यूरोपीय यूनियन ने शुक्रवार को ऐलान किया कि उसने यूक्रेन को मदद के रूप में 1.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर (भारतीय रुपए में 13 हजार 340 करोड़ रुपए) रकम ट्रांसफर कर दी है। ये रूस के ‘फ्रीज (जब्त)’ किए हुए पैसों के मुनाफे से हासिल रकम की पहली खेप है। साल 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद यूरोपीय यूनियन ने रूस की 225 बिलियन अमेरिकी डॉलर (18 लाख 83 हजार करोड़ रुपए) की संपत्ति फ्रीज कर ली थी। ये पैसा रूसी सेंट्रल बैंक का था। इसी साल मई में यूरोपीय यूनियन के 27 देश रूसी पैसे से हासिल ब्याज को यूक्रेन को देने पर सहमत हुए थे। यूक्रेन इस पैसे का इस्तेमाल हथियार खरीदने में कर पाएगा। यूरोपीय यूनियन के अलावा G7 ने भी रूस की 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर की संपत्ति फ्रीज कर दी थी। रूस की फ्रीज हुई कुल 325 बिलियन की रकम पर हर साल 3 अरब डॉलर( करीब 25 हजार करोड़) का ब्याज निकल रहा है। पैसा रूस का, ब्याज यूक्रेन को मिल रहा
यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय यूनियन, यूक्रेन के साथ खड़ा है। हम उनकी मदद के लिए रूसी संपत्ति से मिले ब्याज का पैसा यूक्रेन को दे रहे हैं। रूसी पैसे का इससे बेहतर इस्तेमाल नहीं हो सकता। यूरोपीय यूनियन ने ये कदम तब उठाया है जब रूस ने पूर्वी यूक्रेन के 2 और गांवों पर फिर से कब्जा कर लिया है। हाल के कुछ समय में देखा गया है कि रूस को उत्तर-पूर्वी यूरोप में काफी सफलता मिल रही है। यूक्रेन को इस बात की चिंता है कि अगर उसे पश्चिमी देशों से मदद नहीं मिली तो वह और हिस्सों को गंवा सकता है। स्पेशल फंड में ट्रांसफर हुई रकम
इस बीच यूरोपीय यूनियन ने कहा कि 90% रकम यूरोपीय पीस फैसिलिटी नाम के एक स्पेशल फंड में ट्रांसफर की जाएगी। इसका उपयोग यूरोपीय यूनियन के कई देश यूक्रेन को हथियार भेजने के लिए पहले से ही कर रहे हैं। बाकी बचे 10% रकम यूरोपीय यूनियन के बजट में डाला जाएगा। इस रकम से यूक्रेन के डिफेंस इंडस्ट्री की मदद की जाएगी। हालांकि न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ देश इस पर आपत्ति जता चुके हैं। G7 भी रूसी पैसे से करेगा यूक्रेन की मदद
पिछले महीने G7 देशों ने यूक्रेन के लिए 50 बिलियन डॉलर कर्ज जुटाने के लिए रूस की फ्रीज की हुई संपत्ति के इस्तेमाल पर सहमति बनाई थी। इस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन, रूस के खिलाफ कर सकेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वे इस कदम से रूस को बताना चाह रहे हैं कि वे यूक्रेन की मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि रूस ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके इस फैसले का अंजाम बहुत दर्दनाक होने वाला है। रूस भी जब्त करेगा अमेरिकी पैसा
इसके बाद मई में ही रूस ने अमेरिकी संपत्तियों को जब्त करने का फैसला किया था। राष्ट्रपति पुतिन इससे जुड़े एक आदेश पर साइन किया। कहा गया कि इसके जरिए अमेरिका में सीज हुई रूसी संपत्ति से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। पुतिन ने जिस आदेश पर साइन किए हैं, उसमें कहा गया है कि एक रूसी संस्था रूसी अदालत से यह निर्धारित करने के लिए कह सकती है कि अमेरिका में उसकी संपत्ति गलत तरीके से जब्त की गई है और मुआवजे की मांग कर सकती है। आदेश में रियल एस्टेट, चल संपत्ति जैसी संपत्तियों को शामिल किया गया है। रूसी सरकार का एक विशेष आयोग उन अमेरिकी संपत्तियों की पहचान करेगा, जिसे भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह इस बात को निर्धारित करे कि किस तरह रूसी धारक अमेरिका में रोकी गई संपत्तियों के मुआवजे के तौर पर रूस में स्थित अमेरिकी संपत्ति को जब्त करने की मांग कर सकते हैं। इसके बाद अदालत अमेरिकी संपत्ति को मुआवजे के रूप में ट्रांसफर करने का आदेश देगी। रूसी सरकार को सितंबर के अंत तक अमेरिकी संपत्ति जब्ती की अनुमति देने के लिए जरूरी कानूनी बदलाव करने का निर्देश दिया गया है।
यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक बयान में कहा कि यूरोपीय यूनियन, यूक्रेन के साथ खड़ा है। हम उनकी मदद के लिए रूसी संपत्ति से मिले ब्याज का पैसा यूक्रेन को दे रहे हैं। रूसी पैसे का इससे बेहतर इस्तेमाल नहीं हो सकता। यूरोपीय यूनियन ने ये कदम तब उठाया है जब रूस ने पूर्वी यूक्रेन के 2 और गांवों पर फिर से कब्जा कर लिया है। हाल के कुछ समय में देखा गया है कि रूस को उत्तर-पूर्वी यूरोप में काफी सफलता मिल रही है। यूक्रेन को इस बात की चिंता है कि अगर उसे पश्चिमी देशों से मदद नहीं मिली तो वह और हिस्सों को गंवा सकता है। स्पेशल फंड में ट्रांसफर हुई रकम
इस बीच यूरोपीय यूनियन ने कहा कि 90% रकम यूरोपीय पीस फैसिलिटी नाम के एक स्पेशल फंड में ट्रांसफर की जाएगी। इसका उपयोग यूरोपीय यूनियन के कई देश यूक्रेन को हथियार भेजने के लिए पहले से ही कर रहे हैं। बाकी बचे 10% रकम यूरोपीय यूनियन के बजट में डाला जाएगा। इस रकम से यूक्रेन के डिफेंस इंडस्ट्री की मदद की जाएगी। हालांकि न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ देश इस पर आपत्ति जता चुके हैं। G7 भी रूसी पैसे से करेगा यूक्रेन की मदद
पिछले महीने G7 देशों ने यूक्रेन के लिए 50 बिलियन डॉलर कर्ज जुटाने के लिए रूस की फ्रीज की हुई संपत्ति के इस्तेमाल पर सहमति बनाई थी। इस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन, रूस के खिलाफ कर सकेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वे इस कदम से रूस को बताना चाह रहे हैं कि वे यूक्रेन की मदद करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि रूस ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके इस फैसले का अंजाम बहुत दर्दनाक होने वाला है। रूस भी जब्त करेगा अमेरिकी पैसा
इसके बाद मई में ही रूस ने अमेरिकी संपत्तियों को जब्त करने का फैसला किया था। राष्ट्रपति पुतिन इससे जुड़े एक आदेश पर साइन किया। कहा गया कि इसके जरिए अमेरिका में सीज हुई रूसी संपत्ति से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। पुतिन ने जिस आदेश पर साइन किए हैं, उसमें कहा गया है कि एक रूसी संस्था रूसी अदालत से यह निर्धारित करने के लिए कह सकती है कि अमेरिका में उसकी संपत्ति गलत तरीके से जब्त की गई है और मुआवजे की मांग कर सकती है। आदेश में रियल एस्टेट, चल संपत्ति जैसी संपत्तियों को शामिल किया गया है। रूसी सरकार का एक विशेष आयोग उन अमेरिकी संपत्तियों की पहचान करेगा, जिसे भरपाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग को निर्देश दिया गया है कि वह इस बात को निर्धारित करे कि किस तरह रूसी धारक अमेरिका में रोकी गई संपत्तियों के मुआवजे के तौर पर रूस में स्थित अमेरिकी संपत्ति को जब्त करने की मांग कर सकते हैं। इसके बाद अदालत अमेरिकी संपत्ति को मुआवजे के रूप में ट्रांसफर करने का आदेश देगी। रूसी सरकार को सितंबर के अंत तक अमेरिकी संपत्ति जब्ती की अनुमति देने के लिए जरूरी कानूनी बदलाव करने का निर्देश दिया गया है।