दिल्ली के एक शेल्टर होम में पिछले 20 दिनों के दौरान 13 बच्चों की मौत हो गई है। मामला रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम का है। यह दिल्ली सरकार की तरफ से संचालित एकमात्र संस्था है, जहां मानसिक रूप से कमजोर लोगों की देखरेख की जाती है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट की जांच में शेल्टर होम में मौतों का खुलासा हुआ है। जनवरी से अब तक यहां 27 बच्चों की मौत हुई है। SDM ने बताया कि इस साल शेल्टर होम में मौतों की संख्या पिछले साल की तुलना में बहुत ज्यादा है। मौतों का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पता चलेगा। हालांकि, दिल्ली सरकार ने शेल्टर होम में जनवरी से अब तक 14 मौतों की बात कही है। दिल्ली की मंत्री आतिशी ने शुक्रवार (2 अगस्त) को राजस्व विभाग को 14 बच्चों की मौत की मजिस्ट्रेट जांच करने और 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। आशा किरण शेल्टर होम दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत आती है। AAP विधायक राज कुमार आनंद समाज कल्याण मंत्री थे। हालांकि, 10 अप्रैल को मंत्री पद और AAP से उनके इस्तीफे के बाद से इस विभाग के हेड का पद खाली है। तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसी भी मंत्री को विभाग का जिम्मा नहीं सौंपा है।