क्या ओलिंपिक में 10 प्लस मेडल जीतेगा भारत:117 भारतीय मैदान में; शूटिंग, एथलेटिक्स समेत 9 खेलों में मेडल की उम्मीद

साल 1996। अटलांटा ओलिंपिक में टेनिस का ब्रॉन्ज मेडल मैच चल रहा था। भारतीय खिलाड़ी लिएंडर पेस ब्राजील के फर्नांडो मेलिजेनी के खिलाफ एक सेट से पीछे चल रहे थे। दूसरे सेट में भी वे 1-2 से पिछड़ गए। यह सेट गंवाते ही पेस मेडल से चूक जाते। यहां से उन्होंने जोरदार वापसी की। दूसरा सेट जीता। फिर तीसरा सेट जीतकर मैच और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। ओलिंपिक में 16 साल के इंतजार के बाद भारत को कोई मेडल मिला था। इसके बाद से भारत ने हर ओलिंपिक में कम से कम एक मेडल जरूर जीता। आज से पेरिस ओलिंपिक में खेलों की शुरुआत होने जा रही है। 117 भारतीय प्लेयर्स 16 खेलों में 71 गोल्ड मेडल के लिए दावेदारी पेश करेंगे। सवाल यह नहीं है कि भारत कोई मेडल जीतेगा या नहीं। इस बार सवाल यह है कि भारत पहली बार 10 या इससे ज्यादा मेडल जीत पाएगा या नहीं? स्टोरी में इसका जवाब तलाशते हैं… 9 खेलों में दावा मजबूत
भारत पेरिस ओलिंपिक के 16 खेलों में हिस्सा ले रहा है। इनमें से 9 खेल ऐसे हैं, जिनमें भारतीय खिलाड़ी मेडल जीतने के दावेदार माने जा रहे हैं। इन खेलों में आर्चरी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, गोल्फ, शूटिंग, वेटलिफ्टिंग और रेसलिंग शामिल हैं। कुछ खेलों में एक से ज्यादा मेडल आने की उम्मीद हैं। इनके अलावा 7 और खेलों में भी भारतीय प्लेयर्स उतरेंगे, लेकिन इतिहास और रीसेंट रिकॉर्ड को देखते हुए उनमें मेडल की उम्मीद कम ही है। जानते हैं उन 9 खेलों के बारे में जिनमें भारत को मेडल मिल सकते हैं… 1. शूटिंग: 15 इवेंट में 21 भारतीय
भारत को मेडल की सबसे ज्यादा आस शूटिंग से है। मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी के 6-6 इवेंट में भारतीय निशानेबाज हिस्सा लेंगे। मेंस कैटेगरी में 10 और विमेंस कैटेगरी में 11 शूटर मेडल के लिए निशाना साधेंगे। इन्हीं में से 10 शूटर्स 3 टीम इवेंट में भी हिस्सा लेंगे। मनु भाकर 2 इंडिविजुअल इवेंट्स में हिस्सा लेने वालीं इकलौती भारतीय रहेंगी। उन्होंने 10 मीटर एयर और 25 मीटर पिस्टल इवेंट में क्वालिफाई किया है। इसके साथ ही वह 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट का भी हिस्सा हैं। अगले ग्राफिक्स में देखिए किस इवेंट में कौन सा शूटर हिस्सा लेगा। कितने मेडल मिल सकते हैंः 2 से 5 *ओलिंपिक शूटिंग इतिहास में भारत ने एक गोल्ड, 2 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है। 2012 में विजय कुमार ने सिल्वर जीतकर भारत को इस खेल में आखिरी सफलता दिलाई थी। 2. आर्चरी: सभी इवेंट में उतरेंगे इंडियन आर्चर
आर्चरी में भारत ने फुल स्क्वॉड उतारा है। 5 इवेंट्स में मेंस-विमेंस दोनों कैटेगरी के 3-3 आर्चर हिस्सा लेंगे। भारत ने मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी के टीम इवेंट में रैंकिंग के आधार पर क्वालिफाई किया। इसलिए देश मेंस-विमेंस इंडिविजुअल, मेंस-विमेंस टीम और मिक्स्ड टीम तीनों इवेंट में हिस्सा लेगा। कितने मेडल की उम्मीद: 1 से 2
आर्चरी में भारत ने कभी ओलिंपिक मेडल नहीं जीता। वर्ल्ड नंबर-1 रह चुकीं दीपिका कुमारी ने 3 बार दावेदारी पेश की, लेकिन वह कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ सकीं। दीपिका फिर एक बार ओलिंपिक में उतरेंगी, लेकिन इस बार वह अकेली दावेदार नहीं हैं। धीरज, तरुणदीप और प्रवीण जाधव की मेंस टीम से भी मेडल की उम्मीद है। मेंस प्लेयर्स से इंडिविजुअल के साथ रिकर्व टीम इवेंट में भी मेडल की उम्मीद है। टीम ने आर्चरी वर्ल्ड कप में कोरिया की ओलिंपिक चैंपियन टीम तक को हराया था। इसलिए आर्चरी में 1 या 2 मेडल की उम्मीद तो की ही जा सकती है। इनके अलावा भजन कौर और अंकिता भकत विमेंस कैटेगरी में उतरेंगी, हालांकि इनसे मेडल की उम्मीदें कम हैं। 3. बैडमिंटन: 4 इवेंट में 7 भारतीय उतरेंगे
बैडमिंटन में भारत ने मिक्स्ड डबल्स छोड़कर सभी 4 इवेंट में क्वालिफाई किया। मेंस सिंगल्स में 2, विमेंस सिंगल्स में एक शटलर ने जगह बनाई। वहीं मेंस डबल्स और विमेंस डबल्स में एक-एक जोड़ी ने क्वालिफाई किया। 7 शटलर्स के रैकेट पर 4 गोल्ड मेडल दांव पर हैं। कितने मेडल की उम्मीद: 1 से 3 *बैडमिंटन में भारत ने 2 ब्रॉन्ज और एक सिल्वर मेडल जीता है। 2020 में पीवी सिंधु ने ब्रॉन्ज जीतकर भारत को इस खेल में आखिरी सफलता दिलाई थी। 4. बॉक्सिंग: 6 बॉक्सर्स के मुक्कों पर निर्भर 6 गोल्ड
भारत के 6 बॉक्सर्स ने 6 अलग-अलग कैटगरी के बॉक्सिंग इवेंट में ओलिंपिक क्वालिफाई किया है। इनमें 4 विमेंस और 2 मेंस बॉक्सर शामिल हैं। वर्ल्ड चैंपियन निखत जरीन और ओलिंपिक मेडल विजेता लवलीना बोरगोहेन के साथ प्रीति पवार और जैस्मिन लम्बोरिया विमेंस बॉक्सर हैं। मेंस कैटेगरी में अमित पंघल और निशांत देव ने क्वालिफाई किया। कितने मेडल की उम्मीद: 2 से 4 *ओलिंपिक बॉक्सिंग इतिहास में भारत ने 3 मेडल जीते, तीनों ब्रॉन्ज रहे। 2008 में विजेंदर सिंह, 2012 में मैरी कॉम और 2020 में लवलीना ने मेडल जीता था। 5​​​​​​. रेसलिंग: 6 रेसलर्स लगाएंगे 6 गोल्ड के लिए दांव
रेसलिंग फेडरेशन में पिछले ओलिंपिक के बाद से हुई उथल-पुथल के बावजूद 6 रेसलर्स ने भारत से खेल महाकुंभ में जगह बना ली। विनेश फोगाट, अंतिम पंघल और अंशु मलिक के साथ 2 और विमेंस रेसलर ने क्वालिफाई किया। मेंस कैटेगरी में अमन सहरावत एकमात्र उम्मीदवार और मेडल के दावेदार हैं। कितने मेडल की उम्मीद: 2 से 4 *ओलिंपिक रेसलिंग इतिहास में भारत ने 7 मेडल जीते हैं। इनमें 5 ब्रॉन्ज और 2 सिल्वर शामिल हैं। 2012 और 2020 में भारत ने 2-2 मेडल जीते। 2020 में बजरंग पूनिया ने ब्रॉन्ज और रवि दहिया ने सिल्वर जीता था। 2008 से भारत ने हर बार रेसलिंग में मेडल जीते। 6. हॉकी: मेंस टीम से प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद
ओलिंपिक इतिहास में भारत ने अगर सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल किसी खेल में जीते है तो वह हॉकी ही है। 1928 में पहली बार हॉकी खेलना शुरू करने के बाद 1980 तक भारत ने 8 गोल्ड, एक सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल जीते। फिर आया इंडियन हॉकी का बुरा दौर, सबसे बुरा दौर भी कहें तो गलत नहीं होगा। 1980 के बाद भारत ने 2016 तक ब्रॉन्ज मेडल तो छोड़िए सेमीफाइनल तक में जगह नहीं बनाई। 2008 में तो हालात इतने खराब हो गए कि टीम क्वालिफाई भी नहीं कर सकी। इस दौरान एशियन गेम्स और एशिया कप में खूब सफलता मिली, लेकिन ओलिंपिक मेडल दूर ही रहा। फिर 2020 टोक्यो ओलिंपिक में टीम ने कमबैक किया, सेमीफाइनल में क्वालिफाई किया और थर्ड प्लेस मैच जीतकर ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया। टीम 2022 में एशियन गेम्स और 2023 में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी भी जीत चुकी है। 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में टीम रनर-अप रही। ऐसे में इस बार हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में टीम से अपने पिछले मेडल का रंग बदलने की उम्मीद है। 7. वेटलिफ्टिंग: एक ही दावेवार, उनसे ही उम्मीद
वेटलिफ्टिंग में भारत का दबदबा कभी नहीं रहा। 2000 में कर्णम मल्लेश्वरी ने ब्रॉन्ज जीतकर देश को इस खेल में पहला ओलिंपिक मेडल दिलाया। इंडियन वेटलिफ्टर फिर 2004 में चौथे और 2012 में 12वें स्थान पर रहीं। 2020 में फिर मीराबाई चानू ने 49 किग्रा कैटेगरी में वह कर दिखाया जो भारत के इतिहास में कभी नहीं हुआ। उन्होंने सिल्वर मेडल जीता और देश को इस कैटेगरी में पहली बार रजत पदक दिखाया। चानू इस बार भी वेटलिफ्टिंग में भारत की इकलौती उम्मीद हैं। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड भी जीता था। 8. गोल्फ में पहले मेडल का इंतजार
भारत के 4 गोलफर्स ने पेरिस ओलिंपिक में क्वालिफाई किया है, विमेंस और मेंस दोनों ही कैटेगरी में 2-2 गोल्फर्म शामिल हैं। दोनों कैटेगरी में एक-एक गोल्ड मेडल दांव पर है। इस खेल में भारत ने अब तक कोई मेडल नहीं जीता, लेकिन इस बार अदिति अशोक मेडल जिता सकती हैं। अदिति टोक्यो ओलिंपिक के आखिरी दिन भारत को मेडल जिताने के करीब पहुंची थीं। लेकिन फाइनल राउंड में ब्रॉन्ज जीतने से महज एक पॉइंट से दूर रह गईं। उन्होंने चौथे स्थान पर फिनिश किया। अदिति एशिया की टॉप गोल्फर हैं और पिछले प्रदर्शन के आधार पर ही इस बार उनसे मेडल की उम्मीद हैं। उनके अलावा दिक्षा डागर, शुभांकर शर्मा और गगनजीत भुल्लर भी गोल्फ कॉम्पिटिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 9: एथलेटिक्स में सबसे बड़ा दल उतारा
एथलेटिक्स के जैवलिन, शॉट पुट, लॉन्ग जंप, रिले और स्टीपलचेज जैसे 18 इवेंट्स में भारत के 29 एथलीट्स हिस्सा लेंगे। इनमें 18 पुरुष और 11 महिलाएं शामिल हैं। एथलेटिक्स के ट्रैक पर 8, रोड पर 3 और फील्ड में 7 इवेंट्स के लिए भारतीय एथलीट्स ने क्वालिफाई किया। कितने मेडल की उम्मीद: 1 से 3 भारत इन खेलों में भी भाग लेगा, लेकिन मेडल की उम्मीद बेहद कम ग्राफिक्स: कुणाल शर्मा, अंकलेश विश्वकर्मा, संदीप पाल