रविवार, 4 अगस्त को सावन मास का कृष्ण पक्ष खत्म होगा, इस दिन हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। ये प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का पर्व है। इस दिन मंदिरों में पूजा-पाठ करने के बाद सार्वजनिक जगहों पर पौधे भी लगाने चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, अमावस्या तिथि के स्वामी पितर देव माने गए हैं। घर-परिवार के मृत सदस्यों को पितर देव माना जाता है। अमावस्या पर पितरों के लिए श्राद्ध कर्म करना चाहिए। इस तिथि पर पितरों के लिए धूप-ध्यान, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करना चाहिए। हरियाली अमावस्या पर कर सकते हैं ये शुभ काम