पेरिस ओलिंपिक में महिला बॉक्सिंग के एक मैच को लेकर शुरू हुए विवाद में अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को टेस्ला CEO इलॉन मस्क की भी एंट्री हो गई है। दरअसल, गुरुवार को इटली की एंजेला कैरिनी और अल्जीरिया की इमान खलीफ के बीच मैच चल रहा था। एंजेला सिर्फ 46 सेकेंड में ही मैच से हट गईं और इस मुकाबले में इमान को जीत दी गई। एंजेला ने दावा किया कि इमाम का पंच उन्हें बहुत जोर से लगा था। उन्होंने पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया था। दरअसल, अल्जीरिया की इमान खलीफी पर आरोप है कि उसके शरीर में टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा बेहद ज्यादा थी। 2023 में इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के जेंडर टेस्ट में खलीफी फेल हो गई थीं। टेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, इमान में XY क्रोमोजोम्स हैं, जो पुरुषों में पाए जाते हैं। इसके बाद वह टूर्नामेंट नहीं खेल पाई थी। विवाद को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, “मैं महिलाओं के खेल से पुरुषों को दूर रखूंगा।” ट्रम्प ने पोस्ट के साथ मैच का वीडियो भी शेयर किया। जेडी वेंस बोले- कमला हैरिस के विचार भी इस मैच जैसे ही
वहीं ट्रम्प की पार्टी से उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने कहा, “जेंडर को लेकर कमला हैरिस के विचार भी इस मैच जैसे ही हैं। आखिर एक पुरुष को एक महिला को मारने की इजाजत कैसे दी जा सकती है। यह बकवास है। सभी लीडर्स को इसकी आलोचना करनी चाहिए।” टेस्ला के CEO इलॉन मस्क ने भी एंजेला का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खेल में पुरुषों की कोई जगह नहीं है। वहीं इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी अपने देश की खिलाड़ी एंजेला का समर्थन किया है। दूसरी तरफ, ओलिंपिक कमेटी ने मामले में सफाई दी है। IOC ने अपने बयान में कहा, “खलीफी IBA के अचानक और मनमाने फैसले का शिकार हुई हैं। पिछले साल जब वर्ल्ड चैंपियनशिप खत्म होने की कगार पर थी, तब अचानक उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। यह फैसले IBA के CEO ने लिया था।” जेंडर टेस्ट क्या होता है?
खेलों में जेंडर टेस्ट किसी खिलाड़ी का लिंग परीक्षण करने के लिए किया जाता है। इसमें किसी एथलीट में मेल हार्मोन का लेवल पता किया जाता है। संबंधित एथलीट में पुरुष प्रधान हार्मोन तय मात्रा से ज्यादा होने पर उसे प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया जाता है। यह खबर भी पढ़ें… 46 सेकेंड में मैच से हटीं इटली की महिला बॉक्सर:जेंडर टेस्ट में फेल अल्जीरियाई बॉक्सर से सामना था, सोशल मीडिया पर बहस- पुरुष को क्यों उतारा पेरिस ओलिंपिक में महिला बॉक्सिंग के एक मैच पर विवाद शुरू हो गया है। ये मुकाबला गुरुवार को इटली की एंजेला कैरिनी और अल्जीरिया की इमान खलीफ के बीच हो रहा था। एंजेला सिर्फ 46 सेकेंड में ही मैच से हट गईं और इस मुकाबले में इमान को जीत दी गई। पूरी खबर पढ़ें…
वहीं ट्रम्प की पार्टी से उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने कहा, “जेंडर को लेकर कमला हैरिस के विचार भी इस मैच जैसे ही हैं। आखिर एक पुरुष को एक महिला को मारने की इजाजत कैसे दी जा सकती है। यह बकवास है। सभी लीडर्स को इसकी आलोचना करनी चाहिए।” टेस्ला के CEO इलॉन मस्क ने भी एंजेला का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खेल में पुरुषों की कोई जगह नहीं है। वहीं इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी अपने देश की खिलाड़ी एंजेला का समर्थन किया है। दूसरी तरफ, ओलिंपिक कमेटी ने मामले में सफाई दी है। IOC ने अपने बयान में कहा, “खलीफी IBA के अचानक और मनमाने फैसले का शिकार हुई हैं। पिछले साल जब वर्ल्ड चैंपियनशिप खत्म होने की कगार पर थी, तब अचानक उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया। यह फैसले IBA के CEO ने लिया था।” जेंडर टेस्ट क्या होता है?
खेलों में जेंडर टेस्ट किसी खिलाड़ी का लिंग परीक्षण करने के लिए किया जाता है। इसमें किसी एथलीट में मेल हार्मोन का लेवल पता किया जाता है। संबंधित एथलीट में पुरुष प्रधान हार्मोन तय मात्रा से ज्यादा होने पर उसे प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया जाता है। यह खबर भी पढ़ें… 46 सेकेंड में मैच से हटीं इटली की महिला बॉक्सर:जेंडर टेस्ट में फेल अल्जीरियाई बॉक्सर से सामना था, सोशल मीडिया पर बहस- पुरुष को क्यों उतारा पेरिस ओलिंपिक में महिला बॉक्सिंग के एक मैच पर विवाद शुरू हो गया है। ये मुकाबला गुरुवार को इटली की एंजेला कैरिनी और अल्जीरिया की इमान खलीफ के बीच हो रहा था। एंजेला सिर्फ 46 सेकेंड में ही मैच से हट गईं और इस मुकाबले में इमान को जीत दी गई। पूरी खबर पढ़ें…