आज से सावन शुरू हो गया है। ये महीना 19 अगस्त तक रहेगा। सावन में शिव पूजा करने की परंपरा है। शिव भक्त 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करते हैं, शिव मंदिरों में अभिषेक करते हैं, शिव जी के मंत्र का जप करते हैं। सावन में नियमित रूप से घर में भी शिव पूजा करनी चाहिए। यहां जानिए शिव पूजा की सरल स्टेप्स, पूजन सामग्री और शिव जी के खास मंत्र… राशि अनुसार ऐसे कर सकते है शिव पूजा मेष और वृश्चिक- इन राशियों का स्वामी मंगल है, इस ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में ही की जाती है। इस राशि के लोग शिव जी का दही से अभिषेक करें और लाल गुलाल, लाल गुलाब, मसूर की दाल चढ़ाएं। वृषभ और तुला- इन राशियों का स्वामी शुक्र है। इस ग्रह के दोष दूर करने के लिए शिव जी का दूध से और फिर जल से अभिषेक करें। शिव जी के वाहन नंदी की भी पूजा करें। किसी बैल को हरी घास और रोटी खिलाएं। मिथुन और कन्या- इन राशियों का स्वामी बुध ग्रह है। ये लोग शिव-पार्वती के साथ गणेश जी की भी विशेष पूजा जरूर करें। भगवान को कनेर के फूल, शहद चढ़ाएं। बिल्व पत्र और चंदन से श्रृंगार करें। हरे मूंग का दान करें। कर्क- इस राशि का स्वामी चंद्र है और चंद्र देव शिव जी के मस्तक पर सुशोभित हैं। इस ग्रह के लिए शिवलिंग पर दूध-दही चढ़ाएं। दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं। सिंह- इस राशि का स्वामी सूर्य है। सूर्य पंचदेवों में से एक हैं। पंचदेव में गणेश जी, शिव जी, विष्णु जी, सूर्य और देवी दुर्गा शामिल हैं। सूर्य ग्रह के दोष दूर करने के लिए रोज सुबह सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें और शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। धनु और मीन- ये दोनों गुरु के स्वामित्व वाली राशियां हैं। इन राशियों के लोग शिव जी को बेसन से बनी मिठाई का भोग लगाएं। शिवलिंग पर पीले फूल, पीले फल, पीले वस्त्र अर्पित करें। मकर और कुंभ- ये शनि के स्वामित्व वाली राशियां हैं। इन राशियों के लोग नीले फूल के साथ शिव पूजन करें। शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएं। शनि के लिए शनिवार को तेल का दान करें।