संसद के मानसून सत्र और बजट से पहले केंद्र सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। बैठक सुबह 11 बजे पार्लियामेंट हाउस में शुरू हुई। कांग्रेस के जयराम रमेश, आप सांसद संजय सिंह, AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी समेत विपक्ष के बड़े नेता मीटिंग में शामिल हुए। कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के लिए लोकसभा उपाध्यक्ष का पद मांगा। साथ ही NEET का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- सर्वदलीय बैठक में जेडीयू ने बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा है। उधर YSRCP ने आंध्र प्रदेश को भी विशेष दर्जा देने की मांग उठाई। ममता बनर्जी की पार्टी TMC इसमें नहीं आई। तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू को चिट्ठी लिखकर बताया कि उनकी पार्टी इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएगी। कोलकाता में पार्टी के सालान कार्यक्रम की वजह से कोई भी प्रतिनिधि बैठक में नहीं आ पाएगा। सर्वदलीय बैठक मानसून सत्र के दौरान संसद अच्छे से चलाने के लिए बुलाई जाती है। हालांकि विपक्ष और सरकार के बीच कुछ मुद्दों को लेकर हमेशा टकराव की स्थिति बनी रहती है, इसलिए संसद में हंगामा होता है और सत्र ठीक से नहीं चल पाता। संसद की कार्यवाही पर हर मिनट का खर्च करीब 2.5 लाख रुपए
संसद की एक मिनट की कार्यवाही पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च होते हैं। यानी हर घंटे से हिसाब से यह रकम 1.5 करोड़ रुपए होती है। यह खर्चा सांसदों को मिलने वाली सैलरी, अलाउंस, संसद सचिवालय पर होने वाले खर्च, सचिवालय स्टाफ की सैलरी और सांसदों की सुविधाओं पर खर्च होता है। यानी जब-जब हंगामे के कारण संसद स्थगित होती है तो यह नुकसान आम जनता का होता है, क्योंकि वह टैक्स के रूप में लाखों रुपए देती है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट
संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह 12 अगस्त तक चलेगा। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में तीसरी बार सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला बजट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को सदन में बजट पेश करेंगी जिसके बाद दोनों सदनों में चर्चा होगी। 5 मुद्दे जिन पर हंगामा होना तय 1. NEET-UG पेपर लीक : NEET-UG पेपर लीक केस में CBI अब तक 12 गिरफ्तारियां कर चुकी है। 7 राज्यों की पुलिस ने 45 आरोपियों को अरेस्ट किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर NTA स्टेट, सिटी और सेंटर वाइज रिजल्ट डिक्लेयर कर चुकी है। लेकिन विपक्ष, पिछले सत्र की तरह इस बार भी इस मुद्दे पर हंगामा कर सकता है। 2. अग्निवीर (बेरोजगारी) : मुंबई में एक इवेंट में पीएम मोदी ने कहा था- पिछले 4 साल में 8 करोड़ को रोजगार मिला है। इस डेटा पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। उधर, सरकार के सहयोगी दल JDU के प्रवक्ता केसी त्यागी ने भी अग्निवीर पर बदलाव की मांग की है। हालांकि, सरकार ने 12 जुलाई 2024 को पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की भर्ती में 10 फीसदी सीटें आरक्षित करने का फैसला किया। वहीं, 17 जुलाई को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। 3. जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला : 2021 के बाद से अकेले जम्मू में 22 आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। इन 3 साल में 47 जवान शहीद हुए और 23 नागरिकों की मौत हुई। सरकार बनने के बाद से जून और जुलाई में जम्मू कश्मीर के राजौरी, डोडा, रियासी और कठुआ में 7 आतंकी हमले हो चुके हैं। इनमें 11 जवान भी शहीद हुए हैं। विपक्ष के पास यह भी बड़ा मुद्दा होगा। 4. मणिपुर हिंसा : राहुल गांधी पिछले सत्र के खत्म होने के बाद मणिपुर दौरे पर गए थे। राहुल लगातार मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं। वहां हिंसा की घटनाएं फिर बढ़ गई हैं। पीएम का मणिपुर न जाना और हिंसा रोकने के लिए कदम न उठाना विपक्ष के पास हंगामे का ट्रंप कार्ड होगा। 5. ट्रेन हादसे : रेलवे ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में देशभर में कम-से-कम 5000 KM रूट पर कवच लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जून 2024 तक भी सिर्फ 1500 KM ट्रैक पर ही लग पाया है। हाल ही में हुए कंचनजंगा और डिब्रूगढ़ ट्रेन हादसे, जिनमें करीब 1 दर्जन लोगों की मौत हुई है, विपक्ष को दोबारा हंगामे का मौका दे सकता है। ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी ने BJP हेडक्वॉर्टर में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, बजट पर चर्चा होने की खबरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जुलाई की शाम भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि बैठक में केंद्रीय बजट 2024 पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। बजट सत्र 22 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त को समाप्त होगा। पढ़ें पूरी खबर…
संसद की एक मिनट की कार्यवाही पर करीब ढाई लाख रुपए खर्च होते हैं। यानी हर घंटे से हिसाब से यह रकम 1.5 करोड़ रुपए होती है। यह खर्चा सांसदों को मिलने वाली सैलरी, अलाउंस, संसद सचिवालय पर होने वाले खर्च, सचिवालय स्टाफ की सैलरी और सांसदों की सुविधाओं पर खर्च होता है। यानी जब-जब हंगामे के कारण संसद स्थगित होती है तो यह नुकसान आम जनता का होता है, क्योंकि वह टैक्स के रूप में लाखों रुपए देती है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट
संसद का मानसून सत्र 22 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह 12 अगस्त तक चलेगा। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में तीसरी बार सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का यह पहला बजट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को सदन में बजट पेश करेंगी जिसके बाद दोनों सदनों में चर्चा होगी। 5 मुद्दे जिन पर हंगामा होना तय 1. NEET-UG पेपर लीक : NEET-UG पेपर लीक केस में CBI अब तक 12 गिरफ्तारियां कर चुकी है। 7 राज्यों की पुलिस ने 45 आरोपियों को अरेस्ट किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर NTA स्टेट, सिटी और सेंटर वाइज रिजल्ट डिक्लेयर कर चुकी है। लेकिन विपक्ष, पिछले सत्र की तरह इस बार भी इस मुद्दे पर हंगामा कर सकता है। 2. अग्निवीर (बेरोजगारी) : मुंबई में एक इवेंट में पीएम मोदी ने कहा था- पिछले 4 साल में 8 करोड़ को रोजगार मिला है। इस डेटा पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है। उधर, सरकार के सहयोगी दल JDU के प्रवक्ता केसी त्यागी ने भी अग्निवीर पर बदलाव की मांग की है। हालांकि, सरकार ने 12 जुलाई 2024 को पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की भर्ती में 10 फीसदी सीटें आरक्षित करने का फैसला किया। वहीं, 17 जुलाई को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है। 3. जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला : 2021 के बाद से अकेले जम्मू में 22 आतंकी घटनाएं हो चुकी हैं। इन 3 साल में 47 जवान शहीद हुए और 23 नागरिकों की मौत हुई। सरकार बनने के बाद से जून और जुलाई में जम्मू कश्मीर के राजौरी, डोडा, रियासी और कठुआ में 7 आतंकी हमले हो चुके हैं। इनमें 11 जवान भी शहीद हुए हैं। विपक्ष के पास यह भी बड़ा मुद्दा होगा। 4. मणिपुर हिंसा : राहुल गांधी पिछले सत्र के खत्म होने के बाद मणिपुर दौरे पर गए थे। राहुल लगातार मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं। वहां हिंसा की घटनाएं फिर बढ़ गई हैं। पीएम का मणिपुर न जाना और हिंसा रोकने के लिए कदम न उठाना विपक्ष के पास हंगामे का ट्रंप कार्ड होगा। 5. ट्रेन हादसे : रेलवे ने फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में देशभर में कम-से-कम 5000 KM रूट पर कवच लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जून 2024 तक भी सिर्फ 1500 KM ट्रैक पर ही लग पाया है। हाल ही में हुए कंचनजंगा और डिब्रूगढ़ ट्रेन हादसे, जिनमें करीब 1 दर्जन लोगों की मौत हुई है, विपक्ष को दोबारा हंगामे का मौका दे सकता है। ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी ने BJP हेडक्वॉर्टर में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, बजट पर चर्चा होने की खबरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जुलाई की शाम भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि बैठक में केंद्रीय बजट 2024 पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। बजट सत्र 22 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त को समाप्त होगा। पढ़ें पूरी खबर…