रिलेशनशिप- 25% कामगारों की पसंद हाइब्रिड वर्किंग:3 दिन ऑफिस, 2 दिन घर से काम, बढ़ती प्रोडक्टिविटी, घटता रेजिग्नेशन रेट: वर्कप्लेस सर्वे

पूरे सप्ताह में आपका सबसे पसंदीदा और बेकार दिन कौन सा है? यही जानने के लिए ब्रिटिश मार्केट रिसर्च और डेटा एनालिस्ट फर्म YouGOV ने एक सर्वे किया। सर्वे में शामिल सिर्फ 4% लोगों ने सोमवार को अपना पसंदीदा दिन बताया। शुक्रवार, शनिवार और रविवार पसंदीदा दिनों की लिस्ट में सबसे आगे थे। लेकिन जब उनसे सप्ताह के सबसे बेकार दिन के बारे में पूछा गया तो 60% लोगों ने सोमवार का नाम लिया। ऑफिस जाने वाले लोगों के लिए सोमवार किसी बुरे सपने से कम नहीं होता। शनिवार के सुकून और रविवार की मस्तियों के बाद ऑफिस जाना पड़े तो वह दिन ‘बेकार’ की लिस्ट में शुमार होगा ही। लेकिन वर्किंग क्लास वालों ने सोमवार के इस डर का इलाज ढूंढ लिया है। यह है ऑफिस वर्किंग का नया चलन, यानी ‘हाइब्रिड वर्किंग’। नई रिसर्च बताती है कि हाइब्रिड वर्किंग कंपनी और एम्पलॉई दोनों के लिए फायदेमंद होती है। आज वर्कप्लेस रिलेशनशिप में नए हाइब्रिड वर्क कल्चर को समझने की कोशिश करेंगे। दुनिया का हर चौथा एम्पलॉई हाइब्रिड मोड में करता काम 2023 में भारत समेत 37 देशों के 40 हजार वर्कर्स पर हुए ‘वर्किंग फ्रॉम होम अराउंड द ग्लोबः2023’ सर्वे के मुताबिक दुनिया में हर चौथा एम्पलॉई हाइब्रिड मोड में काम कर रहा है। साथ ही दिनोंदिन हाइब्रिड मोड में काम करने वाले एम्पलॉइज की संख्या बढ़ती जा रही है। हाइब्रिड वर्किंग में कम होते इस्तीफे, संस्थान को फायदा कोविड-19 के दौर में वर्क फ्रॉम होम का चलन बढ़ा। शुरुआत में इसे कंपनियों के लिए फायदेमंद बताया गया क्योंकि घर से काम करने की वजह से ऑफिस मेन्टेन करने का मोटा खर्च बच रहा था। लेकिन लॉकडाउन के खत्म होते ही वर्क फ्रॉम होम का दौर भी बीत गया। वर्क फ्रॉम होम को घटती प्रोडक्टिविटी, टीम अप्रोच और नए आइडियाज में कमी से जोड़कर देखा जाने लगा। दूसरी ओर, लॉकडाउन में वर्क फ्रॉम होम का फायदा उठा चुके एम्पलॉई दोबारा ऑफिस वर्किंग के लिए मेंटली तैयार नहीं थे। ऐसे में दुनिया भर के दफ्तरों में हाइब्रिड वर्किंग का चलन शुरू हुआ, जिसे भविष्य का मेन वर्किंग कल्चर बताया जा रहा है। हाइब्रिड वर्किंग का मतलब है, कुछ दिन काम घर से तो कुछ दिन दफ्तर जाकर करना। लेकिन दफ्तर के नियम-कायदों और जरूरत के मुताबिक इसके भी कई प्रकार विकसित हुए हैं। आमतौर पर 4 तरह की हाइब्रिड वर्किंग देखी जाती है- ‘वर्किंग फ्रॉम होम अराउंड द ग्लोबः 2023’ रिपोर्ट के मुताबिक हाइब्रिड वर्किंग से कंपनी और एम्पलॉइज को ये फायदे हो सकते हैं- हाइब्रिड मोड की सबसे बड़ी खासियत है फ्लेक्सिबिलिटी एक इंटरव्यू में फेसबुक के सीईओ और को-फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने हाइब्रिड मोड को फ्यूचर वर्किंग कल्चर बताया। उन्होंने कहा कि अपनी फ्लेक्सिबिलिटी के चलते हाइब्रिड वर्किंग कंपनियों और एम्पलॉइज के लिए बेहतर चॉइस साबित हो रही है। हाइब्रिड मोड में 5 डे वर्किंग के दौरान सामान्यतः 3 दिन ऑफिस और 2 दिन घर से काम किया जाता है। लेकिन यह नियम सख्त नहीं होता। यहां जरूरत के मुताबिक ऑफिस आने या घर से काम करने वाले दिनों की संख्या घटाई-बढ़ाई जा सकती है। मसलन, दफ्तर में जरूरी मीटिंग हो या किसी खास प्रोजेक्ट में लगे हों तो ऑफिस जाने वाले दिनों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसी तरह अकेले में शांति और सुकून के साथ रूटीन वर्क करने के लिए वर्क फ्रॉम होम वाले दिनों को बढ़ाया जा सकता है। काम के घंटे और प्रोडक्टिविटी के बीच अंतर समझना जरूरी कुछ महीने पहले इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति के एक बयान को लेकर काफी हंगामा हुआ। दरअसल, नारायण मूर्ति ने हफ्ते में 70 घंटे काम करने की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि अगर आपको प्रोडक्टिविटी बढ़ानी है तो सप्ताह में 70 घंटे काम करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अपनी जवानी में वे भी सप्ताह में 85 से 90 घंटे काम किया करते थे। इस बयान को लेकर दुनिया भर में उनका विरोध हुआ। यह विरोध न सिर्फ कामगारों की तरफ से था बल्कि कई बड़ी कंपनियों के सीईओ ने भी इस तरह के दमघोंटू वर्क कल्चर को प्रोडक्टिविटी के लिए नुकसानदेह बताया। अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आज से 30-40 साल पहले मैनुअल वर्क के जमाने में काम के घंटे और प्रोडक्टिविटी का भले सीधा संबंध हुआ करता था, लेकिन आज ऐसा नहीं है। जो काम इंसान कई घंटों में करते हैं, उसे मशीन चंद सेकेंड में पूरा कर देती है। इसलिए अब महत्व क्रिएटिविटी और नए इनोवेटिव आइडियाज का है। इसके लिए दफ्तर में 12-15 घंटे रुकने या सातों दिन आने की जरूरत नहीं। कंप्यूटर टेक्नॉलॉजी के इस युग में काम के घंटे और प्रोडक्टिविटी का सीधा संबंध नहीं है। यह भी संभव है कि दफ्तर में 10 घंटे गुजारने वाला एम्पलॉई कामचोरी कर रहा हो और दूसरा एम्पलॉई घर बैठे-बैठे कोई ऐसा काम कर जाए तो कंपनी के लिए काफी फायदेमंद साबित हो।