मां बनना एक महिला के लिए दुनिया का सबसे सुंदर एहसास होता है। खासतौर पर अगर आप पहली बार मां बन रही हैं। बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण भी पहली बार मां बनने जा रही हैं और यह उनके लिए बेहद खास पल है। दीपिका हमेशा अपनी हेल्थ को लेकर सजग रहती हैं। वे वर्कआउट करती हैं, जिम जाती हैं और कभी-कभी बैडमिंटन भी खेलती हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान भी वे अपनी फिटनेस का पूरा ध्यान रख रही हैं। हाल ही में दीपिका ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें वे ‘प्रीनेटल योग’ करती नजर आ रही हैं। बता दें कि प्रेग्नेंट महिलाएं गर्भावस्था के दौरान जो योग अभ्यास करती हैं, उसे ‘प्रीनेटल योग’ कहते हैं। हिंदी में इसे प्रसवपूर्व योग भी कहते हैं। दीपिका ने कैप्शन में लिखा कि पैरों को ऊपर कर दीवार के सहारे टिकाकर इस पोजीशन में लेटने से कई फायदे होते हैं। ये फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ मेंटल हेल्थ को भी स्ट्रॉन्ग बनाता है। इस आसन का नाम है विपरीतकरणी आसन। प्रेग्नेंसी के दौरान ये आसन पैरों की सूजन, मांसपेशियों के दर्द और शरीर में महसूस हो रहे भारीपन से राहत देता है। विपरीतकरणी आसन करते हुए दीपिका पादुकोण की फोटो सिर्फ दीपिका ही नहीं अनुष्का शर्मा, करीना कपूर, सोहा अली खान, नेहा धूपिया ने भी अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान प्रीनेटल योग को अपनाया। किसी भी गर्भवती महिला के लिए 9 महीने किसी पर्वत की चढ़ाई से कम नहीं होते। इसलिए इस दौरान अपनी सेहत का ज्यादा ख्याल रखना होता है। यही कारण है कि गर्भावस्था के दौरान योग आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। तो आज ‘सेहतनामा’ में हम बात करेंगे प्रीनेटल योग की। साथ ही योग एक्सपर्ट आकांक्षा शर्मा से जानेंगे कि प्रेग्नेंसी में कौन-कौन से योग आसान करने चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए योग कितना सहायक प्रेग्नेंसी का फेज जितना खास होता है, उतना ही कठिन भी। यह बता पाना मुश्किल है कि महिला किन परेशानियों से गुजरती है, जब वो प्रेग्नेंट होती है। वे एक पल उत्साह से चमक रही होती हैं तो अगले ही पल दर्द में कराह रही होती हैं। हॉर्मोनल परिवर्तनों के कारण मूड स्विंग, पेट में दर्द, उल्टी, बेचैनी वगैरह होते हैं। रिसर्चगेट की एक स्टडी के मुताबिक, गर्भावस्था में योग करना गर्भवती महिला के लिए कई चुनौतियों का सामाना करने की एक बेहतर शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तैयारी है। गर्भावस्था के दौरान योग करना न केवल मां के लिए बल्कि अजन्मे बच्चे के लिए लाभदायक होता है। योग मन को शांत करता है, शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है और महिला को शारीरिक और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रसव के लिए तैयार करता है। योग एक्सपर्ट आकांक्षा शर्मा का कहना है कि गर्भावस्था की 9 महीने की जर्नी में हॉर्मोनल बदलाव और मन की स्थिति में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। योग करने से तनाव और नकारात्मक मनोविकारों से मुक्ति मिलती है। प्रीनेटल योग कैसे किया जाता है योग की सभी क्रियाएं गर्भवती महिला को प्रथम तिमाही, द्वितीय तिमाही, तृतीय तिमाही के अनुसार कराई जाती हैं। नीचे ग्राफिक में देखें, इनमें क्या-क्या शामिल हैं। प्रेग्नेंसी में तीन तिमाही के दौरान योग पहली तिमाही (पहले 3 महीने)- इस दौरान आपको ज्यादा मुश्किलों का सामना करना होता है। आप थका हुआ महसूस करती हैं। यहां महिला की स्थिति को देखते हुए आसान आसन और ब्रीथिंग एक्सरसाइज की ही सलाह दी जाती है। इस दौरान कोई भी हैवी वर्कआउट और कठिन योग आसन नहीं करना होता। दूसरी तिमाही (अगले 4-6 महीने)- इन महीनों में बैकबेंड और इनवर्जन जैसे आसनों को करवाया जाता है। ये आसन मांसपेशियों के लचीलेपन के लिए, जोड़ों के लिए और पूरे शरीर की फ्लेक्जिबिलिटी को बनाए रखने के लिए होते हैं। इस दौरान ऐसा कोई आसन नहीं करना चाहिए, जिसमें पेट के बल लेटना पड़े। तीसरी तिमाही (7-9 महीने)- इस दौरान आपको ज्यादा ख्याल रखना होता है। इसमें संतुलन बिगड़ सकता है। इस समय गर्भवती महिला को आराम देने वाले और कूल्हों को खोलने वाले आसन करवाए जाते हैं। हल्की स्ट्रेचिंग दर्द और पीड़ा को कम करने में मदद कर सकती है। गर्भवती महिला के लिए क्या हैं प्रीनेटल योग के फायदे एक महिला के लिए गर्भावस्था ऐसी स्थिति है, जिसमें महिला अंदर और बाहर, दोनों तरह से बदलाव महसूस करती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, प्रीनेटल योग से गर्भवती महिला को एंग्जाइटी, स्ट्रेस, डिप्रेशन से निजात मिलती है। गर्भावस्था में योग के कई फायदे हैं, जैसे- प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान प्रेग्नेंसी के पूरे नौ महीने में गर्भवती महिला को हर कदम पर संभलकर चलना, उठना-बैठना चाहिए। इस दौरान आप जो भी करें, फिर चाहे योग हो या एक्सरसाइज या खान-पान, हर चीज में खास सावधानी बरतें। योग एक्सपर्ट आकांक्षा शर्मा बताती हैं कि कुछ महिलाएं बिना सलाह के प्रेग्नेंसी के दिनों में योग करने लगती हैं। लेकिन आप ऐसा न करें। योग करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें और एक्सपर्ट के गाइडेंस में ही इसे करें। हर प्रेग्नेंट महिला को अपने शरीर और प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशंस को ध्यान में रखते हुए ही योगाभ्यास करना चाहिए। इन बातों का रखें विशेष ध्यान-