBI के ग्राहकों को फ्रॉड मैसेज भेजे जा रहे हैं। इसे लेकर तमिलनाडु पुलिस की साइबर क्राइम विंग को पिछले दो महीने में 73 शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों के बाद पुलिस ने ‘एसबीआई रिवॉर्ड पॉइंट्स स्कैम’ को लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की है। इस एडवाइजरी में पुलिस ने कहा है कि इस स्कैम में स्कैमर्स लोगों के रिवॉर्ड पॉइंट खत्म होने का दावा करते हैं और इसे लेकर एक फेक मैसेज भेजते हैं। मैसेज में एक लिंक दिया होता है। इस लिंक पर क्लिक करने और एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। इसके जरिए स्कैमर्स आपके स्मार्टफोन तक पहुंच जाते हैं और पर्सनल और फाइनेंशियल जानकारी चुरा लेते हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स स्कैम की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: ईशान सिन्हा, साइबर एक्सपर्ट (नई दिल्ली) सवाल- SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स क्या होते हैं? जवाब- SBI द्वारा अपने ग्राहकों को SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स नाम से एक सर्विस दी जाती है। जब ग्राहक डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से कोई ट्रांजेक्शन करते हैं तो SBI द्वारा ग्राहकों को कुछ पॉइंट्स मिलते हैं। इन पॉइंट्स के जरिए ग्राहक रिचार्ज, ट्रैवलिंग या शॉपिंग कर सकते हैं। इन रिवॉर्ड पॉइंट्स की भी एक्सपायरी डेट होती है। अगर इन्हें 24 महीने यानी 2 साल तक इस्तेमाल नहीं किया गया तो यह एक्सपायर हो जाते हैं। सवाल- SBI रिवार्ड पॉइंट्स स्कैम क्या है? जवाब- इस स्कैम में स्कैमर्स सबसे पहले लोगों के स्मार्टफोन को हैक करने की कोशिश करते हैं। इसके लिए स्मार्टफोन पर एसबीआई रिवॉर्ड पॉइंट्स के बारे में फेक मैसैज भेजते हैं। यह मैसेज ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ आइकन और नाम के साथ आता है, जिससे यह वेरीफाइड लगता है। हाल की घटनाओं में हैकर्स ने विभिन्न ऑफिशियल और पर्सनल वॉट्सऐप ग्रुप्स में ‘एसबीआई रिवॉर्ड पॉइंट्स’ के बारे में फर्जी मैसेज भेजने के लिए वॉट्सऐप अकाउंट्स का इस्तेमाल किया है। यह हैकर्स मौजूदा ग्रुप आइकन और नाम को ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ के नाम में भी बदल सकते हैं। स्कैमर्स बैंक डिटेल्स अपडेट करने या एसबीआई रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करने के लिए मैसेज के साथ एक लिंक भेजते हैं। जब कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है तो उन्हें एक एपीके फाइल (एंड्रॉइड पैकेज) डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। APK फाइल को डाउनलोड और इंस्टॉल करके व्यक्ति अनजाने में अपने डिवाइस में मैलवेयर इंस्टॉल कर लेता है। इस मैलवेयर से बैंकिंग क्रेडेंशियल यानी ग्राहक का नाम, पासवर्ड, स्मार्टकार्ड, टोकन या बायोमेट्रिक या अन्य पर्सनल जानकारी चुराई जा सकती हैं। सवाल- SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स स्कैम से खुद को कैसे बचा सकते हैं? जवाब- SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स स्कैम से बचने के लिए SBI द्वारा कुछ समय पहले चेतावनी दी गई थी। इसमें SBI ने कहा था कि ‘ग्राहक अपने फोन पर आने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स से संबंधित मैसेज के प्रति सावधान रहें। इस तरह के मैसेज स्कैमर्स द्वारा ग्राहकों को भेजे जा रहे हैं।’ नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स स्कैम से कैसे बच सकते हैं। नीचे दिए 3 पॉइंट्स से इसे विस्तार से समझिए। टू- स्टेप वेरिफिकेशन के साथ सेफ्टी बढ़ाएं SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स स्कैम से बचने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन पासवर्ड का इस्तेमाल करें। इस प्रोसेस में स्मार्टफोन वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के अलावा एक पिन इनपुट करना होता है। जो किसी भी स्मार्टफोन यूजर को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है। बैंकिग से जुड़े ऐप्स के लिए हमेशा स्ट्रॉन्ग पासवर्ड बनाना चाहिए। ऑथेंटिसिटी जरूर देखें किसी भी तरह के स्कैम से बचने के लिए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। पहले ऑफिशियल सोर्स, वेबसाइट या एप्लिकेशन पर जाकर जरूर चेक करें। ध्यान रखें कि असली लिंक कभी भी किसी थर्ड पार्टी एपीके फाइल को डाउनलोड करने के लिए नहीं कहते हैं। APK फाइल के जरिए वायरस या मैलवेयर आपके फोन तक पहुंच सकता है। इससे डिवाइस हैक हो सकता है और आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। संदिग्ध एक्टिविटी को तुरंत रिपोर्ट करें अगर किसी लिंक पर क्लिक करने के बाद कोई संदिग्ध एक्टिविटी नजर आती है तो डेटा ऑफ कर दें। ऐसा करने से बैकअप में अगर कोई एक्टिविटी हो रही होगी तो रूक जाएगी। इसके साथ ही तुरंत साइबर क्राइम टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर इसकी शिकायत दर्ज करें। सवाल- SBI रिवॉर्ड पॉइंट्स को कैसे रिडीम करते हैं? जवाब- 1 रिवॉर्ड प्वाइंट 25 पैसे के बराबर होता है। यानी कि 1000 रिवॉर्ड पॉइंट्स होने पर ग्राहक 250 रुपए तक की खरीदारी कर सकता है। इन्हीं रिवॉर्ड पॉइंट को रिडीम कराने के नाम पर साइबर क्रिमिनल्स फेक लिंक भेजकर अपने जाल में फंसाते हैं। इसलिए किसी अन्य लिंक की जगह अपने रिवॉर्ड पॉइंट को इस तरह रिडीम करें ध्यान रखें कि किसी भी ऐप को डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप स्टोर जैसे ऑथेंटिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसके रिव्यू और रेटिंग जरूर चेक करें।