इनकम टैक्स फाइल करने की डेडलाइन खत्म हो गई है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अब तक 7 करोड़ से ज्यादा ITR फाइल किए गए हैं। आखिरी दिन यानी, 31 जुलाई 2024 को शाम 7 बजे तक 50 लाख से ज्यादा ITR दाखिल किए गए हैं। जिन लोगों ने अभी तक ITR फाइल नहीं किया है, उन्हें अब ITR भरने के लिए लेट फीस देनी होगी। इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तो 5,000 रुपए फीस लगेगी। अगर कमाई 5 लाख रुपए से कम है, तो 1,000 रुपए लगेंगे। ITR फाइल करने के लिए पुरानी और नई दो तरह के रिजीम
टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला या पुराना टैक्स रिजीम चुनने पर आपकी 2.5 लाख रुपए तक की इनकम ही टैक्स फ्री रहेगी। हालांकि, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत आप 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स बचा सकते हैं। वहीं नया टैक्स रिजीम चुनने पर 3 लाख रुपए तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना होगा। इसमें भी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत सैलरीड पर्सन 7.5 लाख रुपए तक की इनकम पर और अन्य लोग 7 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं। 6 स्टेप में समझें इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का तरीका ITR वैरिफिकेशन करना जरूरी, नहीं तो ITR लीगल नहीं होगा
इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने के बाद इसे वैरिफाई करना जरूरी है। यदि इसे वैरिफाई नहीं किया गया है, तो फाइल किए गए ITR को लीगल नहीं माना जा सकता और डिपार्टमेंट उसे प्रोसेस नहीं करेगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ITR को वैरिफाई करने के लिए 5 ऑप्शन ऑफर करता है। नेट बैंकिंग, बैंक ATM, आधार OTP, बैंक अकाउंट और डीमैट अकाउंट।
टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के दो ऑप्शन मिलते हैं। पहला या पुराना टैक्स रिजीम चुनने पर आपकी 2.5 लाख रुपए तक की इनकम ही टैक्स फ्री रहेगी। हालांकि, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत आप 5 लाख तक की इनकम पर टैक्स बचा सकते हैं। वहीं नया टैक्स रिजीम चुनने पर 3 लाख रुपए तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना होगा। इसमें भी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87A के तहत सैलरीड पर्सन 7.5 लाख रुपए तक की इनकम पर और अन्य लोग 7 लाख तक की इनकम पर टैक्स छूट पा सकते हैं। 6 स्टेप में समझें इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का तरीका ITR वैरिफिकेशन करना जरूरी, नहीं तो ITR लीगल नहीं होगा
इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने के बाद इसे वैरिफाई करना जरूरी है। यदि इसे वैरिफाई नहीं किया गया है, तो फाइल किए गए ITR को लीगल नहीं माना जा सकता और डिपार्टमेंट उसे प्रोसेस नहीं करेगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ITR को वैरिफाई करने के लिए 5 ऑप्शन ऑफर करता है। नेट बैंकिंग, बैंक ATM, आधार OTP, बैंक अकाउंट और डीमैट अकाउंट।