आज कामिका एकादशी और 4 जुलाई को हरियाली अमावस्या:सावन की अमावस्या पर शिव जी का करें अभिषेक और किसी मंदिर में लगाना चाहिए छायादार वृक्ष के पौधे

आज (बुधवार, 31 जुलाई) सावन के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसे कामिका एकादशी कहते हैं। एकादशी पर भगवान विष्णु के लिए व्रत-उपवास करें और शिव जी का अभिषेक करें। इसके बाद रविवार, 4 जुलाई को सावन मास अमावस्या है, जिसे हरियाली अमावस कहते हैं। इस पर्व पर ऐसे काम करना चाहिए, जिनकी वजह से प्रकृति को लाभ मिलता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक सावन मास की सभी तिथियां पर्व की तरह ही हैं। पूरे महीने शिव जी की विशेष पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि जो लोग सावन में शिव जी की भक्ति करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। पूरे सावन पूजा-पाठ नहीं कर पा रहे हैं तो इस महीने की विशेष तिथियां जैसे एकादशी, प्रदोष, अमावस और पूर्णिमा पर शिव पूजा जरूर करें। एकादशी पर विष्णु-लक्ष्मी का करें अभिषेक हरियाली अमावस्या पर कर सकते हैं ये शुभ काम रविवार, 4 जुलाई को सावन मास का कृष्ण पक्ष खत्म हो जाएगा। इस दिन हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। ये तिथि प्रकृति का महत्व बताती है। अभी वर्षा ऋतु का समय है, ऐसे में चारों ओर हरियाली दिखाई देती है। प्रकृति हरी-भरी बनी रहे, इसके लिए हरियाली अमावस्या पर छायादार वृक्षों के पौधे लगाने चाहिए और इनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। अमावस्या पर गणेश पूजन के बाद भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक करें। चंदन का लेप करें। बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल से शिवलिंग का श्रृंगार करें। गुलाल, अबीर, भस्म, जनेऊ आदि पूजन सामग्री चढ़ाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें। भगवान को सामने संकल्प लें कि ऐसे कामों से बचेंगे, जिनकी वजह से प्रकृति को नुकसान पहुंचाता है। प्रकृति भी परमात्मा का ही एक स्वरूप है। प्रकृति की वजह से हमारा जीवन है, इसलिए इसका सम्मान करें।