पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीति आयोग की बैठक बीच में छोड़कर चली गईं। बाहर आकर उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में उन्हें बोलने नहीं दिया गया। उनका माइक बंद कर दिया। ममता ने यह भी कहा कि बैठक में विपक्ष की तरफ से कोई नहीं था, मैं अकेली थी। सारे CM को 15-15 मिनट का मौका दिया गया। जब मैंने बंगाल का पक्ष रखा तो मुझे बोलने से रोक दिया गया। नीति आयोग की 9वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता PM मोदी कर रहे हैं। मीटिंग में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर फोकस किया जा रहा है। बैठक के लिए बंगाल CM ममता बनर्जी, असम CM हिमंता बिस्वा शर्मा, राजस्थान CM भजन लाल शर्मा, मध्य प्रदेश CM मोहन यादव, आंध्र प्रदेश CM चंद्रबाबू नायडू और गोवा CM प्रमोद सावंत पहुंचे हैं। हालांकि, I.N.D.I.A ब्लॉक की पार्टियों वाले 7 राज्यों के मुख्य मंत्रियों ने बैठक में आने से इनकार कर दिया है। इनमें तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और झारखंड शामिल हैं। वहीं, NDA के प्रमुख सहयोगी JDU के नीतीश कुमार भी बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। उनकी जगह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा शामिल हो रहे हैं। ममता बोलीं- नीति आयोग खत्म करें, योजना आयोग वापस लाएं
ममता बनर्जी ने बैठक से एक दिन पहले कहा कि नीति आयोग खत्म करो और योजना आयोग को वापस लाओ। योजना आयोग, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का आइडिया था। उन्होंने आगे कहा- ये सरकार आपसी लड़ाई में गिर जाएगी, इंतजार कीजिए। इस दौरे में मेरे पास ज्यादा समय नहीं है, इसीलिए किसी नेता से मेरी मुलाकात नहीं हो रही। भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने पर चर्चा होगी
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में विकसित भारत @ 2047 को लेकर चर्चा की जाएगी। भारत को विकसित बनाने के लिए राज्यों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी। नीति आयोग का कहना है कि देश 5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करेगा। केंद्र ने नीति आयोग की नई टीम बनाई
केंद्र सरकार ने 16 जुलाई को नीति आयोग की नई टीम का ऐलान किया। इसमें चार पूर्णकालिक सदस्यों के अलावा भाजपा और NDA के सहयोगी दलों के 15 केंद्रीय मंत्रियों को पदेन सदस्य या विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति भवन की तरफ से इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आयोग के अध्यक्ष और इकोनॉमिस्ट सुमन के बेरी उपाध्यक्ष बने रहेंगे। इसके अलावा साइंटिस्ट वी के सारस्वत, एग्रीकल्चर इकोनॉमिस्ट रमेश चंद, बाल रोग विशेषज्ञ वी के पॉल और मैक्रो-इकोनॉमिस्ट अरविंद विरमानी पूर्णकालिक सदस्य बने रहेंगे। नीति आयोग में शामिल 15 केंद्रीय मंत्रियों के नाम
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चार पदेन सदस्य होंगे। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी और एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी नीति आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। ललन सिंह-चिराग पासवान को भी मिली जगह
इनके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों में पंचायती राज मंत्री लल्लन सिंह, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अन्नपूर्णा देवी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार राव इंद्रजीत सिंह शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर, जिन्हें पिछले साल आयोग में शामिल किया गया था, इस साल आयोग के सदस्य नहीं बनाए गए हैं। क्या है नीति आयोग?
नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को नीति (NITI) आयोग के नाम से जाना जाता है। यह भारत सरकार का एक नीति थिंक टैंक है, जो सरकार के कामों और नीतियों की जानकारी देता है। केंद्र की मोदी सरकार ने 2015 में 65 साल पुराने योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किया था। योजना आयोग देश के विकास से संबंधित योजनाएं बनाने का काम करता था। नीति आयोग सरकार के लॉन्ग टर्म पॉलिसी और कार्यक्रमों के लिए रणनीति तैयार करने में अहम रोल निभाता है। आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष और एक कार्यकारी अधिकारी होता है। इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी। ये खबरें भी पढ़ें… सीएम योगी नीति आयोग की बैठक में पहुंचे, पीएम को यूपी चुनाव में प्रदर्शन की रिपोर्ट भी सौंपेंगे यूपी सरकार में खींचतान के बीच सीएम योगी की आज दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात होगी। इसमें सीएम यूपी में लोकसभा चुनाव में भाजपा के कमजोर प्रदर्शन की रिपोर्ट सौंपेंगे। सीएम योगी की मोहन भागवत से भी मुलाकात की चर्चा है। भागवत दिल्ली में हैं। हालांकि, इसकी ऑफिशियल जानकारी नहीं है। पढे़ें पूरी खबर… 9 साल में 24.8 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले: नीति आयोग की रिपोर्ट; UP में सबसे ज्यादा 5.94 करोड़ लोगों को फायदा भारत में पिछले 9 सालों में 24.8 करोड़ गरीबी से बाहर निकले हैं। इसमें सबसे ज्यादा 5.94 करोड़ उत्तर प्रदेश के हैं। उसके बाद बिहार में 3.77 करोड़, मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ और राजस्थान में 1.87 करोड़ लोगों की गरीबी के स्तर में सुधार हुआ। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गरीबी दर 2013-14 में 29.17 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 11.28 प्रतिशत रह गई है। पूरी खबर पढ़ें… AI हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा आविष्कार: नीति आयोग के पूर्व CEO बोले- न्यूज कंजंप्शन के पूरी तरह डिजिटल होने में AI बड़ी भूमिका निभाएगा सरकार AI के फायदों को पहचानने के साथ-साथ इसकी चुनौतियों का भी सक्रिय रूप से समाधान कर रही है। मैं नहीं मानता कि हमें टेक्नोलॉजी से डरना चाहिए। AI हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा आविष्कार है। IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने DNPA कॉन्क्लेव और अवार्ड्स 2024 में ये बात कही। पूरी खबर पढ़ें…
ममता बनर्जी ने बैठक से एक दिन पहले कहा कि नीति आयोग खत्म करो और योजना आयोग को वापस लाओ। योजना आयोग, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का आइडिया था। उन्होंने आगे कहा- ये सरकार आपसी लड़ाई में गिर जाएगी, इंतजार कीजिए। इस दौरे में मेरे पास ज्यादा समय नहीं है, इसीलिए किसी नेता से मेरी मुलाकात नहीं हो रही। भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने पर चर्चा होगी
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में विकसित भारत @ 2047 को लेकर चर्चा की जाएगी। भारत को विकसित बनाने के लिए राज्यों की भूमिका पर भी चर्चा की जाएगी। नीति आयोग का कहना है कि देश 5 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करेगा। केंद्र ने नीति आयोग की नई टीम बनाई
केंद्र सरकार ने 16 जुलाई को नीति आयोग की नई टीम का ऐलान किया। इसमें चार पूर्णकालिक सदस्यों के अलावा भाजपा और NDA के सहयोगी दलों के 15 केंद्रीय मंत्रियों को पदेन सदस्य या विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति भवन की तरफ से इससे जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आयोग के अध्यक्ष और इकोनॉमिस्ट सुमन के बेरी उपाध्यक्ष बने रहेंगे। इसके अलावा साइंटिस्ट वी के सारस्वत, एग्रीकल्चर इकोनॉमिस्ट रमेश चंद, बाल रोग विशेषज्ञ वी के पॉल और मैक्रो-इकोनॉमिस्ट अरविंद विरमानी पूर्णकालिक सदस्य बने रहेंगे। नीति आयोग में शामिल 15 केंद्रीय मंत्रियों के नाम
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चार पदेन सदस्य होंगे। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी और एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी नीति आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। ललन सिंह-चिराग पासवान को भी मिली जगह
इनके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों में पंचायती राज मंत्री लल्लन सिंह, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अन्नपूर्णा देवी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार राव इंद्रजीत सिंह शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर, जिन्हें पिछले साल आयोग में शामिल किया गया था, इस साल आयोग के सदस्य नहीं बनाए गए हैं। क्या है नीति आयोग?
नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को नीति (NITI) आयोग के नाम से जाना जाता है। यह भारत सरकार का एक नीति थिंक टैंक है, जो सरकार के कामों और नीतियों की जानकारी देता है। केंद्र की मोदी सरकार ने 2015 में 65 साल पुराने योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किया था। योजना आयोग देश के विकास से संबंधित योजनाएं बनाने का काम करता था। नीति आयोग सरकार के लॉन्ग टर्म पॉलिसी और कार्यक्रमों के लिए रणनीति तैयार करने में अहम रोल निभाता है। आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष और एक कार्यकारी अधिकारी होता है। इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी। ये खबरें भी पढ़ें… सीएम योगी नीति आयोग की बैठक में पहुंचे, पीएम को यूपी चुनाव में प्रदर्शन की रिपोर्ट भी सौंपेंगे यूपी सरकार में खींचतान के बीच सीएम योगी की आज दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात होगी। इसमें सीएम यूपी में लोकसभा चुनाव में भाजपा के कमजोर प्रदर्शन की रिपोर्ट सौंपेंगे। सीएम योगी की मोहन भागवत से भी मुलाकात की चर्चा है। भागवत दिल्ली में हैं। हालांकि, इसकी ऑफिशियल जानकारी नहीं है। पढे़ें पूरी खबर… 9 साल में 24.8 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले: नीति आयोग की रिपोर्ट; UP में सबसे ज्यादा 5.94 करोड़ लोगों को फायदा भारत में पिछले 9 सालों में 24.8 करोड़ गरीबी से बाहर निकले हैं। इसमें सबसे ज्यादा 5.94 करोड़ उत्तर प्रदेश के हैं। उसके बाद बिहार में 3.77 करोड़, मध्य प्रदेश में 2.30 करोड़ और राजस्थान में 1.87 करोड़ लोगों की गरीबी के स्तर में सुधार हुआ। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गरीबी दर 2013-14 में 29.17 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 11.28 प्रतिशत रह गई है। पूरी खबर पढ़ें… AI हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा आविष्कार: नीति आयोग के पूर्व CEO बोले- न्यूज कंजंप्शन के पूरी तरह डिजिटल होने में AI बड़ी भूमिका निभाएगा सरकार AI के फायदों को पहचानने के साथ-साथ इसकी चुनौतियों का भी सक्रिय रूप से समाधान कर रही है। मैं नहीं मानता कि हमें टेक्नोलॉजी से डरना चाहिए। AI हमारे जीवनकाल का सबसे बड़ा आविष्कार है। IT राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने DNPA कॉन्क्लेव और अवार्ड्स 2024 में ये बात कही। पूरी खबर पढ़ें…