दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की जीत के बाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव परिणाम में धांधली हुई है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक हजारों की भीड़ सड़कों पर निकलकर विरोध जता रही है। कई जगहों पर आगजनी भी देखने को मिली है। हजारों लोग राजधानी काराकस में राष्ट्रपति भवन के पास पहुंच गए हैं और नारेबाजी कर विरोध जता रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन की तरफ बढ़ने की कोशिश की जिसे रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रबर की गोलियां दागीं और आंसू गैस छोड़े। 28 जुलाई को वेनेजुएला में चुनाव हुए थे। चुनाव से पहले हुए सर्वे में विपक्षी उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज की आसान जीत बताई गई थी। हालांकि चुनाव परिणाम इसके उलट आए। निकोलस मादुरो चुनाव जीत गए। हालांकि विपक्ष ने इस जीत को मानने से इनकार कर दिया है। विपक्ष का दावा है कि चुनाव आयोग ने रिजल्ट में धांधली की है। वेनेजुएला में चल रहे प्रदर्शन की तस्वीरें… मादुरो की जीत के ऐलान के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू
चुनाव परिणाम के मुताबिक राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को 51.2 % वहीं, विपक्षी नेता गोंजालेज को 44.2 % वोट मिला। मादुरो की जीत के बाद से विपक्ष और जनता नाराज हो गई है। सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने निकोलस मादुरो के बैनर फाड़ डाले। उन्होंने मादुरो से पहले राष्ट्रपति रहे ह्यूगो शावेज के कई पुतलों को गिरा दिया है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में लोग ह्यूगो शावेज का सिर बाइक में बांधकर ले जा रहे हैं। ह्यूगो शावेज ने एक दशक से ज्यादा समय तक वेनेजुएला को लीड किया था और निकोलस मादुरो को अपना उत्तराधिकारी बनाया था। मादुरो पिछले 11 साल से सत्ता में हैं। हालिया चुनाव में जीत के मिलने बाद मादुरो अब 2025 से 2030 तक सत्ता में बने रहेंगे। मादुरो बोले- वेनेजुएला में तख्तापलट की हो रही कोशिश
सोमवार को टेलीविजन पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति मादुरो ने दावा किया कि वेनेजुएला में तख्तापलट की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव बाद ऐसा होगा इसका उन्हें पहले से अंदाजा था, लेकिन वे उनके मंसूबों को कामयाब होने नहीं देंगे। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक वेनेजुएला कई सालों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंधों की वजह से तेल के लिए मशहूर ये देश दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका है। विपक्ष ने हार मानने से इनकार किया
निकोलस मादुरो को हटाने के लिए विपक्षी दल गोंजालेज के साथ एकजुट हुए थे। सोमवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी नेता मारिया मचाडो ने दावा किया कि उनके गठबंधन को जनता का समर्थन हासिल है। सत्ताधारी पार्टी ने धांधली की है जिसकी वजह से एडमंडो गोंजालेज को जीत नहीं मिल पाई है। गोंजालेज ने परिणाम घोषित होने के बाद कहा कि वेनेजुएला में क्या हुआ है ये देश ही नहीं पूरी दुनिया जान रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव रिजल्ट में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने समर्थकों से हिंसा न करने और शांति से प्रदर्शन करने की अपील की। UN ने चुनाव आयोग से मांग डाटा
अमेरिका ने मादुरो की जीत पर पर कहा उन्हें चुनाव रिजल्ट पर यकीन नहीं है। अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चिंता जताते हुए कहा कि यह रिजल्ट वेनेजुएला की जनता का मन नहीं बताता है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों ने वेनेजुएला में पारर्दशी तरीके से रिजल्ट जारी करने की मांग की है। उन्होंने चुनाव अधिकारियों से हर पोलिंग स्टेशन के मतदान रिकॉर्ड जारी करने की अपील की है। हालांकि मादुरो को चीन, रूस और क्यूब जैसे साथी देशों का साथ मिला है। उन्होंने राष्ट्रपति को लगातार तीसरी जीत पर बधाई दी है।
चुनाव परिणाम के मुताबिक राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को 51.2 % वहीं, विपक्षी नेता गोंजालेज को 44.2 % वोट मिला। मादुरो की जीत के बाद से विपक्ष और जनता नाराज हो गई है। सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने निकोलस मादुरो के बैनर फाड़ डाले। उन्होंने मादुरो से पहले राष्ट्रपति रहे ह्यूगो शावेज के कई पुतलों को गिरा दिया है। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में लोग ह्यूगो शावेज का सिर बाइक में बांधकर ले जा रहे हैं। ह्यूगो शावेज ने एक दशक से ज्यादा समय तक वेनेजुएला को लीड किया था और निकोलस मादुरो को अपना उत्तराधिकारी बनाया था। मादुरो पिछले 11 साल से सत्ता में हैं। हालिया चुनाव में जीत के मिलने बाद मादुरो अब 2025 से 2030 तक सत्ता में बने रहेंगे। मादुरो बोले- वेनेजुएला में तख्तापलट की हो रही कोशिश
सोमवार को टेलीविजन पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति मादुरो ने दावा किया कि वेनेजुएला में तख्तापलट की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव बाद ऐसा होगा इसका उन्हें पहले से अंदाजा था, लेकिन वे उनके मंसूबों को कामयाब होने नहीं देंगे। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक वेनेजुएला कई सालों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। अमेरिका और पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंधों की वजह से तेल के लिए मशहूर ये देश दुनिया में अलग-थलग पड़ चुका है। विपक्ष ने हार मानने से इनकार किया
निकोलस मादुरो को हटाने के लिए विपक्षी दल गोंजालेज के साथ एकजुट हुए थे। सोमवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्षी नेता मारिया मचाडो ने दावा किया कि उनके गठबंधन को जनता का समर्थन हासिल है। सत्ताधारी पार्टी ने धांधली की है जिसकी वजह से एडमंडो गोंजालेज को जीत नहीं मिल पाई है। गोंजालेज ने परिणाम घोषित होने के बाद कहा कि वेनेजुएला में क्या हुआ है ये देश ही नहीं पूरी दुनिया जान रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव रिजल्ट में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने समर्थकों से हिंसा न करने और शांति से प्रदर्शन करने की अपील की। UN ने चुनाव आयोग से मांग डाटा
अमेरिका ने मादुरो की जीत पर पर कहा उन्हें चुनाव रिजल्ट पर यकीन नहीं है। अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चिंता जताते हुए कहा कि यह रिजल्ट वेनेजुएला की जनता का मन नहीं बताता है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय यूनियन समेत कई देशों ने वेनेजुएला में पारर्दशी तरीके से रिजल्ट जारी करने की मांग की है। उन्होंने चुनाव अधिकारियों से हर पोलिंग स्टेशन के मतदान रिकॉर्ड जारी करने की अपील की है। हालांकि मादुरो को चीन, रूस और क्यूब जैसे साथी देशों का साथ मिला है। उन्होंने राष्ट्रपति को लगातार तीसरी जीत पर बधाई दी है।