रिलेशनशिप- प्यार नहीं इंसान की पहली जरूरत:अमेरिकी मनोवैज्ञानिक की रिसर्च- ‘हाइरार्की ऑफ नीड्स’, समझिए ज्यादा और कम जरूरी क्या है

इंसान की सबसे बड़ी जरूरत क्या है? इस सवाल का जवाब आमतौर पर ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ होता है। किसी आशिक टाइप के इंसान से पूछें तो संभव है कि वह प्रेम को सबसे बड़ी जरूरत बताए। इसी तरह अलग-अलग पर्सनैलिटी के लोग अपने स्वभाव के मुताबिक अलग-अलग जरूरतों को तरजीह देते हैं। लेकिन एक इंसान के रूप में हमारी सबसे बड़ी जरूरत क्या है? अगर ये जरूरतें एक से अधिक हों तो उनका ऑर्डर क्या होता है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो लंबे समय से हमारे-आपके मन में उठते रहे हैं। आज ‘रिलेशनशिप’ कॉलम में साइंटिफिक स्टडी के आधार पर समझने की कोशिश करेंगे कि इंसानों की सबसे बड़ी जरूरत क्या है और ‘प्रेम’ इस मामले में कहां ठहरता है। क्या है हाइरार्की ऑफ नीड्स यानी जरूरतों का क्रम हमारे लिए कौन सी चीजें जरूरी हैं और किन चीजों के बिना भी काम चल सकता है, यह सवाल जाने-माने अमेरिकी मनोवैज्ञानिक अब्राहम एच. मास्लो के मन में भी उठा करता था। इसे जानने के लिए उन्होंने सैकड़ों लोगों पर मनोवैज्ञानिक स्टडी की। सालों तक चलने वाली इस स्टडी के बाद अब्राहम मास्लो ने ‘हाइरार्की ऑफ नीड्स’ यानी जरूरतों का क्रम समझा। अपनी किताब ‘मोटिवेशन एंड पर्सनैलिटी’ में मास्लो ने इंसानी जरूरतों का क्रम समझाया। इसे ही ‘हाइरार्की ऑफ नीड्स’ कहा जाता है। प्यार नहीं है इंसान की सबसे बड़ी जरूरत यहां यह समझ लेना जरूरी है कि किसी भी मामले में प्यार इंसान की सबसे बड़ी जरूरत नहीं है। भले ही वह इंसान कितना ही बड़ा आशिक या खुद मजनू ही क्यों न हो। अपनी स्टडी में अब्राहम मास्लो ने पाया कि इंसान की सबसे अहम जरूरत खाना-पीना और नींद है। अगर किसी को लंबे समय तक इसका अभाव हो जाए तो उसका प्यार भी गायब हो सकता है। एक इंसान सहज रूप से सबसे पहले खाना, पानी और नींद चाहता है। अगर किसी की शारीरिक जरूरतें पूरी न हों तो उसका ध्यान मनोवैज्ञानिक जरूरतों पर जाएगा ही नहीं। यहां इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि यह बात शॉर्ट टर्म के लिए लागू नहीं होती। उदाहरण के लिए अगर कोई शख्स फास्टिंग में है तो इसका मतलब यह नहीं कि उसे रिश्ते-नातों की कद्र नहीं होगी। लेकिन जब किसी शख्स को लंबे वक्त तक भूखा-प्यासा रखा जाए तो वह अपने रिश्तों के ऊपर खाने और पानी को ही तरजीह देगा। तो क्या रोटी, कपड़ा और मकान हमारी जरूरतें नहीं हैं ‘रोटी, कपड़ा और मकान’ इनमें से पहली चीज यानी रोटी इंसानों की प्राथमिक जरूरत है। बाद की दोनों चीजें दूसरे नंबर पर आती हैं। अब्राहम मास्लो के अनुसार जब इंसान की शारीरिक जरूरतें पूरी हो जाती हैं तो उसका पूरा ध्यान सुरक्षा पर जाता है। इसके माध्यम से वह अपनी प्राथमिक जरूरतों को लंबे समय तक पूरा करते रहने की सोचता है। इसके लिए ही कपड़े और मकान की ख्वाहिश होती है। इन दोनों जरूरतों के पूरा होने के बाद ही प्यार और रिश्तों का नंबर आता है। मैस्लो इसे साइकोलॉजिकल नीड्स यानी मनोवैज्ञानिक जरूरत बताते हैं। प्यार मिलने के बाद जगती है सम्मान की इच्छा अब्राहम मास्लो के अनुसार तीसरी सबसे अहम जरूरत यानी प्यार मिलने के बाद इंसानों की चाहत होती है कि उसे तमाम रिश्तों में सम्मान मिले। सोसाइटी में उसका ओहदा ऊंचा हो। ऐसी स्थिति में अगर प्यार में सम्मान न मिले तो रिश्ते के टूटने की आशंका बढ़ जाती है क्योंकि यहां ‘हाइरार्की ऑफ नीड्स’ बिगड़ जाती है। बिना सम्मान रिश्ते में लोगों की मनोवैज्ञानिक जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। रिश्ते में प्यार और सम्मान की बराबर जरूरत होती है। बिना प्यार भी किसी का सम्मान किया जा सकता है। लेकिन किसी भी रिश्ते में सम्मान के बगैर प्यार हो पाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में एक पार्टनर दूसरे से डरकर प्यार का दिखावा करता है। सम्मान के बिना प्यार, बिना दांत के शेर जैसा है। जो शख्स अकेले में या लोगों के बीच अपने पार्टनर का सम्मान नहीं कर सकता, वह सच्चा प्यार करे, ऐसी उम्मीद बेमानी होगी। उससे रिश्ते के कद्र की उम्मीद भी बेकार है। ऐसे रिश्ते में कोई एक पार्टनर डॉमिनेट करता है, दूसरा उसको बर्दाश्त करता जाता है। पूरे रिश्ते से सम्मान और प्यार गायब होता है। जिस लक्ष्य को सबसे जरूरी मानते हैं, वह है आखिरी आपने अपने आसपास कई लोगों को ऐसा कहते सुना होगा कि डॉक्टर बनना मेरा सपना है या इस एग्जाम को पास करना मेरी जिंदगी का लक्ष्य है। लेकिन असल में इस तरह की जरूरतें हाइरार्की ऑफ नीड्स में 5वें यानी आखिर नंबर पर आती हैं। मास्लो के अनुसार जब तक पहले की 4 जरूरतें पूरी न हों, इंसान का अपनी 5वीं जरूरत के बारे में ठीक से सोच पाना भी मुश्किल है। अगर कोई अपनी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक जरूरतों से लगातार समझौते करे तो उसका अपनी जिंदगी के मुख्य लक्ष्य की ओर ध्यान ही नहीं जाएगा। सपने पूरे करने में मददगार हो सकती है हाइरार्की ऑफ नीड्स अगर ठीक से समझा और बरता जाए तो मास्लो की हाइरार्की ऑफ नीड्स सपनों को पूरा करने में मददगार साबित हो सकती है। यह थ्योरी बताती है कि जब तक आप खाने-पीने, नींद और कुल मिलाकर अच्छी लाइफ स्टाइल फॉलो नहीं करेंगे, तब तक सुरक्षा की भावना नहीं आएगी। बिना सुरक्षित महसूस किए रिश्ते बनाने में कठिनाई होगी। इसी तरह बिना सोशल और पर्सनल रिश्तों के सम्मान की उम्मीद भी बेमानी होगी। और अगर ये सभी जरूरतें पूरी न हों तो सीधे-सीधे लाइफ गोल को हासिल करना लगभग नामुमकिन होगा। ऐसे में हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाते हुए हेल्दी खाना, समय पर सोना और मेंटल-फिजिकल सेहत का ध्यान रखना कहीं-न-कहीं जिंदगी के सबसे बड़े लक्ष्य की ओर ले जाता है।